JDU के राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कुल 8 एजेंडों पर चर्चा की गई। इस बैठक में ललन सिंह को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया और उन्हें अध्यक्ष पद के सभी अधिकारों को दिया गया। इस बैठक के एजेंडे में संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष के लिए भी JDU के संविधान में संशोधन किया गया है। पहले से राष्ट्रीय अध्यक्ष ही संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष होते थे। लेकिन संशोधन में ये साफ किया गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी को मनोनीत कर सकते है। अभी, उपेंद्र कुशवाहा JDU संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष है। वही, जातीय जनगणना और जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर भी प्रस्ताव पास किए गए। इसमें JDU ने अपने पुरानी बातों को फिर से दोहराया है।
क्या है ये एजेंडे, आइए जानते हैं…
- 1 प्रस्ताव – राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने पर राष्ट्रीय परिषद ने मुहर लगा दी। वहीं, रामचंद्र प्रसाद सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण योगदान के प्रति आभार व्यक्त और उनके कार्यकाल की प्रशंसा पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी के फैसले का अनुमोदन किया गया।
- 2 प्रस्ताव – पार्टी संविधान में संशोधन किया गया। राष्ट्रीय परिषद में यह प्रस्ताव किया गया कि संविधान की धारा 28 में आवश्यक संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया जाए जिसमें JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष होंगे या किसी को अध्यक्ष मनोनीत करने के साथ सदस्यों का मनोनयन करेंगे।
- 3 प्रस्ताव– राष्ट्रीय परिषद ने आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में NDA के साथ समुचित हिस्सेदारी के आधार पर चुनाव लड़ने की पहल करने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को अधिकृत किया गया है।
- 4 प्रस्ताव -इस प्रस्ताव में जातीय आधार पर जनगणना को रखा गया है। पार्टी के प्रस्ताव में कहा गया कि आवश्यक है कि केंद्र सरकार जाति आधारित जनगणना कराकर सभी जातियों का वास्तविक आंकड़ा सार्वजनिक करें। जिससे सुविधा विहीन और विकास से वंचित जातियों को उनकी आबादी के अनुरूप साधन एवं सुविधा मुहैया हो सके। जनगणना समाज और सरकार सबके हित में होगी और इससे हमारी संसदीय लोकतंत्र मजबूत होगा।
- 5 प्रस्ताव – राष्ट्रीय परिषद की मांग है कि जस्टिस रोहिणी आयोग की सिफारिशों को सार्वजनिक किया जाए ताकि बिहार की तर्ज पर अत्यंत पिछड़े वर्गों को सामाजिक शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रयासों को अधिक बल मिल सके।
- 6 प्रस्ताव – जनसंख्या नियंत्रण के लिए शिक्षित कन्या-सुखी परिवार के बिहार मॉडल को जनसंख्या कम करने का लक्ष्य बनाने का प्रस्ताव रखा गया। JDU किसी कठोर नियंत्रण अथवा किसी नकारात्मक नतीजों वाले प्रयास के बजाय जागरूकता अभियान एवं बालिका शिक्षा के विस्तार के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि को कम करने का समर्थन करता है।
- 7 प्रस्ताव – मेडिकल परीक्षाओं में की गई आरक्षण व्यवस्था का स्वागत किया गया । पार्टी का मानना है कि इसमें पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए 27% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए 10% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। इससे वंचित समूह को सामाजिक न्याय एवं विशेष अवसर मिलेंगे। इस प्रोत्साहन से चिकित्सा सेवा क्षेत्र में समानता उपलब्ध कराने के प्रयास में सफलता मिलेगी।
- 8 प्रस्ताव -इस में शोक प्रकाश लाया गया। जिसमें नेताओं के निधन पर शोक व्यक्त किया गया।
केसी त्यागी बोले- सामाजिक समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी
केसी त्यागी ने कहा है कि जो बातें दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुई थी। उन सब एजेंटों पर मोहर लगाई जाएगी और उत्तर प्रदेश और मिजोरम में जिस तरीके से विधानसभा के चुनाव होने हैं उसमें अपने उम्मीदवारों को उतारने को लेकर भी बातें होंगी, जिसमें मिजोरम में जनता दल यूनाइटेड अपने कैंडिडेट उतारेगी। वहीं उत्तर प्रदेश में बात चल रही है। BJP के साथ गठबंधन करके उम्मीदवारों को उतारने की बात होगी या नहीं यह भी तय किया जाएगा। साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के विभिन्न मुद्दों के सामाजिक समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी।

शनिवार को हुई बैठक में जातिगत जनगणना के प्रस्ताव पर भी सर्वसम्मति से लगी थी मुहर
बता दें कि शनिवार को जदयू के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। डेढ़ घंटे चली इस बैठक में जातिगत जनगणना के प्रस्ताव पर भी सर्वसम्मति से मुहर लगी थी। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा था- ‘अब पूरे देश में जातिगत जनगणना की मांग उठ रही है। यह होनी चाहिए। जम्मू कश्मीर ने भी इस मांग का समर्थन किया है।’ अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव पर उन्होंने कहा- ‘मणिपुर में JDU अपने बलबूते चुनाव लड़ेगी। UP में NDA गठबंधन के साथ ही पार्टी चुनाव लड़ना चाहती है







