Warning: getimagesize(https://ubindianews.com/wp-content/uploads/2021/08/politics.jpg): Failed to open stream: HTTP request failed! HTTP/1.1 404 Not Found in /home/oglinuxc/ubindianews.com/wp-content/plugins/easy-social-share-buttons3/lib/modules/social-share-optimization/class-opengraph.php on line 612
  • होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय
  • होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय

राजनीतिक सर्कस में नायक के साथ खलनायक और ढेर सारे विदूषक भी होते…………

UB India News by UB India News
August 1, 2021
in Lokshbha2024, खास खबर, ब्लॉग, राजनीति
0
राजनीतिक सर्कस में नायक के साथ खलनायक और ढेर सारे विदूषक भी होते…………

RELATED POSTS

समृद्धि यात्रा में आज दरभंगा दौरे पर सीएम नीतीश, 145 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

अरिजीत सिंह ने अचानक लिया संन्यास……………

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

राजनीति का सर्कस भी अजीबोगरीब होता है। आम सर्कस में सिर्फ नायक और जांबाज ही होते हैं‚ लेकिन राजनीतिक सर्कस में नायक के साथ खलनायक और ढेर सारे विदूषक भी होते हैं। कहना गलत न होगा कि राजनीतिक सर्कस में कालखंड विशेष के मूल्यांकन के वक्त अनेक नायक जोकर की तरह दिखते हैं‚ और खलनायक नायक के रूप में। ये सारे तत्व और तथ्य मिल कर ही राजनीतिक इतिहास रचते हैं। जाने माने पत्रकार संतोष भारतीय की हाल में प्रकाशित पुस्तक ‘वीपी सिंह‚ चंद्रशेखर‚ सोनिया गांधी और मैं’ भी ऐसी एक किताब है‚ जो लगभग तीन दशक की आधुनिक राजनीति में सितारों के उदय और पतन की कथा से पाठकों को रूबरू कराती है। वे वीपी सिंह‚ चंद्रशेखर और सोनिया गांधी जैसे दिग्गज नेताओं के माध्यम से उस अलिखित आधुनिक राजनीति के इतिहास और उठा–पटक से पाठकों को तथ्य और सत्य के साथ रूबरू कराते हैं।
राजनीति का यह कालखंड‚ खासकर सातवें दशक के मध्य से नवें दशक के अंत तक‚ काफी उखाड़–पछाड़ का रहा है। कांग्रेस इसी कालखंड में संसदीय राजनीति के अपने चरमोत्कर्ष को प्राप्त करती है। गैर–कांग्रेसवाद ने इस काल में राजनीतिक विचारधाराओं की प्रतिबद्धताओं को दरकिनार करते हुए एकजुट होने को मजबूर कर दिया था। दक्षिणपंथी और वामपंथी एक साथ कदमताल करते देखे गए। हांलाकि १९६७ में नक्सलबाड़ी किसान विद्रोह के बाद देश में आजादी के प्रति मोहभंग की शुरुआत हुई। उसके बाद कुछ राज्यों में संविद सरकारें बनी थीं। लेकिन गैर–कांग्रेसवाद ने इस कालखंड में सभी सीमाएं पार कर ली थीं। इस दौर में दो प्रधानमंत्री ऐसे भी हुए जिनमें से एक को संसद का सामना किए बिना ही विदा होना पड़ा। इन सारे घटनाक्रम को भारतीय ने अपनी पुस्तक में करीने से रखा है‚ और खलनायकों की पहचान भी की है। वैसे अभी आजादी के बाद भारत का राजनीतिक इतिहास लिखने की गंभीर कोशिशें नहीं हुई हैं। लेकिन जब भी ऐसा कोई गंभीर प्रयास होगा‚ उसमें इस कालखंड के लिए यह पुस्तक मूल स्रोत का काम करेगी। वजह यह है कि इस कालखंड की छिपी घटनाओं के बारे में कभी भी इनमें शामिल नायकों‚ खलनायकों और विदूषकों ने इस पर खुलकर बातचीत नहीं की। सरसरी तौर कहा जा सकता है कि यह संस्मरण की किताब है‚ लेकिन विपरीत इसके इतिहास का दस्तावेज भी है। संतोष भारतीय इस पूरे कालखंड में बतौर पत्रकार और सांसद उसके अंतःपुर में कैमरे की तरह मौजूद रहे। कई अहम फैसलों के भागीदार और प्रस्तावक भी रहे। पूरी किताब के केंद्र में विश्वनाथ प्रताप सिंह हैं। लेकिन इसमें चंद्रेशखर और सोनिया गांधी के अलावा उस दौर के अनेक नायक‚ खलनायक और विदूषक भी मौजूद हैं। इनमें राजीव गांधी‚ चौधरी चरण सिंह‚ मनमोहन सिंह‚ मोरारजी देसाई‚ देवीलाल‚ लालू प्रसाद यादव‚ मुलायम सिंह यादव‚ रामविलास पासवान आदि ऐसे किरदार हैं‚ जिन्होंने उस दौर में अपने–अपने तौर पर भूमिकाएं दर्ज कीं। उनकी लालसाओं और महात्वाकांक्षाओं का ब्योरेवार किताब में जिक्र है। राजीव गांधी से दुश्मनी और फिर सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वीपी सिंह का अभियान‚ कांशीराम और वीपी सिंह की मुलाकात‚ चंद्रशेखर की इंदिरा गांधी और अटलविहारी वाजपेयी की तुलना के संदर्भ में की गई टिप्पणी‚ राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन के बीच हुए मनमुटाव‚ देवीलाल का चंद्रशेखर को प्रधानमंत्री के नाम को लेकर अंतिम समय तक अंधेरे में रखने आदि घटनाओं की पर्दे के पीछे की पूरी कथा पुस्तक में हैं। किताब में ब्योरे तो ढेर सारे हैं‚ लेकिन उनके पीछे की कहानियों का भी सिलसिलेवार इसमें खुलासा हुआ है। इन कहानियों से हमारे जैसा पत्रकार‚ जो उस दौर में पत्रकारिता में सक्रिय था‚ भी अब तक अंजान था। तारीख–दर–तारीख जिस तरह से भारतीय ने इस किताब में तथ्यों को दर्ज किया है‚ और जिस तरह से किया है‚ वह किसी किस्सागोई से कम नहीं है। इसे अगर इतिहास कथा कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगा। इसी खासियत के चलते इस किताब की पठनीयता बढ़ जाती है। पूरी किताब में जिस तरह से तथ्यों और छिपी कहानियों को दर्ज किया गया है‚ उसी तरह यदि इस किताब में भारतीय आधुनिक राजनीति में पड़ने वाले उनके प्रभावों और दुष्प्रभावों का भी जिक्र करते चलते तो किताब बेमिसाल बन जाती। मौजूदा समय में जिस तरह संघ और भाजपा ने सांप्रदायिक और बंटवारे की जहरीली राजनीति खड़ी की है‚ उसके लिए कहीं न कहीं वीपी सिंह जिम्मेदार हैं। यह उनकी बड़ी राजनीतिक रणनीतिक असफलता थी। चुनाव के समय अधिक से अधिक भारतीय जनता पार्टी को टिकट देना उनकी इसी असफलता का उदाहरण है। किताब के तथ्यों का ही विश्लेषण करें तो वीपी सिंह का राजनीतिक व्यवहार एक राजा की ही तरह था। उनमें एक सामंती जिद्द थी। राजीव गांधी को झुकाने और हराने की। किताब के तथ्य यह भी बताते हैं कि वे असफल शासक थे। पूंजीवादी ताकतों के आगे असहाय हो गए थे। नतीजतन‚ उनको सत्ता से हाथ धोना पड़ा। आदर्शवादी भावुकता से राजनीति करने के कारण वह पूरे कालखंड में अवसरवादी राजनीति के खिलाडि़यों के हाथों खिलौना बने रहे॥। कुल मिलाकर संतोष भारतीय की यह किताब राजनीतिक दस्तावेज है। इसकी प्रमाणिकता इसलिए भी है कि वे उस दौर में हर घटना के आगे और पीछे मौजूद थे। पाठक इसे पढ़ते हुए रोमांचकारी राजनीतिक उपन्यास जैसा आनंद ले सकते हैं‚ और राजनीतिक सर्कस देखने का लुत्फ भी उठा सकते हैं। राजनीति के विद्याÌथयों के लिए यह एक जरूरी किताब है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

