प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान पीएम ने जींद में देश की पहली हाईड्रोजन ट्रेन की हरी झंडी देकर रवाना किया है. जींद से सोनीपत के बीच में यह ट्रेन चलेगी, जिसका किराया पांच से 26 रुपये रखा गया है. इस ट्रेन से शून्य प्रदूषण होगा. वहीं, 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज इस पवित्र धरती पर आकर मन गदगद हो गया है। आज जींद बीजेपी-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो इसका असर भारत पर भी पड़ता है, क्योंकि इसी समुद्री मार्ग से देश में पेट्रोल, डीजल और खाद समेत कई जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति होती है।
उन्होंने कहा कि यदि 2014 से पहले ऐसी स्थिति पैदा होती, तो देश का रेलवे नेटवर्क गंभीर संकट में आ जाता, क्योंकि उस समय रेलवे का बड़ा हिस्सा डीजल इंजनों पर निर्भर था। ऐसे में यदि डीजल की आपूर्ति बाधित हो जाती, तो ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हो सकता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा, “यह 2014 से पहले वाला भारत नहीं है। यह नया भारत है। यह मोदी है, जो बहुत पहले सोचता भी है और समस्याओं के समाधान को समय रहते जमीन पर भी उतारता है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में रेलवे के बिजलीकरण की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी। यानी 1925 से लेकर 2014 तक करीब 90 वर्षों में देश के रेल नेटवर्क का केवल 30 प्रतिशत ही बिजलीकृत हो पाया था, जबकि 70 प्रतिशत हिस्सा अब भी डीजल इंजनों पर निर्भर था।
उन्होंने कहा कि अगर उसी रफ्तार से काम चलता रहता, तो पूरे रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत बिजलीकरण होने में करीब 200 वर्ष और लग जाते। लेकिन पिछले 12 वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब देश के करीब 99 प्रतिशत रेल नेटवर्क का बिजलीकरण पूरा हो चुका है, जिससे रेलवे की डीजल पर निर्भरता काफी कम हो गई है। डीजल का संकट होने के बावजूद भारत की रेल रुकी नहीं है। ट्रेन निरंतर चलती रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह हाल ही में इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा से लौटे हैं। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। एक विषय ऐसा भी है, जिसकी ज्यादा चर्चा नहीं हुई। भारत, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों के साथ मिलकर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेलों से जुड़े कई अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करेगा।
उन्होंने कहा कि इन सहयोगों का सबसे अधिक लाभ हरियाणा के युवाओं और खिलाड़ियों को मिलेगा। केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय खेल नीति, खेलो इंडिया अभियान और ओलंपिक की तैयारियों के लिए खिलाड़ियों को हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई है। वहीं हरियाणा की भाजपा सरकार भी राज्य में खेलों और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहन दे रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- फिलहाल यह ट्रेन करीब 90 किलोमीटर के रूट पर चलेगी, लेकिन भविष्य में इसके विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। हम लगातार शोध करते रहेंगे, ताकि इसकी लागत कम हो और इसकी दक्षता (एफिशिएंसी) बढ़ाई जा सके।
दुनिया में अभी केवल तीन-चार देशों के पास ही हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने की क्षमता है और वहां भी यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है। ऐसे में भारत की हाइड्रोजन तकनीक और क्षमता पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसकी क्षमता 3200 हॉर्सपावर है। इसके साथ ही यह परिचालन दूरी के लिहाज से भी दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन सेवाओं में से एक है। इस हाइड्रोजन ट्रेन को भारत के ही इंजीनियर्स ने डिजाइन किया है, भारत की ही कंपनी ने इसे बनाया है। अब जींद में और इंफ्रोस्ट्रक्चर बढ़ेगा। और कंपनियां आएंगी।
मोदी ने कहा- आज 14 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के अन्य प्रोजेक्ट भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे के, हाईवे के अनेक प्रोजेक्ट हैं। विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट हैं और दो नए मेडिकल कॉलेज भी समर्पित हैं। यहां के नौजवानों के लिए डॉक्टर व अन्य मेडिकल प्रोफेशनल बनने के रास्ते खुलेंगे।
साथियो, आज मैं जींद और पूरे हरियाणा के लोगों की एक और बात के लिए विशेष रूप से सराहना करना चाहता हूं। आपने स्वच्छता के इस अभियान को जिस गंभीरता और उत्साह के साथ अपनाया है, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। यहां के लोग नई ऊर्जा के साथ सफाई अभियान में जुटे हैं, जिसे देखकर मन प्रसन्न हो जाता है।
