भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रमुख जेपी नड्डा की कथित टिप्पणी कि ‘क्षेत्रीय पार्टियों का सफाया निश्चित है’ ने बिहार की राजनीति को फिर से गर्म कर दिया है। छोटे दलों ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये उनके सहयोगियों पर पीछे से छुरा घोंपने जैसा है। हालांकि भाजपा के सहयोगियों ने आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। लेकिन उन्होंने नियमित अंतराल पर आने वाली ऐसी टिप्पणियों को अस्वीकार कर दिया। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में इन टिप्पणियों के गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।
फिर आया ‘क्षेत्रीय पार्टियों का सफाया’ बयान
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को पटना में पार्टी के संरक्षक कैलाशपति मिश्र के जन्मशताब्दी समारोह के अवसर पर एक समारोह को संबोधित करते हुए ये टिप्पणी की। पिछले साल 31 जुलाई को नड्डा की ओर से दिए गए इसी तरह के बयान के कारण राज्य में एनडीए सरकार अचानक गिर गई थी, जब जेडी (यू) ने राजद, कांग्रेस और अन्य ग्रैंड अलायंस के समर्थन से अपनी सरकार बनाने के लिए भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने शुक्रवार को भाजपा के सहयोगियों से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। नीरज कुमार ने एनडीए के सहयोगियों से पूछा कि भाजपा बार-बार आपका अस्तित्व खत्म करने की घोषणा कर रही है। आप अपने अस्तित्व को खत्म करने या स्थापित करने के लिए राजनीति कर रहे हैं?
राजद ने भी भाजपा प्रमुख की टिप्पणी पर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की घोषणा करने वाले लोग खुद ही जल्द ही दफन हो जाएंगे। राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा अपनी योजना में सफल नहीं होगी क्योंकि क्षेत्रीय दलों को खत्म करना मुश्किल है।
बीजेपी के सहयोगी दल भी कथित बयान से हैरान
पूर्व मंत्री और भाजपा के सहयोगी हम (एस) के अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि नड्डा ने किस संदर्भ में बात की, लेकिन हर पार्टी का सम्मान किया जाना चाहिए।
वहीं, एलजेपी (रामविलास) के एक नेता ने कहा कि एक तरफ, भाजपा अध्यक्ष हमारा समर्थन मांग रहे हैं, दूसरी तरफ वह हमें खत्म करना चाहते हैं। हम हैरान हैं।







