बिहार विधान परिषद में बुधवार को जमीन से जुड़े मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिला. चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान पार्षद सुनील सिंह ने अपनी जमीन की बिक्री का मुद्दा उठाया. सुनील सिंह ने कहा कि उनके ऊपर करीब 1 करोड़ रुपये का कर्ज है और वह अपनी जमीन बेचना चाहते हैं. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर कोई अपनी जमीन बेचना चाहता है तो उसे पैसा कब तक मिलेगा. साथ ही उन्होंने मांग की कि उनकी जमीन की बिक्री का आदेश जल्द जारी किया जाए.
सुनील सिंह के सवाल पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री नीतीश मिश्रा ने जवाब देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति अपनी जमीन सरकार को देना चाहता है, उसकी प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर दी जाएगी. मंत्री ने भरोसा दिलाया कि विभाग तय समयसीमा में कार्रवाई करेगा.
बीजेपी MLC के बयान से सदन में बढ़ा विवाद
मामला उस समय और गरमा गया जब बीजेपी विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने सेटेलाइट टाउनशिप योजना का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि सेटेलाइट योजना का विरोध वही लोग कर रहे हैं जो जमीन की दलाली करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क किनारे जमीन बेचकर दलाली करने वाले लोग इस योजना का विरोध कर रहे हैं. इतना ही नहीं, नवल किशोर यादव ने सदन में सुनील सिंह का नाम लेते हुए कहा कि “सुनील सिंह जमीन की दलाली करते हैं.”
RJD सदस्यों का जोरदार विरोध
बीजेपी MLC के इस बयान पर RJD के सभी विधान पार्षद आक्रोशित हो गए. पार्टी के सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर नवल किशोर यादव के बयान का जोरदार विरोध करने लगे. कुछ देर के लिए सदन का माहौल काफी गर्म हो गया और शोर-शराबे की स्थिति बन गई.
सभापति ने कराया हस्तक्षेप
हंगामे के बीच विधान परिषद के सभापत ने हस्तक्षेप करते हुए सभी सदस्यों से शांत रहने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की. सभापति के समझाने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई. जमीन अधिग्रहण, सेटेलाइट टाउनशिप योजना और उस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर विधान परिषद में हुई यह तीखी नोकझोंक अब बिहार की सियासत में नई बहस का विषय बन गई है.





