कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सदाकत आश्रम में पार्टी नेताओं और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की। इस बैठक में राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि ‘बिहार में महागठबंधन बना रहेगा।’
पार्टी नेताओं को निर्देश देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ’20 अप्रैल तक पंचायत और बूथ लेवल तक कमेटी बनाना सुनिश्चित करें। इसमें सभी जातियों और धर्मों के लोगों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।’
राहुल गांधी ने कहा, ‘जो नेता काम करेंगे, उन्हें ही पार्टी में जगह और जिम्मेदारी दी जाएगी। गांव-गांव तक पहुंचे और आम लोगों तक कांग्रेस के विचारों को पहुंचाए।’
लोकसभा में नेता विरोधी दल राहुल गांधी ने पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है. राहुल गांधी ने कहा कि इस देश में अगर आप दलित, महिला, आदिवासी या अल्पसंख्यक हो और अगर आप अपर क्लास के नहीं हो, तो आप सेकंड क्लास के नागरिक हो. वहीं राहुल गांधी ने एक बार फिर से जाति जनगणना की वकालत की है. उन्होंने कहा कि मोहन भागवत कहते हैं कि जाति जनगणना नहीं होनी चाहिए, लेकिन हम जाति जनगणना के माध्यम से सामाजिक एक्सरे कर रहे हैं.
दरअसल बेगूसराय में पदयात्रा करने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल में संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित किया. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि आजकल हिंदुस्तान में सच्चाई बोलना मुश्किल हो गया है. लोग कहते हैं कि संविधान 1947 में लिखा गया, लेकिन यह हजारों साल पुराना है. इस संविधान में अंबेडकर जी, गांधी जी, नेहरू जी और फुले जी की सोच है.
राहुल गांधी ने कहा कि आजकल बड़े नेता सच्चाई बोलने से डरते हैं, लेकिन भगवान बुद्ध और अंबेडकर ने सिखाया है कि डरना नहीं चाहिए और सच्चाई को देश के सामने रखना चाहिए. आप लोगों को भी डरना नहीं चाहिए क्योंकि आपके खून में अंबेडकर, गांधी और फुले की विचारधारा है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पटना के कृष्ण मेमोरियल हाल में संविधान सुरक्षा सम्मेलन के दौरान कहा कि इस देश में अगर आप दलित, महिला, आदिवासी अल्पसंख्यक हो तो आप अपर क्लास के नहीं हो सकते हो. आप सेकंड क्लास के नागरिक हो. राहुल गांधी ने कहा कि 5 प्रतिशत लोग पूरे देश को चला रहे हैं. 10-15 लोग हैं जिन्होंने कॉर्पोरेट इंडिया को पकड़ रखा है.
राहुल गांधी ने कहा कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं, यह डाटा की सदी है. तेलंगाना में हमारे पास पूरा डाटा है. इसके जरिए हम पूरी राजनीति बदल सकते हैं. जातीय जनगणना के जरिए सबकुछ दिला सकते हैं. मोहन भागवत जी जातीय जनगणना के खिलाफ हैं. लेकिन, हम सामाजिक एक्स-रे यानी जातीय जनगणना के पक्ष में हैं. यह एक क्रांतिकारी कदम है और आरएसएस और भाजपा इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन, कोई भी शक्ति इसे रोक नहीं सकती.
