बिहार में जातीय सर्वे की रिपोर्ट नीतीश कुमार सरकार ने सार्वजनिक कर दी है। इसी के साथ सियासी जानकार इससे होने वाले राजनीतिक नफे-नुकसान का आंकलन करने में जुट गए हैं। क्या जातिगत गणना का फायदा महागठबंधन सरकार को होगा, इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। इसी बीच पॉलिटिकल एक्सपर्ट और कभी नीतीश कुमार के करीबी रहे प्रशांत किशोर ने बड़ी भविष्यवाणी कर दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जेडीयू को जातीय जनगणना से खास फायदा नहीं होगा।
पीके ने क्या किया है दावा
प्रशांत किशोर ने एक टीवी इंटरव्यू ने कहा कि कास्ट सर्वे के बावजूद जेडीयू को लोकसभा चुनाव में 5 सीटों से ज्यादा नहीं आएगी। उनके इस दावे के बाद सवाल उठ रहे कि क्या वाकई पीके इस बार सही साबित होंगे। दरअसल, प्रशांत किशोर ने इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी को लेकर बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा था कि बीजेपी को 100 सीटों से ज्यादा नहीं आएगीं। पार्टी बंगाल में 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी। उस समय उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई थी।
जातीय गणना पर बिहार में चढ़ा पारा
अब बिहार सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा दांव चलते हुए जातीय गणना न केवल पूरी कराई बल्कि इसकी रिपोर्ट भी जारी कर दी। मामला कोर्ट में भी है इस सबके बीच ही सरकार ने अहम फैसला लिया। जिसके बाद सियासी जानकारों को ऐसा लग रहा कि बिहार महागठबंधन सरकार ने बड़ी लकीर खींच दी है। उन्हें इस फैसले का फायदा जरूर मिल सकता है। हालांकि, नीतीश की पार्टी जेडीयू के एक समय उपाध्यक्ष रह चुके प्रशांत किशोर ने चौंकाने ही दावा कर दिया।
कास्ट सर्वे से जेडीयू को फायदा नहीं- PK
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर इस समय बिहार में जनसुराज यात्रा कर रहे। इस दौरान वो सूबे की सियासी नब्ज टटोलने की कोशिश कर रहे। उन्होंने जातिगत सर्वे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इस कदम को नीतीश कुमार का अंतिम सियासी दांव करार दिया। उन्होंने कहा कि जब इंसान चारों ओर से थक जाता है या घिर जाता है तो आखिरी दांव चलता है। नीतीश कुमार भी जातीय सर्वे के नाम पर अंतिम दांव चला है। उन्होंने आगे ये भी कहा कि इससे नीतीश कुमार की JDU और विपक्षी एकता गठबंधन I.N.D.I.A को खास फायदा होने के आसार नहीं है। 2024 के आम चुनाव में जेडीयू के पांच सांसद भी नहीं जीतेंगे।
बंगाल चुनाव में सच हुई थी प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी
प्रशांत किशोर ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए आगे कहा कि जो लोग कास्ट सर्वे करवाए हैं, उन्हें समाज की बेहतरी से कोई लेना देना नहीं है। नीतीश कुमार 17 साल से सत्ता में हैं। उन्होंने 17 साल बाद ही जातीय गणना क्यों करवाया? उन्होंने कहा कि जातियों की गणना करने से ही उनकी स्थिति नहीं सुधरेगी। बिहार सरकार केवल जनता को उलझा रही। इससे इनको खास फायदा नहीं होने वाला है। लोकसभा चुनाव में जेडीयू के 5 सांसद भी नहीं जीतेंगे ये लिखकर रख लीजिए। प्रशांत किशोर की इस भविष्यवाणी के आते ही उनके बंगाल चुनाव के दौरान किए गए दावे की चर्चा होने लगी।







