ADVERTISEMENT
Thursday, July 16, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

भारत की राजनीति और संसदीय इतिहास में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन बिल ……….

UB India News by UB India News
July 16, 2026
in BREAK, Breaking News, केंद्रीय राजनीती, सांसद
0
भारत की राजनीति और संसदीय इतिहास में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन बिल ……….

RELATED POSTS

बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ आज से शुरू, सरकारी विद्यालयों में मुफ्त होगी JEE और NEET की तैयारी

आज इस्कॉन मंदिर से निकलेगी प्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
यह बात इसी साल बस 3 महीने पहले की ही है. अप्रैल में संसद का विशेष सत्र चल रहा था, जब महिला आरक्षण और नई सीटों के परिसीमन बिल के लिए भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने पूरा जोर लगा दिया. लोकसभा में संविधान संशोधन बिल (131वें संशोधन) के मुद्दे पर वोटिंग के दौरान सरकार जरूरी दो तिहाई बहुमत जुटा पाने में नाकाम रही थी. अब 20 जुलाई से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र से पहले सरकार ने एक बार फिर से महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लागू करने के लिए कमर कसकर तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए लोकसभा में ताजा समीकरण तैयार होने लगा है. नंबर गेम के लिए पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र और तमिलनाडु तक नजर है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह अब किसी भी कीमत पर महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन बिल को पास करवाने की तैयारी में हैं. इसके साथ ही वन नेशन वन इलेक्शन यानी एक देश और एक चुनाव का प्रस्ताव भी आ सकता है. इसको भारत की राजनीति और संसदीय इतिहास में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. इस प्रस्ताव के तहत सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी और लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 तक पहुंच जाएगी. खास बात यह रहेगी कुल बढ़ी हुई सीटों में से 33 फीसदी एक तिहाई सीटें यानी कि 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगी.
सरकार की पूरी तैयारी है कि 2029 में होने वाला लोकसभा चुनाव इसी नए बिल और नए परिसीमन के आधार पर लड़ा जाएगा. अभी फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि सरकार के पास समर्थन के लिए जरूरी संख्या बल आएगा कैसे? संसद का आगामी सत्र देश की राजनीति और विधायी इतिहास के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संख्या बल का जो खेल पिछले कुछ महीनों से चल रहा था, वह अब एक नए मोड़ पर आ खड़ा हुआ है. आइए समझते हैं कि क्यों दो-तिहाई का यह आंकड़ा इतना महत्वपूर्ण है और पिछले तीन महीनों में ऐसा क्या बदला जिसने पूरे समीकरण को पलट कर रख दिया है?
क्यों इतना महत्वपूर्ण है दो-तिहाई का आंकड़ा?
किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों में पास कराने के लिए दो बड़े पड़ावों को पार करना होता है. पहला नियम है- विधेयक को सदन की कुल सदस्य संख्या के आधे से अधिक का समर्थन मिलना अनिवार्य है. दूसरा नियम है कि मतदान के समय सदन में उपस्थित और वोट करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई समर्थन मिलना जरूरी है.
यही वह मोर्चा था, जहां सरकार इस साल अप्रैल में चूक गई थी. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के नए परिसीमन और विस्तार के बाद महिलाओं को आरक्षण देने के प्रावधान वाले संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े थे, जबकि विरोध में 230 वोट आए. मतदान में कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया था, जिसके चलते विशेष बहुमत के लिए दो-तिहाई का आंकड़ा 352 होना जरूरी था. पक्ष में 298 वोट होने के बावजूद सरकार विशेष बहुमत के आंकड़े से 54 वोट पीछे रह गई और विधेयक गिर गया. इस हार ने साफ कर दिया कि एनडीए सामान्य विधेयकों को तो आसानी से पास करा सकता है लेकिन संविधान संशोधन के लिए उसके पास जरूरी जादुई आंकड़ा नहीं था.
तो अप्रैल से अब तक क्या-क्या बदल गया?
पिछले तीन महीनों में देश का पॉलिटिकल सिनेरियो दिलचस्प तरीके से बदला है. दिलचस्प बात यह है कि यह बदलाव किसी नए आम चुनाव के कारण नहीं बल्कि दलबदल, पार्टियों में टूट, बदलते गठबंधनों और संसद में खाली हुई सीटों के कारण आया है. इन घटनाक्रमों ने जहां एक तरफ एनडीए को मजबूत किया है, वहीं विपक्ष की ताकत को लगातार समेटा है. आइए समझते हैं कि ये कैसे हुआ?
  1. तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट
    सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल से सामने आया है. विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने पार्टी से अलग होकर नेशनल कॉमन पीपल्स इनिशिएटिव (NCPI) का गठन किया है और एनडीए को समर्थन देने का इरादा जताया है. अगर सत्र शुरू होने से पहले स्पीकर इस विलय को औपचारिक रूप से मंजूरी दे देते हैं तो लोकसभा में सत्ताधारी गठबंधन की ताकत में बंपर इजाफा होगा और विपक्ष अपने एक बड़े हिस्से को गंवा देगा.
  2. शिवसेना (UBT) को झटका
    महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों ने पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है, जो एनडीए का हिस्सा है. इन सांसदों को मान्यता मिलते ही वे विपक्ष की बेंच से उठकर सत्तापक्ष की कतार में शामिल हो जाएंगे.
  3. एनसीपी (SP) का संकेत अहम
    महाराष्ट्र की एक और प्रमुख पार्टी और विपक्षी खेमे का मजबूत धड़ा एनसीपी (शरद पवार गुट) की तरफ से भी भाजपा के फेवर वाले संकेत मिल रहे हैं. एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि अगर 50 प्रतिशत सीट की बढ़ोत्तरी को राज्य के मौजूदा सीट के हिसाब से किया गया तो उसपर आपत्ति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक बिल देख नहीं लेते हैं तब तक समर्थन नहीं करेंगे. अगर इस गुट का समर्थन मिलता है तो 8 सांसद और भी बढ़ जाएंगे.
  4. तमिलनाडु में DMK पर जोर
    एक दशक से भी ज्यादा पुराना कांग्रेस-डीएमके गठबंधन टूट चुका है, जिसने विपक्षी राजनीति की धुरी को हिलाकर रख दिया है. हालांकि डीएमके आधिकारिक तौर पर एनडीए में शामिल नहीं हुई है लेकिन INDIA ब्लॉक से उसके बाहर होने का मतलब है कि विपक्ष अब उसके 22 लोकसभा सांसदों के समर्थन को तय मानकर नहीं चल सकता है. एक्सपर्ट्स का तो यहां तक कहना है कि डीएमके चुनिंदा विधेयकों पर बीजेपी को को मुद्दा आधारित समर्थन दे सकती है.
  5. राज्यसभा का सुधरा अंकगणित
    हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों और राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों के कारण एनडीए की स्थिति मजबूत हुई है. लोकसभा के विपरीत, जहां सांसद सीधे चुने जाते हैं, राज्यसभा में राज्यों की विधानसभाओं के जरिए सदस्य आते हैं. हाल के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीतों ने राज्यसभा में उसकी सीटों की संख्या बढ़ाई है, जिससे सरकार की वह बड़ी बाधा दूर हो रही है जो लंबे समय से उसके फैसलों को रोकती थी.
अब दो-तिहाई के कितने करीब है NDA?
एनडीए अभी अप्रैल की तुलना में बेहद मजबूत स्थिति में है लेकिन अभी भी वह अपने दम पर पूर्ण विशेष बहुमत की गारंटी से थोड़ा दूर है. लोकसभा में मौजूदा स्थिति की बात करें तो एनडीए के पास वर्तमान में लगभग 293 सांसद हैं. हालांकि नया समीकरण भी है. टीएमसी के अगर 20 बागी और शिवसेना (UBT) के 6 पूर्व सांसद इसमें जुड़ते हैं तो यह आंकड़ा 319 तक पहुंच जाता है. इसके साथ ही डीएमके के 22 सांसद भी चुनिंदा मुद्दों पर सरकार के साथ आते हैं, तो एनडीए का आंकड़ा 341 तक जा सकता है. एनसीपी (शरद पवार) गुट के 8 सांसदों के आने से भी बल मिलेगा और नंबर 349 तक पहुंच सकता है.
वॉकआउट और एब्सेंट रहने की सियासत! 
हालांकि अभी भी यह बहुमत के लिए जरूरी दो-तिहाई यानी 352 सांसदों के आंकड़े से कम ही है. ऐसा माना जा रहा है कि विपक्षी क्षेत्रीय दलों के कुछ और सांसदों को तोड़ने के साथ ही वोटिंग के समय अनुपस्थित रहने और वॉकआउट की रणनीति पर काम कर सकती है. इसके लिए भाजपा की नजरें झारखंड की झामुमो और ओडिशा की बीजू जनता दल पर टिकी है.
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ आज से शुरू, सरकारी विद्यालयों में मुफ्त होगी JEE और NEET की तैयारी

बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ आज से शुरू, सरकारी विद्यालयों में मुफ्त होगी JEE और NEET की तैयारी

by UB India News
July 16, 2026
0

बिहार सरकार ने राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक और तकनीक से जोड़ने की दिशा में...

आज इस्कॉन मंदिर से निकलेगी प्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

आज इस्कॉन मंदिर से निकलेगी प्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

by UB India News
July 16, 2026
0

पटना इस्कॉन से आज प्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। दोपहर 1 बजे विशेष पूजा और महाआरती होगी। दोपहर...

बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवीश का एनकाउंटर

बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवीश का एनकाउंटर

by UB India News
July 16, 2026
0

पटना के बंटी यादव अपहरण-मर्डर केस का मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रवीश उर्फ बसिया गुरुवार को पटना में पुलिस...

जगन्नाथ रथ यात्रा : आस्था, समरसता और गतिशील जीवन का महापर्व…………

जगन्नाथ रथ यात्रा : आस्था, समरसता और गतिशील जीवन का महापर्व…………

by UB India News
July 16, 2026
0

पुरी में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है। तीनों...

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे हमलों के बीच रूस क्यों हुआ एक्टिव , क्यों भेजा ‘कयामत का विमान’………………

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे हमलों के बीच रूस क्यों हुआ एक्टिव , क्यों भेजा ‘कयामत का विमान’………………

by UB India News
July 16, 2026
0

रूस ने तेहरान के इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक 'टुपोलेव Tu-214PU' एयरबोर्न कमांड पोस्ट भेजा, जिसे अक्सर 'डूम्सडे प्लेन'...

Next Post
फीफा विश्वकप में 24 साल बाद इंग्लैंड-अर्जेंटीना आमने-सामने…..

फीफा विश्वकप में 24 साल बाद इंग्लैंड-अर्जेंटीना आमने-सामने.....

डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने फैसलों के यूरोप ने बड़ा कदम उठाया………………..

डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने फैसलों के यूरोप ने बड़ा कदम उठाया....................

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend