जातीय जनगणना को लेकर नीतीश कुमार बिहार की सियासत पर लगातार शतरंज की चालें चल रहे हैं। बिहार सरकार में शामिल BJP को उन्होंने ‘शह’ दी है, अब यह भाजपा और उन पर है कि किसकी ‘मात’ होती है। राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा- ‘BJP की तरफ से भी नेता PM नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए दिल्ली चलेंगे। उनकी तरफ से नाम तय किया जा रहा है और जल्द नाम सामने आ जाएगा।’
वहीं, BJP के नेताओं का कहना है, ‘पार्टी की तरफ से नाम तय नहीं किया गया है। 23 तारीख को जातीय जनगणना को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।’ CM नीतीश कुमार और उनके साथ सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को 23 अगस्त सुबह 11 बजे का समय दिया गया है।
CM ने कहा- ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जातीय जनगणना को लेकर जो प्रतिनिधिमंडल मिलेगा, उनकी सूची पत्र में ही भेज दी गई थी। BJP के लोग भी अपनी तरफ से नाम तय कर रहे हैं। अंतिम रूप से जो सूची बनेगी उसे प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा।’ दिल्ली में होने वाली मुलाकात में तेजस्वी यादव के जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा- ‘तेजस्वी यादव भी साथ जाएंगे। मानसून सत्र के दौरान ही तेजस्वी यादव के साथ विपक्ष के कई नेताओं ने मुझसे मुलाकात की थी और अपनी बातें रखी थी। उन लोगों ने जातीय जनगणना कराने को लेकर प्रस्ताव रखा था, जिस पर हमने कहा था कि यह होनी चाहिए। इसके बाद प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया। उनसे मिलने का समय मांगा गया। उनसे मुलाकात का समय मिलने की जानकारी सभी को दे दी गई है।’
वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि कुलपतियों की कार्यप्रणाली को लेकर राज्यपाल ने विचार विमर्श पर बुलाया था। राजद के विवाद पर कहा कि ये उनका अंदरूनी मामला है।
नीतीश तय करेंगे कौन-कौन जाएगा साथ: BJP
BJP के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल कहते हैं- ‘खुशी की बात है कि PM नरेंद्र मोदी ने CM नीतीश कुमार को जातीय जनगणना पर बात करने के लिए बुलाया है। नीतीश कुमार बिहार के CM हैं। वह तय करेंगे कि उनके प्रतिनिधिमंडल में कौन जाएगा। ये बातें सरकार स्तर पर तय हुई है। 23 अगस्त को यह भी तय हो जाएगा कि जातीय जनगणना पर राज्य और केंद्र की क्या नीति है। इस पर जो लोग राजनीति कर रहे हैं, उनका मुंह बंद हो जाएगा।’
हालांकि जातीय जनगणना को लेकर BJP ने संसद में स्पष्ट कर दिया था कि यह नहीं होगी।
पूरे महीने जातीय जनगणना पर बिहार में सियासत रही गर्म
- 2 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को CM नीतीश कुमार ने चिट्ठी लिखी।
- 7 अगस्त: RJD ने सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया।
- 13 अगस्त: तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।
- 13 अगस्त : तेजस्वी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा- “2019 में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जातीय जनगणना कराने का ठोस आश्वासन दिया था। बिहार के लोगों ने 40 लोकसभा सीटों में से 39 सीटे भाजपा गठबंधन को दीं। इसके बावजूद PM मोदी 10 दिनों से CM नीतीश कुमार को मिलने का वक्त नहीं दे रहे हैं। वह बिहार के मुख्यमंत्री का अपमान कर रहे हैं’।
- 14 अगस्त: प्रधानमंत्री कार्यालय से लेटर मिलने की पावती आई। बताया गया कि आपका लेटर मिल गया है।
- 16 अगस्त: जनता दरबार के बाद भी CM नीतीश कुमार ने कहा था- “जो मैंने चिट्ठी लिखी थी वो PM को मिल गई है। अब इसको लेकर कोई हड़बड़ी नहीं है। जब उन्होंने चिट्ठी स्वीकार कर लिया है तो वो बुलाएंगे भी। हम इसका इंतजार करेंगे। जातीय जनगणना से सिर्फ बिहार जैसे राज्य को ही फायदा नहीं होगा, इससे सभी राज्यों को फायदा हो जाएगा। हमें उम्मीद है PM हमारी बातों को सुनेंगे और उस पर विचार करेंगे। हम वेट करेंगे, कोई नई बात नहीं कहेंगे। प्रधानमंत्री को जब समय मिलेगा वह बुलाएंगे।’
- 18 अगस्त: मुस्कुराते हुए नीतीश कुमार ने कहा- “जल्द सूचना आएगी। मुझे पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिलने के लिए बुलाएंगे।