पिछले एक हफ्ते से मैं सोशल मीडिया पर लगातार यहां चल रहे सफाई अभियान की तस्वीरें और वीडियो देख रहा था। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि “मोदी जी, आप बार-बार जींद आइए, ताकि सफाई अभियान ऐसे ही चलता रहे।”
वह आज जींद के लोगों से कुछ मांगने आए हैं। क्या स्वच्छता और सफाई के लिए मोदी का आना ही जरूरी है? अगर जींद के लोग खुद ठान लें, तो मोदी के आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
PM ने कहा- शक्तिपीठ माता जयंती का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। मेरे लिए तो जींद आना पुरानी यादों का झरोखा खोलने जैसा है। मैं बैठे-बैठे कई पुराने व परिचित चेहरे देख रहा था। कई दशक पहले मैं संगठन के काम से पहली जींद आया था। फिर आप लोगों ने मुझे जो अपनत्व व प्रेम दिया, वो आज तक मैं भूला नहीं हूं। मुर्रा भैंस का दूध-दही और घी। जींद का देसी बूरा और यहां का घेवर…ये वो यादें हैं जो जींद से जुड़ ही जाती हैं।
आज जींद और पूरे हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आज इसी धरती से देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। साथियों, आज भी हम पढ़ते और सुनते हैं कि भारत की पहली ट्रेन बॉम्बे (मुंबई) से ठाणे के बीच चली थी। उसी तरह भविष्य में जब भी देश में हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत का जिक्र होगा, तब जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी गर्व के साथ लिया जाएगा।
PM ने 8 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन-शिलान्यास किया
– भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन। – कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का उद्घाटन। – पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज, भिवानी का उद्घाटन। – महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल, नारनौल का उद्घाटन। – दिल्ली-अमृतसर-कटरा हाईवे (हरियाणा सेक्शन –157.92 किमी) का उद्घाटन। – अंबाला-काला अंब नेशनल हाईवे का उद्घाटन। – जींद-गोहाना नेशनल हाईवे का उद्घाटन। – सिख संग्रहालय, कुरुक्षेत्र का शिलान्यास। हांसी-बरवाला नेशनल हाईवे का उद्घाटन।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान पीएम ने जींद में देश की पहली हाईड्रोजन ट्रेन की हरी झंडी देकर रवाना किया है. जींद से सोनीपत के बीच में यह ट्रेन चलेगी, जिसका किराया पांच से 26 रुपये रखा गया है. इस ट्रेन से शून्य प्रदूषण होगा. वहीं, 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज इस पवित्र धरती पर आकर मन गदगद हो गया है। आज जींद बीजेपी-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो इसका असर भारत पर भी पड़ता है, क्योंकि इसी समुद्री मार्ग से देश में पेट्रोल, डीजल और खाद समेत कई जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति होती है।
उन्होंने कहा कि यदि 2014 से पहले ऐसी स्थिति पैदा होती, तो देश का रेलवे नेटवर्क गंभीर संकट में आ जाता, क्योंकि उस समय रेलवे का बड़ा हिस्सा डीजल इंजनों पर निर्भर था। ऐसे में यदि डीजल की आपूर्ति बाधित हो जाती, तो ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हो सकता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा, “यह 2014 से पहले वाला भारत नहीं है। यह नया भारत है। यह मोदी है, जो बहुत पहले सोचता भी है और समस्याओं के समाधान को समय रहते जमीन पर भी उतारता है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में रेलवे के बिजलीकरण की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी। यानी 1925 से लेकर 2014 तक करीब 90 वर्षों में देश के रेल नेटवर्क का केवल 30 प्रतिशत ही बिजलीकृत हो पाया था, जबकि 70 प्रतिशत हिस्सा अब भी डीजल इंजनों पर निर्भर था।
उन्होंने कहा कि अगर उसी रफ्तार से काम चलता रहता, तो पूरे रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत बिजलीकरण होने में करीब 200 वर्ष और लग जाते। लेकिन पिछले 12 वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब देश के करीब 99 प्रतिशत रेल नेटवर्क का बिजलीकरण पूरा हो चुका है, जिससे रेलवे की डीजल पर निर्भरता काफी कम हो गई है। डीजल का संकट होने के बावजूद भारत की रेल रुकी नहीं है। ट्रेन निरंतर चलती रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह हाल ही में इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा से लौटे हैं। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। एक विषय ऐसा भी है, जिसकी ज्यादा चर्चा नहीं हुई। भारत, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों के साथ मिलकर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेलों से जुड़े कई अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करेगा।
