पटना में सीएम नीतीश की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. कुल 26 एजेंडे पर मुहर लगी है. किसान सलाहकारों पर सरकार ने ध्यान देते हुए उनका मानदेय बढ़ाया है. वर्ष 2025-26 से किसान सलाहकार के मानदेय जो पहले से 13000 रुपये था अब उसे 8000 बढ़ाकर 21000 किया जाएगा . इसमें सरकार को 67 करोड़ 87 लाख 10 हजार 736 ए खर्च होंगे जिसकी निकासी एवं व्यय के लिए आज कैबिनेट में मुहर लगी है.
जन वितरण दुकानदारों कमीशन बढ़ाने की कैबिनेट में मंजूरी मिली है. केंद्र और राज्य मिलाकर पहले पहले द 211. 40 रुपये प्रति क्विंटल मिलते थे, जिसमें 47 रुपया राज्य सरकार राज योजना के अंतर्गत डीलर कमीशन की सहायता को लेकर बढ़ा दिया है. जो अब बिहार के जन वितरण दुकानदारों को प्रति क्विंटल 258 .40 रुपये मिलेंगे. इसके लिए आज कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है.
बता दें कि हर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होती है. इस बार भी 10.30 बजे सीएम नीतीश की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक हुई. मंत्रिपरिषद् की बैठक सूचना भवन के संवाद कक्ष में हुई.
चुनाव से ठीक पहले बिहार की राजनीति में सिर्फ नारों और वादों की गूंज नहीं है, बल्कि अब उद्योग और रोजगार पर भी फोकस बढ़ गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बड़ा ऐलान करते हुए “बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025” (BIPPP-2025) लॉन्च किया है. सरकार का दावा है कि यह पैकेज न सिर्फ उद्योगों को मजबूती देगा, बल्कि अगले पांच सालों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार दिलाने का रास्ता भी खोलेगा.
यही नहीं, सरकार ने निवेशकों को लुभाने के लिए जमीन पर भी बड़ा फैसला किया है. 100 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली और 1000 से ज्यादा नौकरियां देने वाली कंपनियों को 10 एकड़ तक जमीन मुफ्त दी जाएगी. अगर निवेश 1000 करोड़ से ज्यादा है तो यह जमीन 25 एकड़ तक होगी. यहां तक कि फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ तक की जमीन मुफ्त मिलेगी.
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना होगा. यानी आने वाले दो साल बिहार के औद्योगिक भविष्य को तय करने वाले होंगे. चुनावी गर्मी के बीच यह पैकेज नीतीश कुमार का बड़ा दांव माना जा रहा है.
पटना में सीएम नीतीश की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. कुल 26 एजेंडे पर मुहर लगी है. किसान सलाहकारों पर सरकार ने ध्यान देते हुए उनका मानदेय बढ़ाया है. वर्ष 2025-26 से किसान सलाहकार के मानदेय जो पहले से 13000 रुपये था अब उसे 8000 बढ़ाकर 21000 किया जाएगा . इसमें सरकार को 67 करोड़ 87 लाख 10 हजार 736 ए खर्च होंगे जिसकी निकासी एवं व्यय के लिए आज कैबिनेट में मुहर लगी है.
जन वितरण दुकानदारों कमीशन बढ़ाने की कैबिनेट में मंजूरी मिली है. केंद्र और राज्य मिलाकर पहले पहले द 211. 40 रुपये प्रति क्विंटल मिलते थे, जिसमें 47 रुपया राज्य सरकार राज योजना के अंतर्गत डीलर कमीशन की सहायता को लेकर बढ़ा दिया है. जो अब बिहार के जन वितरण दुकानदारों को प्रति क्विंटल 258 .40 रुपये मिलेंगे. इसके लिए आज कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है.
बता दें कि हर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होती है. इस बार भी 10.30 बजे सीएम नीतीश की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक हुई. मंत्रिपरिषद् की बैठक सूचना भवन के संवाद कक्ष में हुई.
चुनाव से ठीक पहले बिहार की राजनीति में सिर्फ नारों और वादों की गूंज नहीं है, बल्कि अब उद्योग और रोजगार पर भी फोकस बढ़ गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बड़ा ऐलान करते हुए “बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025” (BIPPP-2025) लॉन्च किया है. सरकार का दावा है कि यह पैकेज न सिर्फ उद्योगों को मजबूती देगा, बल्कि अगले पांच सालों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार दिलाने का रास्ता भी खोलेगा.
यही नहीं, सरकार ने निवेशकों को लुभाने के लिए जमीन पर भी बड़ा फैसला किया है. 100 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली और 1000 से ज्यादा नौकरियां देने वाली कंपनियों को 10 एकड़ तक जमीन मुफ्त दी जाएगी. अगर निवेश 1000 करोड़ से ज्यादा है तो यह जमीन 25 एकड़ तक होगी. यहां तक कि फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ तक की जमीन मुफ्त मिलेगी.
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना होगा. यानी आने वाले दो साल बिहार के औद्योगिक भविष्य को तय करने वाले होंगे. चुनावी गर्मी के बीच यह पैकेज नीतीश कुमार का बड़ा दांव माना जा रहा है.







