बिहार एआई का हब बनेगा। इसके लिए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, सर्वम और को-रोवर जैसी बड़ी कंपनियां बिहार की मदद करेंगी। शीघ्र ही इन कंपनियों के साथ बिहार सरकार का एमओयू होगा। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बैठक में करीब 47 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार सरकार ने राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एआई आधारित पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए चार प्रमुख तकनीकी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया है। इनमें गूगल क्लाउड इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, सर्वम तथा कोरोवर शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि समझौतों के तहत सरकारी अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए एआई से जुड़े पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे तथा प्रशिक्षकों को भी तैयार किया जाएगा। राज्य के शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इन समझौतों से स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा सुरक्षित डिजिटल ढांचे, डेटा सुरक्षा, क्लाउड नीति निर्माण और नागरिक सेवाओं के लिए एकीकृत डेटा मंच विकसित करने में सहयोग मिलेगा।
राज्य सरकार ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए एक लाख करोड़ का ऋण लेगी। राज्य मंत्रिपरिषद ने राज्य के शहरी और पर्यटन विकास को नई गति देने वाले दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। एक ओर ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए हडको से ₹एक लाख करोड़ के दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था का रास्ता साफ किया गया है। वहीं दूसरी ओर पर्यटन अवसंरचना के विकास हेतु ₹5 हजार करोड़ के वित्तपोषण के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कैबिनेट ने राज्य में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास हेतु हडको के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति दी है। दीर्घकालिक ऋण प्राप्त कर टाउनशिप क्षेत्रों में सुनियोजित अवसंरचना और आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे निजी निवेश आकर्षित होंगे। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा आसपास के क्षेत्रों का समग्र आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा। वहीं, बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत पर्यटकीय आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को हडको एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से राज्य सरकार की गारंटी पर ₹5 हजार करोड़ तक का वित्तपोषण प्राप्त करने की मंजूरी दी गई है। वहीं रोहतास जिले के डेहरी में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के रूप विकसित किया जाएगा। यह राज्य की 12 वीं सैटेलाइट टाउनशिप होगी।
रोहतास जिले के डेहरी में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के रूप विकसित किया जाएगा। यह राज्य की 12 वीं सैटेलाइट टाउनशिप होगी। इस निर्णय के बाद डेहरी में टाउनशिप का विकास भूमि क्रय, भूमि अधिग्रहण एवं टाउनशिप प्लानिंग स्कीम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा।
उधर, सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर व भागलपुर आयोजना क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी दी गयी। यहां नये टाउनशिप के विकास तेजी से संभव होगा।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिन रोजगार
राज्य मंत्रिपरिषद ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत-जी राम जी योजना, बिहार-2026 के अनुरूप नई बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के गठन को मंजूरी दी है। इसके पहले मंत्रिमंडल ने महात्मा गांधी नरेगा के तहत गठित बिहार ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद को निरस्त कर दिया। परिषद योजना के क्रियान्वयन से जुड़े मामलों में सरकार को परामर्श देगी।
तथा निगरानी एवं शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करेगी। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र परिवार को वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी। साथ ही तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति की शक्तियों का विकेंद्रीकरण कर योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन का किया गया है।