उन्होंने कहा कि इन सहयोगों का सबसे अधिक लाभ हरियाणा के युवाओं और खिलाड़ियों को मिलेगा। केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय खेल नीति, खेलो इंडिया अभियान और ओलंपिक की तैयारियों के लिए खिलाड़ियों को हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई है। वहीं हरियाणा की भाजपा सरकार भी राज्य में खेलों और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहन दे रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- फिलहाल यह ट्रेन करीब 90 किलोमीटर के रूट पर चलेगी, लेकिन भविष्य में इसके विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। हम लगातार शोध करते रहेंगे, ताकि इसकी लागत कम हो और इसकी दक्षता (एफिशिएंसी) बढ़ाई जा सके।
दुनिया में अभी केवल तीन-चार देशों के पास ही हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने की क्षमता है और वहां भी यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है। ऐसे में भारत की हाइड्रोजन तकनीक और क्षमता पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसकी क्षमता 3200 हॉर्सपावर है। इसके साथ ही यह परिचालन दूरी के लिहाज से भी दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन सेवाओं में से एक है। इस हाइड्रोजन ट्रेन को भारत के ही इंजीनियर्स ने डिजाइन किया है, भारत की ही कंपनी ने इसे बनाया है। अब जींद में और इंफ्रोस्ट्रक्चर बढ़ेगा। और कंपनियां आएंगी।
मोदी ने कहा- आज 14 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के अन्य प्रोजेक्ट भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे के, हाईवे के अनेक प्रोजेक्ट हैं। विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट हैं और दो नए मेडिकल कॉलेज भी समर्पित हैं। यहां के नौजवानों के लिए डॉक्टर व अन्य मेडिकल प्रोफेशनल बनने के रास्ते खुलेंगे।
साथियो, आज मैं जींद और पूरे हरियाणा के लोगों की एक और बात के लिए विशेष रूप से सराहना करना चाहता हूं। आपने स्वच्छता के इस अभियान को जिस गंभीरता और उत्साह के साथ अपनाया है, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। यहां के लोग नई ऊर्जा के साथ सफाई अभियान में जुटे हैं, जिसे देखकर मन प्रसन्न हो जाता है।
पिछले एक हफ्ते से मैं सोशल मीडिया पर लगातार यहां चल रहे सफाई अभियान की तस्वीरें और वीडियो देख रहा था। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि “मोदी जी, आप बार-बार जींद आइए, ताकि सफाई अभियान ऐसे ही चलता रहे।”
वह आज जींद के लोगों से कुछ मांगने आए हैं। क्या स्वच्छता और सफाई के लिए मोदी का आना ही जरूरी है? अगर जींद के लोग खुद ठान लें, तो मोदी के आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
PM ने कहा- शक्तिपीठ माता जयंती का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। मेरे लिए तो जींद आना पुरानी यादों का झरोखा खोलने जैसा है। मैं बैठे-बैठे कई पुराने व परिचित चेहरे देख रहा था। कई दशक पहले मैं संगठन के काम से पहली जींद आया था। फिर आप लोगों ने मुझे जो अपनत्व व प्रेम दिया, वो आज तक मैं भूला नहीं हूं। मुर्रा भैंस का दूध-दही और घी। जींद का देसी बूरा और यहां का घेवर…ये वो यादें हैं जो जींद से जुड़ ही जाती हैं।
आज जींद और पूरे हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आज इसी धरती से देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। साथियों, आज भी हम पढ़ते और सुनते हैं कि भारत की पहली ट्रेन बॉम्बे (मुंबई) से ठाणे के बीच चली थी। उसी तरह भविष्य में जब भी देश में हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत का जिक्र होगा, तब जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी गर्व के साथ लिया जाएगा।
PM ने 8 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन-शिलान्यास किया
– भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन। – कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का उद्घाटन। – पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज, भिवानी का उद्घाटन। – महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल, नारनौल का उद्घाटन। – दिल्ली-अमृतसर-कटरा हाईवे (हरियाणा सेक्शन –157.92 किमी) का उद्घाटन। – अंबाला-काला अंब नेशनल हाईवे का उद्घाटन। – जींद-गोहाना नेशनल हाईवे का उद्घाटन। – सिख संग्रहालय, कुरुक्षेत्र का शिलान्यास। हांसी-बरवाला नेशनल हाईवे का उद्घाटन।