समृद्धि यात्रा में आज दरभंगा दौरे पर सीएम नीतीश, 145 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

समृद्धि यात्रा में आज दरभंगा दौरे पर सीएम नीतीश, 145 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

by UB India News
January 28, 2026
0

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आज वे दरभंगा पहुंचेंगे, जहां 105 करोड़ की 50 योजनाओं का शिलान्यास...

अरिजीत सिंह ने अचानक लिया संन्यास……………

अरिजीत सिंह ने अचानक लिया संन्यास……………

by UB India News
January 28, 2026
0

सुपरस्टार सिंगर अरिजीत सिंह के नए प्लेबैक गानों से दूरी बनाने के ऐलान ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में हलचल मचा...

अमेरिका का ईरान पर हमला पड़ सकता है भारी ………………..

ईरान-अमेरिका के बीच हर दिन के साथ बढ़ रहा तनाव ……………

by UB India News
January 28, 2026
0

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. फिलहाल दोनों देशों में सीधी जंग तो नहीं, लेकिन...

यूरोपीय बाजार में भारत की एंट्री से हिला संतुलन……..

यूरोपीय बाजार में भारत की एंट्री से हिला संतुलन……..

by UB India News
January 28, 2026
0

यूरोप के बाजार में भारत ने ऐसी एंट्री मारी है, जिसने दक्षिण एशिया और मिडिल ईस्ट के कई देशों की...

क्या केंद्र सरकार के किसी आदेश को नकार सकती है राज्य सरकार …………..

क्या केंद्र सरकार के किसी आदेश को नकार सकती है राज्य सरकार …………..

by UB India News
January 28, 2026
0

भारत के संघीय सिस्टम में पावर केंद्र और राज्यों के बीच बटी हुई है. संविधान में साफ तौर पर ऐसी...

Next Post
जेडीयू के लिए कल का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा…………

जेडीयू के लिए कल का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा............

विपक्ष का नेतृत्व और यूपी, बिहार में जाति की राजनीति

विपक्ष का नेतृत्व और यूपी, बिहार में जाति की राजनीति

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2025 ubindianews.com All Rights Reserved

MADE WITH ❤ BY AMBITSOLUTIONS.CO.IN

No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend