ये क्या हो गया जनसुराज के नायक प्रशांत किशोर को? बड़ी अजीब बात है चुनावी प्रचार में इस कदर भूले या भटके हुए हैं कि जहां प्रचार नहीं करना चाहिए वहां भी प्रचार कर रहे हैं। ये तो वही बात हुई कि कही पर निगाहें कहीं पर निशाना? प्रशांत किशोर सचमुच भटक गए हैं? जन सुराज के नायक भले चुनाव बांकीपुर विधानसभा से लड़ रहे हो पर चुनाव प्रचार कुम्हरार में? चिंता में किसी नए क्षेत्र में अपना ठिकाना ढूंढ रहे हैं? चलिए जानते हैं कि ऐसा क्या कर डाला प्रशांत किशोर ने जिसने आम लोगों को चौंकाने के साथ असमंजस में भी डाल दिया है।
आमंत्रण पत्र ने चौंकाया!
बुधवार की सुबह-सुबह प्रशांत किशोर के एक आमंत्रण पत्र ने चौंका दिया। यह आमंत्रण पत्र कदमकुआं स्थित रूप चंद भगत उत्सव हॉल, पुरानी अरविंद महिला कॉलेज, कदमकुआं में आयोजित जनसभा का है। इस आमंत्रण में बांकीपुर विधानसभा के प्रभावी सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं अभिभावकों से बिहार नवनिर्माण , संकल्प के तहत सुझाव एवं सामाजिक राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा करने के बारे में लिखा है। अंत में संदेश लिखा है : बदलाव की शुरुआत , प्रशांत किशोर के साथ 9 नंबर पर बस्ता छाप पर मुहर लगाना है।
कुम्हार की जनता भी हैरान
रूप चंद भगत उत्सव हॉल के आसपास की जनता यह सवाल कर रही है कि प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं तो फिर कुम्हरार विधानसभा में जनसभा क्यों कर रहे है? कुम्हरार विधानसभा का अभी चुनाव तो नहीं है फिर प्रशांत किशोर कुम्हार विधान सभा क्षेत्र स्थित रूप चंद भगत हॉल में जनसभा क्यों कर रहे है? आखिर प्रशांत किशोर चुनाव प्रचार कुम्हार विधानसभा क्षेत्र में करने का क्या लाभ मिलेगा?
‘प्रशांत किशोर को इलाके की समझ नहीं’
कुछ लोगों का कहना है कि प्रशांत किशोर को इलाके की समझ नहीं है इसलिए भटक गए हैं और कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं। पटना महानगर के मंत्री भाजपा नेता मनोज कुमार कहते हैं कि देश में चुनाव की तथाकथित रणनीति बनाने वाले, अपनी ही रणनीति बनाने में क्षेत्र की अज्ञानता की गलती कर बैठे। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तो कई हॉल हैं, पर क्षेत्र की अज्ञानता के कारण ये कुम्हार विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं । जिस प्रशांत किशोर को क्षेत्र का ज्ञान नहीं है वह बांकीपुर का क्या विकास करेंगे?
वहीं मंगलवार को भाजपा प्रतिनिधिमंडल में शामिल शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, विधायक जीवेश मिश्रा, विधान परिषद में मुख्य सचेतक जनक राम, प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने चुनाव आयोग के पदाधिकारी से मिलकर 21 जुलाई को ही यह आरोप लगाया कि पी के चुनावी खर्च की निर्धारित सीमा का उल्लंघन कर चुके हैं, फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन खर्च कर रहे हैं तथा सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट और बॉट नेटवर्क के जरिए मतदाताओं को प्रभावित कर रहे हैं।
शाहनवाज हुसैन ने भी लगाया आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने चुनावी खर्च की 40 लाख रुपये की सीमा को पार करते हुए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। चुनावी खर्च को छिपाने के लिए अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रचार कराया जा रहा है। फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर इन्फ्लुएंसर्स को भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सिंपल सेंस एनालिटिक्स प्राइवेट लिमिटेड और न्यूज लाइटहाउस एलएलपी जैसी कंपनियों के जरिए चुनाव प्रचार संचालित किया जा रहा है।