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को बिहार दौरे पर थे। पहले बेगूसराय में कन्हैया कुमार के साथ ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा में शामिल हुए। फिर पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में शामिल हुए। इसके बाद सदाकत आश्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की।
‘मोदी के घर’ में प्लान बनाएगी कांग्रेस
बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा का चुनाव होना है। चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी राज्य में सक्रीय है। कन्हैया कुमार बिहार में यात्रा निकाल रहे हैं। इस यात्रा में कांग्रेस से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए। राहुल गांधी भी बिहार में बार-बार दौरा कर रहे हैं। इस बीच जानकारी सामने आई है कि कांग्रेस पार्टी बिहार चुनाव में बीजेपी को घेरने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘घर’ यानी गुजरात में रणनीति बनाएगी। दरअसल कांग्रेस पार्टी 64 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद गुजरात में एक बड़ा अधिवेशन का आयोजन करने जा रही है। यह ऐतिहासिक बैठक 9 अप्रैल 2025 को अहमदाबाद में आयोजित होगी, जिसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने, पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और आगामी चुनावों की रणनीति बनाने पर चर्चा की जाएगी।
अधिवेशन से पहले 8 अप्रैल को अहम बैठक
इस अधिवेशन से एक दिन पहले, 8 अप्रैल को सरदार पटेल मेमोरियल सभागार में एक अहम बैठक होगी, जिसमें अधिवेशन के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके अगले दिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की बैठक साबरमती नदी के किनारे, साबरमती और कोचरब आश्रम के बीच होगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि कांग्रेस के 140 वर्षों के इतिहास में यह गुजरात में छठा अधिवेशन होगा। पिछली पांच बार यह बैठकें 1902, 1907, 1921, 1938 और 1961 में हुई थीं, जिनकी अध्यक्षता क्रमशः सुरेंद्र नाथ बनर्जी, रास बिहारी घोष, हकीम अजमल खान, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और नीलम संजीव रेड्डी ने की थी।
संगठनात्मक सुधारों और चुनावी रणनीति पर रहेगा ज़ोर
इस अधिवेशन के माध्यम से कांग्रेस पार्टी जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) को अधिक ताकत देने और संगठनात्मक स्तर पर मजबूती लाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है। चुनावी तैयारियों की समीक्षा, रणनीति निर्माण और नेताओं की भूमिकाओं को स्पष्ट करना इस बैठक के अहम हिस्से होंगे।
कांग्रेस की निगाहें आगामी चुनावों पर
अधिवेशन ऐसे समय पर हो रहा है जब पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनावों में अच्छे प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में हार का सामना कर चुकी है, जिससे उसे बिहार चुनाव से बड़ी उम्मीदें हैं। इसके साथ ही, पार्टी 2026 में केरल और असम में सत्ता पाने की कोशिश करेगी और तमिलनाडु में द्रमुक के साथ गठबंधन बनाए रखेगी। पश्चिम बंगाल में संभावित गठबंधन पर अब तक कोई स्पष्ट फैसला नहीं हुआ है।
अमित कुमार सिंह ने बताया कि, ‘राहुल गांधी ने बूथ लेवल पर मीटिंग करके कांग्रेस के मेनिफेस्टो को जनता के बीच ले जाने की बात कही है। इसके अलावा, 20 अप्रैल तक बूथ कमेटी बना लेने का निर्देश दिया है।’
काम करने वाले लोग ही पार्टी में रहेंगे
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार पासवान ने बताया कि, ‘ बैठक में राहुल गांधी ने साफ कहा है कि जो लोग काम नहीं करेंगे, पार्टी में उनके लिए कोई जगह नहीं है। जो भी लोग परिक्रमा करने में लगे रहते थे, अब वह परिक्रमा गिरी नहीं चलेगी।’
