मनोरंजन उद्योग में बच्चों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इस उद्योग ने भी व्यवसाय की खातिर सारे मानक तोड़़ ड़ाले हैं। टेलीविजन कार्यक्रमों के मामले में बच्चे पूरे दिन के कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अपने नाम करते हैं। विभिन्न सिंगिंग‚ ड़ांसिंग‚ रियलिटी टैलेंटशो‚ और धारावाहिक बच्चों को ही केंद्र में रखकर बनाए जा रहे हैं। इससे बच्चों के काम करने के तौर तरीकों और नियम कायदों को तय करना जरूरी हो गया है। अभी जो मानक तय किये गए हैं उनका उल्लंघन आम बात है लेकिन अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) इस मामले को लेकर सख्त हो गया है। आयोग के अध्यक्ष का कहना है कि मनोरंजन उद्योग में बाल कलाकारों से संबंधित एनसीपीसीआर के दिशानिर्देशों का मसौदा अधिसूचित होने के बाद उल्लंघन के मामले सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मसौदे में कहा गया है कि किसी भी बच्चे को लगातार २७ दिन से अधिक काम करने की अनुमति नहीं होगी। एक दिन में उससे छह घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकता। बच्चे की आय का २० प्रतिशत हिस्सा एक राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा खाते में जमा कराना होगा। इन दिशा निर्देर्शों का उद्देश्य फिल्मों‚ टीवी‚ रियलिटी शो‚ सोशल मीडि़या और ओटीटी प्लेटफार्म में काम करने वाले बाल कलाकारों को शारीरिक व मनोवैज्ञानिक तनाव से बचाना और उनके लिए स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है। जरूरत इस बात की है कि १४ साल से कम उम्र के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए। आजकल रियलिटी शो में उनसे १८–१८ घंटे तक काम कराया जा रहा है। इस दिशानिर्देर्शों के निरीक्षण और जरूरत पड़़ने पर कार्रवाई के लिए एक समूह या संगठन बनाना होगा। बच्चों के एग्रीमेंट में यह सुनिश्चित करने के लिए एक खंड़ होना चाहिए कि उनका शोषण नहीं होगा। सेट पर ऐसे कई बच्चे होते हैं‚ जो कार्यक्रम के प्राथमिक पात्र और उसका अभिन्न हिस्सा नहीं होते। वे सबसे पहले सेट पर आते हैं और सबसे आखिर में जाते हैं। एनसीपीसीआर अध्यक्ष के अनुसार इन मसौदा दिशानिर्देशों के ९० प्रतिशत घटक मौजूदा कानूनों से लिए गए हैं। यह मामला बहुत संवेदनशील है क्योंकि इस मामले में माता पिता का स्वार्थ आड़े़ आ जाता है। ‘सेलिब्रिटी’ बच्चे के अभिभावक होने के मोह में वे निर्माताओं के हाथों की कठपुतली बन जाते हैं। वे इस मोह से बच पाएं तभी ये दिशानिर्देश सार्थक होंगे।
19 साल बाद कोलकाता लौटने पर भावुक हुईं तस्लीमा नसरीन, बोलीं- यह घर वापसी
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन शुक्रवार को 19 साल बाद कोलकाता पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने पर तस्लीमा नसरीन बेहद खुश दिखाई दीं।...







