नीट यूजी पेपर लीक विवाद से संबंधित 38 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को सुनवाई की. इस बेंच में मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस जेबी पादरीवाला और मनोज मिश्रा भी शामिल हैं. मामले पर सुनवाई करते हुए CJI चंद्रचूड़ ने याचिककर्ता और एनटीए का पक्ष रखने वाले वकीलों से काफी सवाल पूछे. आइए जानते हैं सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या सवाल-जवाब हुए.
याचिककर्ता के वकील ने बेंच से कहा- NEET 2024 पेपर लीक होने के कई मामले सामने आए हैं. पटना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. यह भी कहा कि ये आश्चर्यजनक है कि 67 कंडिडेट को 100% मार्क्स मिले थे.
सीजेआई ने पूछा- आप कह रहे हैं नीट यूजी परीक्षा दोबारा हो, ऐसे में बताएं कि आपके पास पेपर लीक के क्या सबूत हैं?
याचिकाकर्ता-सुप्रीम कोर्ट के ऐसे मामलों में कई फैसले है. इस मामले में परीक्षा की पवित्रता से समझौता किया गया है. लाभार्थियों को ट्रैक करना पूरी तरह से संभव नहीं हैं. ऐसे में परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए.
याचिकाकर्ता – पेपर लीक करने में ऑर्गनाइज्ड गैंग इसमें शामिल था. बिहार पुलिस ने इसका खुलासा किया था. 67 के पूरे नंबर आ गये, जिनमे से छह एक ही सेंटर से थे.
सीजेआई- जिन 67 के पूरे नंबर आये, उनमे से कितनो को ग्रेस मार्क्स मिले थे
याचिकाकर्ता – किसी को नहीं. 1563 में से छह के पूरे नंबर आये थे.
सीजेआई- क्या सबूत है, जिसके आधार पर दोबारा से परीक्षा की मांग कर रहे हैं?
सीजेआई- क्या ये बात स्वीकार कर ली गई है कि पेपर लीक हुए थे?
एनटीए की तरफ से SG तुषार मेहता – सिर्फ एक जगह पर. वहां आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है और फ़ायदा लेने वाले छात्रों की पहचान हो गई है. उनका रिजल्ट रोक लिया गया है.
SG तुषार मेहता- सवाई माधे पूर में छात्रों को परीक्षा देने के लिए पूरा समय दिया गया. हां, शुरुआत में गलत पेपर सेट दिए गए थे, लेकिन बाद में गलती सुधार ली गई थी.
CJI ने NTA से पूछा – पेपर किसकी कस्टडी में रखे गए थे? NTA ने पेपर शहरों के बैंकों को कब भेजे? हम जानना चाहते हैं कि प्रिंटिंग प्रेस कौन सी है और ट्रांसपोर्टेशन के क्या इंतजाम थे?
सीजेआई- अगर लीक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हुआ है? इस पर हमें विस्तार से बताइए. जो भी हम फैसला लेंगे उससे लाखों छात्र प्रभावित होंगे.
सीजेआई- 720 अंक जिन 67 छात्रों को मिले है उनमें से कितने छात्रों को ग्रेस मार्क बताए. इसकी डिटेल जानकारी चाहिए.
सीजेआई- 720 अंक जिन छात्रों को मिले है उनमें से कोई रेड फ्लैग तो नही? अगर ऐसा हो तो क्या इसकी जांच हो सकती है?
सीजेआई- 1563 छात्रों ने दुबारा परीक्षा दी, जिन्हे ग्रेस मार्क दिए गए थे. क्या हम लाभार्थी छात्रों का पता लगाने में सक्षम है, अगर ऐसा नही है तो परीक्षा को रद्द किया जा सकता है. इस लिए हम सारी जानकारी चाहते है
सीजेआई- क्या इस मामले में किसी एक्सपर्ट को शामिल कर सकते है. इस मामले में सेल्फ डिनायल सही नही होगा.
सीजेआई- हमें इस बात को भी देखना है की भविष्य में इस तरह की बात न हो उसको लेकर क्या किया जा सकता है. हम प्रतिष्ठत परीक्षा की बात कर रहे हैं. मिडल क्लास के अभिभावक बच्चों को मेडिकल में जाने के लिए कहते हैं.
सीजेआई ने पूछा- विदेश कैसे भेजे गए पेपर ?
- -सीएआई ने NTA से पूछा कि लॉकर से पेपर कब निकाले गए? परीक्षा किस समय हुई?
- -NTA के वकील- 5 मई को, लगभग 10:30-11 बजे
- -सीजेआई- कितने सेंटर और कितने छात्र परीक्षा में शामिल हुए?
- -सीजेआई- कागजात विदेश में कैसे वितरित किए गए? उन्हें विदेश कब भेजा गया?
- -कौशिक- दूतावासों के माध्यम से
- -सीजेआई-उन्हें दूतावासों में कैसे भेजा गया? राजनयिक बैग या कूरियर?
- -NTA- हम पता लगाएंगे।
महत्वपूर्ण है EOU की रिपोर्ट
पेपर लीक होने का मामला सबसे पहले बिहार में सामने आया था। सबसे पहले पटना के शास्त्री नगर थाना की पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की थी। जब मामला तूल पकड़ने लगा तो बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने केस को टेकओवर कर लिया था। इसके बाद मामले की जांच तेज हुई।
EOU की जांच में भी पेपर लीक होने के सबूत मिले थे। केंद्र सरकार ने जब इस मामले को CBI के हाथों में सौंपा था, उससे पहले तक बिहार पुलिस की जांच एजेंसी ने पेपर लीक मामले में शामिल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी बिहार पुलिस से जांच और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट मांगी थी। जिसे EOU की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के साथ जमा भी कर दिया गया है।







