पूर्वांचल को सीमांचल से जोड़ने वाली लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर रविवार की रात काल बनकर आई. गंगा की लहरों के बीच खड़ा सेतु का पिलर नंबर 133 पहले धीरे-धीरे बैठा और फिर देखते ही देखते जोरदार आवाज के साथ गंगा की कोख में समा गया. घटना रविवार रात 11:55 बजे शुरू हुई, जब पिलर में कंपन महसूस किया गया और रात 1:07 बजे तक स्लैब का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया. गनीमत रही कि पुलिस की तत्परता से समय रहते आवाजाही रोक दी गई थी, वरना सैकड़ों जिंदगियां गंगा की गहराई में समा सकती थीं. पिलर में गड़बड़ी की आहट मिलते ही सेतु पर तैनात पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए. तत्काल वरीय अधिकारियों को वायरलेस पर सूचना दी गई. रात के सन्नाटे में जब स्लैब गिरा, तो उसकी गूंज दूर तक सुनाई दी. सूचना मिलते ही रेंज आईजी विवेक कुमार ने कमान संभाली और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव व नवगछिया एसपी को ट्रैफिक मुकम्मल तौर पर रोकने का निर्देश दिया. प्रशासन ने आनन-फानन में घोघा, सबौर और जगदीशपुर में ही भारी वाहनों को रोक दिया, जिससे शहर के भीतर जाम की स्थिति भयावह न हो.
बिहार के 16 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट:आकाशीय बिजली से 11 लोगों की मौत………..
बिहार में मानसून एक्टिव है। मौसम विभाग ने आज 16 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों...







