बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। 5 दिनों तक चलने वाला सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला मानसून सत्र है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पैदल मार्च किया। विधानसभा परिसर में पोस्टर के साथ नारेबाजी की जा रही है। सत्र में वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों और विधायी कार्यों पर भी चर्चा होगी। भरत तिवारी एनकाउंटर, राबड़ी आवास खाली कराने जैसे मुद्दों को लेकर सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं।
विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे और विधान परिषद की कार्यवाही दोपहर 12 बजे शुरू होगी. यह सत्र 24 जुलाई तक चलेगा. इस मानसून सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. 23 जुलाई को इस बजट पर चर्चा होगी. इसके बाद सरकार सदन में अपना जवाब देगी. सरकार इस सत्र में कुल 13 अहम विधेयक भी पेश करेगी. इनमें बिहार नगर विकास विधेयक, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, बिहार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस विधेयक, बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, बिहार जीएसटी (संशोधन) विधेयक, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक और बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण बिल शामिल हैं.
सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शामिल होंगे या नहीं इसको लेकर संशय है। आरजेडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव मानसून सत्र में उपस्थित रहेंगे। हालांकि बीते कुछ दिनों से तेजस्वी यूरोप में हैं।
सत्र के दौरान पूरे हो रहे सम्राट सरकार के 100 दिन
सम्राट सरकार के 100 दिन इसी मानसून सत्र के समय पूरे हो रहे हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने शपथ ली थी। विपक्ष की तैयारी विभिन्न मुद्दों पर सम्राट सरकार को घेरने की है।
खास तौर से लॉ एंड ऑर्डर, भरत तिवारी एनकाउटर, बेरोजगारी, विकास योजनाओं, रिशु श्री मामले को विपक्ष ताकतवर तरीके से उठा सकता है।
सरकार के पास गिनाने के लिए कई विकासपरक योजनाएं हैं, जिसे गिना सकती है। महालेखापरीक्षक से प्राप्त रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखा जाएगा।
50 हजार करोड़ का पहला अनुपूरक बजट होगा पेश
चालू वित्तीय वर्ष में पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके जरिए सरकार विभिन्न विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड की मंजूरी देगी।
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट करीब 50 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर पर विशेष राशि दी जाएगी।
बिहार विधानसभा मानसून सत्र लाइवः
नीट पेपरलीक को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष के विधायकों ने पैदल मार्च किया। विधायकों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। नरेंद्र मोदी हाय-हाय, धर्मेंद्र प्रधान हाय-हाय के नारे लगाए जा रहे हैं। नीट पेपर लीक मामले में संसद में विरोध हो रहा है, वहीं इसकी आंच बिहार विधानसभा तक पहुंची है। विपक्ष के विधायक पोर्टिको में प्रदर्शन कर रहे हैं।
विधानसभा में विपक्ष का पैदल मार्च
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पैदल मार्च किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष ने विधानसभा परिसर में पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
मॉब लिंचिंग के खिलाफ भी प्रदर्शन
बिहार विधानसभा परिसर में मॉब लिंचिंग के खिलाफ भी प्रदर्शन किया गया। पोस्टर में अल्पसंख्यक के खिलाफ मॉब लिंचिंग बंद करने की मांग की गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विधानसभा पहुंचे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में शामिल होने के लिए विधानसभा पहुंचे. विधानसभा परिसर पहुंचने पर अधिकारियों और विधायकों ने उनका स्वागत कियाय. सम्राट चौधरी सरकार के कार्यकाल का यह पहला मानसून सत्र है, जिसे राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है. इस सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. साथ ही 13 महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सदन में लाने की तैयारी है. सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं
विस अध्यक्ष प्रेम कुमार पहुंचे सदन
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सत्र की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली. कुछ ही देर में विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी, जिसमें सरकार कई अहम विधेयक और वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी.
कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में विपक्ष
इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. सरकार जहां अपने विधेयकों और बजट को पास कराने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था, बाढ़, शिक्षा, रोजगार और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है.







