मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि एक माह में आंबेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों के 62 प्रतिशत शीघ्र भरे जाएं। शिक्षा विभाग के पदाधिकारी इस पूरे कार्य का मॉनिटरिंग करेंगे और समय सीमा में यह कार्य पूरा कर लिया जाए। यह मामला गंभीर है और माननीय सदस्य श्याम रजक की चिंता भी जायज है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह निर्देश अब बिहार विधानसभा के चलते सत्र में दी।
3456 पद स्वीकृत पद में से 2151 रिक्त
अल्पसूचित प्रश्न पूछते पूर्व मंत्री श्याम रजक ने सदन को जानकारी दी कि आंबेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों के 62 प्रतिशत पद रिक्त है हिस्से बच्चों की पढ़ाई बाधित है। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के लिए 3456 पद स्वीकृत है, लेकिन 1305 शिक्षक ही कार्यरत हैं। यानी कुल 2151 पर रिक्त हैं। साथ ही साथ उन स्कूलों में संगीत के शिक्षक भी नहीं है।
रिक्त पदों के लिए अधिसूचना बीपीएससी को भेजी गई
हालांकि मंत्री लखींद्र राम ने जवाब देते कहा कि कुल स्वीकृत पद 2406 पद में 1290 पद पर शिक्षक कार्यरत हैं। जहां तक संगीत शिक्षक की बात है तो 20 शिक्षक कार्यरत हैं। शेष रिक्त पदों के लिए अधिसूचना बीपीएससी को भेज देगी। एक समय सीमा के अनुकूल इन रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। विधायक श्याम रजक मंत्री के जवाब से असंतुष्ट थे। तब सभापति डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से प्रयास जारी है। उम्मीद कीजिये रिक्त पद भर दिए जाएंगे। बीपीएससी को भेजा जा चुका है। फिर भी श्याम रजक जब संतुष्ट नहीं दिखे तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद उठे और सदन को इस बात के लिए आश्वस्त किया। सीएम ने जवाब देने के क्रम में स्पष्ट निर्देश दिया कि एक माह में रिक्त पदों को भरा जाएगा जिसका मॉनिटरिंग शिक्षा विभाग के पदाधिकारी करेंगे।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए फॉर्मल ड्रेस कोड
एक अन्य प्रश्न के दौरान सदन में सरकार की ओर से ये जानकारी दी गई कि बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए फॉर्मल ड्रेस कोड लागू है। इसे प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर 20 जुलाई को भी सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
फॉर्मल ड्रेस कोड शालीन और पेशेवर होती है। पुरुषों के लिए अच्छी तरह से इस्त्री की हुई शर्ट-पैंट और पॉलिश किए हुए जूते शामिल हैं। महिलाओं के लिए, फॉर्मल सूट, सुरुचिपूर्ण ड्रेसेस, या अच्छी फिटिंग वाले ब्लाउज के साथ साड़ियां उपयुक्त हैं।







