प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह गुजरात के हंसलपुर में मारुति सुजुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) ‘ई-विटारा’ को हरी झंडी दिखाई. इसके साथ ही 100 से अधिक देशों के लिए इसके निर्यात की औपचारिक शुरुआत हो गई है. इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि यह ऐतिहासिक पहल भारत के हरित परिवहन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने को दर्शाती है और साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है. इस उपलब्धि के साथ, भारत अब सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बन जाएगा.
इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में तोशिबा, डेन्सो और सुजुकी के संयुक्त उद्यम, टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी प्लांट में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड का स्थानीय उत्पादन शुरू होगा। इससे बैटरी का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब देश में ही बनेगा, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा और विनिर्माण लक्ष्यों को बढ़ावा देगा।
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जनवरी 2025 में भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में ‘ई-विटारा’ को प्रदर्शित किया था। कंपनी की चार भारतीय इकाइयों की कुल वार्षिक क्षमता 26 लाख यूनिट है और वित्त वर्ष 25 में इसने 3.32 लाख वाहनों का निर्यात किया और घरेलू बाजार में 19.01 लाख यूनिट बेचे। ‘ई-विटारा’ का वाणिज्यिक उत्पादन मंगलवार से हंसलपुर प्लांट में शुरू होगा।
इस उपलब्धि के साथ, भारत अब सुजुकी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बन जाएगा।
ये पहल सरकार के भारत को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, उन्नत विनिर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास में वैश्विक केंद्र बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। यह हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अलावा, रेलवे के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी लगभग 1,400 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिसमें 65 किमी महेसाना-पालनपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए 530 करोड़ रुपए की परियोजना शामिल है।







