बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले 2 जुलाई यानि बुधवार को पटना के ज्ञान भवन में बीजेपी की अहम बैठक चल रही है. बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बक्सर के पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चौबे को मंच पर जगह नहीं मिलने का मामला चर्चा का विषय बन गया है. बताया जा रहा है कि अश्विनी चौबे मंच पर चढ़े, लेकिन जब उन्हें बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली तो वह मंच से घूमकर बैठक से बाहर निकल गए. हालांकि, चौबे ने इस बात को खारिज करते हुए कहा कि वह केवल नेताओं से मिलने आए थे और मंच पर जगह न मिलने का कोई सवाल ही नहीं उठता.
जानकारी के अनुसार, यह बैठक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणनीति तैयार करने के लिए बुलाई गई थी, जिसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन किया. बैठक में बीजेपी के करीब 900 नेता, विधायक, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष मौजूद थे. सूत्रों के मुताबिक, अश्विनी चौबे, जो लंबे समय से बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार में पार्टी के ब्राह्मण चेहरों में से एक रहे हैं, मंच पर पहुंचे, लेकिन वहां उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं थी. बता दें, 2024 के लोकसभा चुनाव में चौबे को बक्सर से टिकट नहीं दिया गया था. चौबे ने हालांकि इस घटना को तूल न देने की कोशिश की.
न्यूज़ 18 से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं केवल नेताओं से मिलने और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने आया था. मंच पर जगह न मिलने की बात गलत है. मैंने स्वेच्छा से बैठक में हिस्सा लिया और अपने काम से निकल गया.”इसी बीच बताया यह भी जा रहा है कि अश्विनी चौबे को पटना के BIA में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जाना था. इसलिए वह बैठक से पहले ही निकल गए. बता दें, हाल ही में अश्विनी चौबे ने नीतीश कुमार को उप-प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा जताई थी.







