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तीनों धरना स्थल छावनी में तब्दील ,टिकैत आंदोलन समाप्त नहीं करने पर अड़े

गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान राजधानी में हुई हिंसा को लेकर सरकार एक्शन मोड़ में आ गई है। बृहस्पतिवार को प्रदर्शकारी किसानों के धरना स्थलों सिंघु‚ टिकरी व गाजीपुर बार्ड़रों पर बड़़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियों को तैनात कर दिया गया।

UB India News by UB India News
January 29, 2021
in Lokshbha2024, कृषि, खास खबर
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तीनों धरना स्थल छावनी में तब्दील ,टिकैत आंदोलन समाप्त नहीं करने पर अड़े
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गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद कमजोर लग रहा किसान आंदोलन एक बार फिर तेज होने लगा है. कृषि कानूनोंके खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर पर किसान जमा होने लगे हैं और कई राजनीतिक दलों ने किसानों का समर्थन किया है. गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद पुलिस बॉर्डरों को खाली करवा रही है. गाजीपुर बॉर्डर पर तनाव की स्थिति है. राकेश टिकैत ने कहा है कि वह आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे, आत्महत्या कर लेंगे. भारी पुलिसबल तैनात है.

गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद से किसानों के आंदोलन को लेकर पुलिस एक्शन में आ गई है. दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर पर गाजीपुर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए डटे किसानों से विरोध प्रदर्शन खत्‍म करने और रास्‍ता खाली करने को कहा गया. सूत्रों के अनुसार, आदेश देने वाले गाजियाबाद प्रशासन की योजना गुरुवार रात तक रास्‍ते को खाली करने की है. उधर किसानों ने इससे इनकार कर दिया, किसान नेता राकेश टिकैत ने ऐलान किया वे गोलियों का सामना करने के लिए तैयार हैं.

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प्रशासन की सख्ती के बाद वहां पर तीन कंपनी CAPF, 6 कंपनी PAC और 1000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत अपनी मांग पर अड़े रहे और उन्होंने भावुक होकर दो टूक कहा कि वह आत्महत्या कर लेंगे लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे. उनके इंटरव्यू के दौरान रोने का वीडियो भी सामने आया है. देखते ही देखते यह वीडियो पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई जिलों के गांवों में तेजी से फैलने लगा और किसानों ने उनका समर्थन करने का फैसला किया. देर रात में ही कई जिलों के किसान गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच गए. किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रात में ही सुरक्षाबल वहां से जाने लगे.

क‍िसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण तरीके से बैठकर विरोध करने को न्‍यायोचित बताया है. गाजीपुर बॉर्डर पर कोई हिंसा नहीं हुई, इसके बावजूद सरकार दमनकारी नीति अख्तियार कर रही है. यही यूपी सरकार का ‘चेहरा’ है. ‘ गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली और यूपी की पुलिस पहुंच गई थी. पुल‍िस ने गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों से आज सड़क खाली करने को कहा था. गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की वॉटर सप्लाई काट दी गई है. पुलिस ने यहां लगाए गए पोर्टेबल टॉयलेट भी हटाने शुरू कर दिए हैं

बता दें कि 26 जनवरी की घटना के बाद से कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को लेकर अस्थिरता फैली हुई है. गणतंत्र दिवस के दिन किसानों का ट्रैक्टर मार्च बेकाबू हो गया था, जिसके बाद आईटीओ, लालकिला और नांगलोई समेत दिल्ली के कई इलाकों में जमकर बवाल मचा. इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने 20 किसान नेताओं के खिलाफ नोटिस जारी करके पूछा है कि क्यों न आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए?

इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि पुलिस ने मामला दर्ज किया है, हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे. वीएमसिंह के जाने को लेकर टिकैत ने कहा कि उनके जाने से कोई फर्क नहीं पड़ा है, जो किसान 26 जनवरी के लिए आए थे, वो गए हैं. पुलिस जांच और वायरल वीडियो को लेकर टिकैत ने कहा कि मेरा जो वीडियो पुलिस ने दिखाया है, मैं उसका लिखित में जवाब दूंगा. ये पुराना वीडियो है. जब पुलिस के साथ बातचीत फाइनल नहीं हुई थी. ये मामला बातचीत से ही हल हो सकता है, पुलिस के जबरदस्ती हटाने से हल होने वाला नहीं है. 15-20 दिन में मामले को बातचीत से हल किया जाएगा.

44 किसान नेताओं के खिलाफलुक आउट सर्कुलर जारी हुआ है. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी जॉय टिर्की ने FRRO को LOC जारी करने का लेटर लिखा है. लेटर में डीसीपी ने 26 जनवरी हिंसा की समयपुर बादली में दर्ज हुई एफआईआर का जिक्र करते हुए कहा है कि ये सभी नेता जांच के दौरान देश से भागने की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए अगर ये ऐसा करें तो इन्हें तो तुरंत हिरासत में ले लिया जाए. इनमें राकेश टिकैत, मेधा पाटेकर, योगेंद्र यादव शामिल हैं.

राकेश टिकैत का इंटरव्यू के दौरान रोने का वीडियो भी सामने आया है. देखते ही देखते यह वीडियो पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई जिलों के गांवों में तेजी से फैलने लगा और किसानों ने उनका समर्थन करने का फैसला किया. देर रात में ही कई जिलों के किसान गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच गए. किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रात में ही सुरक्षाबल वहां से जाने लगे.

– सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है और लोग सड़क पर उतर गए हैं. इसके बाद सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. इसके बाद सिंघु बॉर्डर पर करीब 5-6 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. बता दें कि किसानों के आंदोलन के कारण सिंघु बॉर्डर 2 महीने से ज्यादा समय से बंद है.

– भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम प्रदर्शन स्थल खाली नहीं करेंगे, हम पहले अपने मुद्दों पर भारत सरकार से बात करेंगे.

– राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के नेता जयंत चौधरी गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे और राकेश टिकैत से मुलाकात की. कृषि कानूनों के खिलाफ यहां किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है.

– दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आज गाजीपुर बॉर्डर जाएंगे. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसान नेता राकेश टिकैत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से किसानों के लिए पानी आदि की सुविधा के लिए कहा था. मुख्यमंत्री के आदेश पर पूरे इंतजाम रात ही में हो गए थे. मैं आज बॉर्डर पर इसकी व्यवस्था देखने जाऊंगा.’

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर बैठे किसान नेता राकेश टिकैत जी ने मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal जी से किसानों के लिए पानी आदि की सुविधा के लिए कहा था. मुख्यमंत्री जी के आदेश पर पूरे इंतज़ाम रात ही में हो गए थे.
मैं आज सुबह बॉर्डर पर इसकी व्यवस्था देखने जाऊँगा.

राकेश टिकैट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केंजरीवाल से पानी, बिजली, स्वास्थ्य और राशन उपलब्ध कराने की अपील की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार से अपील है कि किसानों को आंदोलन स्थल पर पानी, बिजली, स्वास्थ्य, राशन की व्यवस्था करें.

दिल्ली की @ArvindKejriwal सरकार से अपील है किसानों को आंदोलन स्थल पर पानी, बिजली, स्वास्थ्य, राशन की व्यवस्था करें।

– दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, गाजीपुर बॉर्डर बंद है और एनएच 24, एनएच 9, रोड नंबर 56, 57 ए, कोंडली, पेपर मार्केट, टेल्को टी पॉइंट, ईडीएम मॉल, अक्षरधाम और निजामुद्दीन खट्टा से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया. इन रूट्स पर भार ट्रैफिक है.

– सिंघु, औचंदी, मंगेश, सबोली, पियाउ मनियारी सीमाएं बंद है और लामपुर, सफियाबाद, सिंघु स्कूल और पल्ला टोल सीमाओं पर ट्रैफिक चालू है, जबकि DSIDC नरेला के पास NH44 से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों कहा कि बाहरी रिंग रोड, GTK रोड और NH 44 पर जाने से बचें.

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