‘जनता से जुड़ना होगा और जनता के बीच रहना होगा। हर घर झंडा के साथ कांग्रेस के विचारों को आम लोगों तक पहुंचाना होगा। सभी को अपने-अपने क्षेत्र में काम करना होगा। हर जिला में कोऑर्डिनेटर बनाकर काम को जल्द शुरू करना होगा। कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल पर एक्टिव होकर काम करना है।
आपस में भिड़े कार्यकर्ता, हुई हाथापाई
बिहार प्रदेश कार्यालय में सोमवार को कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के बीच तू-तू-मैं-मैं हो गई। इससे नाराज पूर्व अध्यक्ष अखिलेश सिंह बैठक के बीच से बाहर निकल गए थे। उनके पीछे उनका समर्थक रवि रंजन जा रहा था, तभी यूथ कांग्रेस से जुड़ा असद और पूर्व विधायक टुन्ना चोर-चोर के नारे लगाने लगे।
रवि रंजन ने जब विरोध किया तो उसको दौड़ा दिया। टुन्ना ने उसे पटक दिया और लात-घूंसे से पीटने लगे। बीच में अखिलेश सिंह ने बीच-बचाव कर उसे छुड़ाया। बाहर हंगामा होता देख राहुल गांधी ने अपनी बैठक को 20 मिनट में ही खत्म कर एयरपोर्ट के लिए निकल गए थे।
मारपीट के बाद कार्यकर्ता रवि रंजन ने आरोप लगाया, ‘मैं भूमिहार हूं और वो राजपूत है, इसलिए मुझे मारा गया। पार्टी में साजिश की जा रही है।’
मोदी सरकार और RSS पर जमकर किया हमला
संविधान सुरक्षा सम्मेलन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार और RSS पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी ने माय एक्सपेरिमेंटस् विथ ट्रुथ लिखा था। मोदी जी शायद माय एक्सपेरिमेंटस् विथ लाइज लिखेंगे।’
शेयर बाजार में भारी गिरावट पर राहुल ने कहा, ‘अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रम्प ने शेयर बाजार की धज्जियां उड़ी दी है। आज मार्केट धराशाई हो गया है।’
RSS पर हमला बोलते हुए कहा, ‘देश के संविधान में सावरकर की सोच नहीं है। इसमें महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और अंबेडकर जैसे लोगों की सोच है। आज इस देश में आदिवासी, दलित सेकंड सिटिजन है।’
पार्टी में हमने दलितों-पिछड़ों को हक दिया
राहुल गांधी ने कहा, ‘पहले हमारे जिलाध्यक्षों की लिस्ट में 2 तिहाई अपर कास्ट के लोग थे, लेकिन अब हमने दो तिहाई दलित-गरीबों को शामिल किया है। पार्टी में हमने सबको हक देने का फैसला किया है। बिहार के नेताओं से हमने साफ कहा है कि आपका काम यहां के गरीब लोगों को प्रतिनिधित्व देना है। उनके बीच रहकर काम करें। दलितों को राजनीति में लाकर बिहार का चेहरा बदलना चाहते हैं।’
मजदूरी करने वाले 90 फीसदी दलित-आदिवासी
राहुल ने कहा था, ‘अगर आप मजदूरों की लिस्ट निकालो, घर में काम करने वालों की लिस्ट निकालो तो 90 फीसदी दलित, आदिवासी, गरीब हैं। तेलंगाना का पूरा का पूरा डेटा हमारे हाथ में है, जो मोदी जी आपको नहीं देना चाहते हैं।
मैंने मोदी जी को संसद में सामने से बोला कि ये जो 50 फीसदी आरक्षण की फेक दीवार बना रखी है, जो आप नहीं तोड़ेंगे तो हम तोड़ कर रहेंगे। 10-15 लोग हैं, जिन्होंने पूरे कॉरपोरेट सेक्टर को पकड़ के रखा है।’
‘अंबानी-अडाणी ने कब्जा कर रखा है। जीएसटी आप देते हो, और कर्जा माफ उनका होता है। पूरे सिस्टम ने आपको घेर के रखा हुआ है। इसलिए आप सांस नहीं ले पाते हो। दलितों, पिछड़ों को बैंक लोन नहीं देती है। जहां उनको ट्रेनिंग देने की जरूरत है, वहां सवर्ण बैठे हैं।’
बेगूसराय में 1 किलोमीटर की पदयात्रा की
राहुल गांधी बेगूसराय में कन्हैया कुमार की यात्रा में बेगूसराय पहुंचे थे। बेगूसराय में पदयात्रा महज 24 मिनट में खत्म हो गई। वे कन्हैया कुमार की ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ यात्रा में 1 किमी पैदल चले। राहुल बेगूसराय में नुक्कड़ सभा को भी संबोधित करने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर सभा कैंसिल कर दी गई। राहुल की पदयात्रा के दौरान करीब 10 हजार लोग मौजूद थे।







