बिस्फी विधानसभा क्षेत्र बिहार के मधुबनी जिले में आता है और यह मधुबनी लोकसभा सीट का हिस्सा है। इस क्षेत्र का निर्वाचन क्षेत्र संख्या 35 है। बिस्फी विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1967 में हुई थी और अब तक 14 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो इस सीट पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने 5 बार, कांग्रेस 4 बार, राजद और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2-2 बार जीत हासिल की है। 2020 के विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा के हरिभूषण ठाकुर ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी, उन्होंने राजद के फैयाज़ अहमद को लगभग 10,282 वोटों से हराया था।
2020 के चुनाव में भाजपा के हरिभूषण ठाकुर को 86,574 वोट मिले जबकि राजद के फैयाज़ अहमद को 76,333 वोट मिले। इस सीट का चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और राजद के बीच होता रहा है। 2015 में फैयाज़ अहमद ने राजद के पक्ष में जीत हासिल की थी। वोटिंग प्रतिशत आमतौर पर 50% से ऊपर रहता है।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी बिस्फी सीट पर भाजपा और राजद के बीच कड़ी मुकाबला होने की संभावना है, जहां वर्तमान विधायक हरिभूषण ठाकुर पुनः चुनाव मैदान में हो सकते हैं और राजद से फैयाज़ अहमद उनके मुकाबले में मुख्य चेहरा होंगे। इस सीट पर जातीय और सामाजिक समीकरण, स्थानीय विकास मुद्दे और पार्टी की प्रात्मिकता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
संक्षेप में, बिस्फी विधानसभा सीट पर 2025 का चुनाव भाजपा और राजद के बीच ही मुख्य मुकाबले में रहने के आसार हैं, जहां पिछली बार भाजपा के पक्ष में झुकाव देखने को मिला था पर राजद भी मजबूत कोशिश कर रहा है.
बिस्फी सीट का चुनावी इतिहास
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यह सीट मधुबनी जिले में आती है और मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान है।
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2020 में हरिभूषण ठाकुर (भाजपा) ने फैयाज अहमद (राजद) को 10,241 वोटों के अंतर से हराया था।
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2015 और 2010 में राजद के फैयाज अहमद ने जीत दर्ज की थी।
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सीट का राजनीतिक इतिहास कांग्रेस, वाम दल, राजद और भाजपा के उतार-चढ़ाव से गुजरता रहा है।
| साल | विजेता | पार्टी | वोट शेयर/अंतर |
|---|---|---|---|
| 2020 | हरिभूषण ठाकुर | भाजपा | 86,574 (10,241 वोट) |
| 2015 | फैयाज अहमद | राजद | 70,975 (35,325 वोट) |
| 2010 | डॉ. फैयाज अहमद | राजद | 47,169 (9,501 वोट) |
| 2005 | गौतम सिंह | जद(यू) | 38,002 (16,810 वोट) |
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मौजूदा विधायक: हरिभूषण ठाकुर (भाजपा)
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मुख्य प्रतिद्वंदी: फैयाज अहमद (राजद)
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जातिगत समीकरण में यादव, मुस्लिम, सामान्य, ओबीसी और सवर्ण का मिश्रित प्रभाव है।
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इलाके में ग्रामीण मुद्दे और पलायन चुनावी चर्चा में प्रमुख हैं।
निष्कर्ष
2025 के चुनावी माहौल में भाजपा के हरिभूषण ठाकुर और राजद के फैयाज अहमद के बीच कड़ा मुकाबला तय है, लेकिन पिछले दो चुनावों और भाजपा के क्षेत्रीय जमीनी समर्थन को देखते हुए भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है। सीट के जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे अंतिम परिणामों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
सर्वे परिणामों के अनुसार, बिस्फी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 31% मुस्लिम मतदाता हैं, जिनका पारंपरिक रूप से भाजपा समर्थन कम रहता है। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां राजद पर मतों की बढ़त कम की है। स्थानीय जनता विशेष रूप से बेरोजगारी, बाढ़, जर्जर सड़कें, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं को लेकर चिंतित है। युवा रोजगार की तलाश में पुलिस शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। विकास और रोजगार ही इस क्षेत्र के चुनावी माहौल को निर्धारित करने वाले प्रमुख मुद्दे हैं।
संक्षेप में, बिस्फी सीट पर स्थानीय विकास, भली-भांति काम न होने वाली सरकारी सुविधाओं और रोजगार के अभाव के मुद्दे चुनाव में चर्चा का केंद्र हैं, जबकि सांप्रदायिक तनाव को लेकर भी स्थानीय मतदाता चिंता व्यक्त कर रहे हैं.





