पाकिस्तान के आदमपुर एयरबेस को तबाह करने के दावे के बीच मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां पहुंचे। PM ने यहां ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जवानों से बातचीत की और सफल एयर स्ट्राइक को लेकर बधाई भी दी।
PM आदमपुर एयरबेस पर करीब एक घंटे तक रहे। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें पोस्ट की। इनमें जवानों को संबोधित करते हुए तस्वीर भी थी, तस्वीर में पीएम मोदी के पीछे एस-400 मिसाइल सिस्टम साफ नजर आ रहा था जिससे यह भी साबित हो गया कि पाकिस्तान का एस-400 मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत था।
PM की पोस्ट की गई एक फोटो में राफेल भी दिख रहा था। इसके साथ उन्होंने X पर लिखा- ‘आज सुबह मैं वायुसेना स्टेशन आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मिला। साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता के प्रतीक लोगों के साथ रहना एक बहुत ही विशेष अनुभव था। भारत हमारे सशस्त्र बलों के प्रति हमेशा आभारी है, जो हमारे देश के लिए सब कुछ करते हैं।’
इससे पहले सोमवार शाम को प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राष्ट्र के नाम संबोधन में तीनों सेनाओं के जवानों की तारीफ की थी।
आदमपुर एयरबेस पर PM और जवानों के फोटोज




पाकिस्तान ने कहा था- आदमपुर एयरबेस को नुकसान पहुंचाया 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर के नाम से एयर स्ट्राइक कर 100 से ज्यादा आतंकी ढ़ेर कर दिए। इसके बाद पाकिस्तान ने भी ड्रोन, रॉकेट और मिसाइलों से अटैक करना शुरू कर दिया।
हालांकि भारतीय सेना एयर डिफेंस सिस्टम ने इन्हें हवा में ही ढेर कर दिया। हालांकि, 10 मई को पाकिस्तान ने दावा किया कि उनके फाइटर जेट JF-17 से दागी गई हाइपरसोनिक मिसाइल ने आदमपुर में भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को बर्बाद कर दिया है।
हालांकि, इसी दिन कर्नल सोफिया कुरैशी ने विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कर दिया था कि यह दावा झूठा है।
दूसरा सबसे बड़ा एयरफोर्स स्टेशन आदमपुर एयरबेस आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन पंजाब में जालंधर से तकरीबन 21 किलोमीटर दूर है। यह उत्तर भारत में बने मिलिट्री एयरबेस में दूसरा सबसे बड़ा एयरफोर्स स्टेशन है। यहां से इंडो-पाक बॉर्डर 100 किलोमीटर दूर है। आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय एयरफोर्स की 47वीं स्क्वॉड्रन तैनात है। इसे एयरफोर्स का मिग-29 का बेस भी माना जाता है। यहां की स्क्वॉड्रन को ब्लैक आर्चर के नाम से जाना जाता है।
1965 की जंग में पाकिस्तान ने उतारे थे कमांडो आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन ने 1965 के युद्ध में अहम रोल निभाया था। 6 सितंबर 1965 को पाकिस्तानी एयरफोर्स ने पंजाब के पठानकोट, आदमपुर और हलवारा (लुधियाना) एयरफोर्स स्टेशन के एरिया में हमला किया था। आदमपुर और हलवारा एरिया में भारतीय वायुसेना ने इस हमले को पूरी तरह नाकाम कर दिया था।
इसके अगले दिन, 7 सितंबर को पाकिस्तानी वायुसेना ने आदमपुर, पठानकोट और हलवारा में अपने 135 विशेष कमांडो भी पैराशूट से उतारे थे। भारतीय फौज ने इनका पूरी ताकत से सामना किया। जिसका नतीजा ये रहा कि 135 में से सिर्फ 10 कमांडो ही वापस पाकिस्तान जा पाए थे। बाकी कमांडो या तो मारे गए या फिर भारतीय फौज ने लोगों की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।







