उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सक्रिय मानसूनी ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्र की वजह से कई इलाकों में लगातार बारिश होने की उम्मीद है. ऐसे में लोग घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट लें और रोजमर्रा के कामों की योजना मौसम के अनुसार ही बनाएं.
IMD के ताज़ा अनुमान के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय और केरल के कई जिलों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है. दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
बारिश की वजह क्या है?
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रिय रेखा (Monsoon Trough) सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है. यही वजह है कि मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से में बारिश का दौर तेज़ रहने की उम्मीद है. आने वाले कुछ दिनों में एनसीआर में हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है.
किन इलाकों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?
मौसम विभाग के मुताबिक तेज बारिश से पहाड़ी राज्यों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह है. दरअसल, तेज बारिश की वजह से कुछ इलाकों में जलभराव, छोटे नालों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है. अगर आप लंबी दूरी की यात्रा पर निकल रहे हैं तो पहले स्थानीय मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें. एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले लोग घर से जल्दी निकलें और सफर पर जानें से पहले अपनी फ्लाइट या ट्रेन के टाइम का अपडेट जरूर लें.
क्या किसानों के लिए राहत की खबर है?
कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से बारिश का इंतजार किया जा रहा था. ऐसे में यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. हालांकि जिन इलाकों में पहले से पानी भरा हुआ है, वहां लगातार बारिश फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है. ये मानसून किसनों के लिए मिलाजुला असर लेकर आया है. किसानों को सलाह है कि वह अपने नजदीकी किसान सलाह केंद्र पर वैज्ञानिकों की मदद लें.
क्या बिजली गिरने का भी खतरा है?
बारिश के साथ कई क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है. ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है. बिजली गिरने के दौरान हमें खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए हमें घर या किसी छत के नीचे रुकना चाहिए. वहीं, जलभराव में वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पटना समेत 6 जिलों में भारी बारिश
बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पटना, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय और खगड़िया सहित कई जिलों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 48 घंटे मानसून बेहद एक्टिव मोड में रहेगा, जिसे देखते हुए 10 जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जहां एक तरफ लगातार हो रही बारिश से बेगूसराय और खगड़िया में सड़कें लबालब हैं और घरों में पानी घुस गया है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
बेगूसराय और खगड़िया में बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानी
लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में जलजमाव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। बेगूसराय के मंसूरचक प्रखंड क्षेत्र को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिससे सड़क किनारे स्थित कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है। इसके अलावा खगड़िया में भी सड़कें लबालब हैं। सीवान के सदर अस्पताल परिसर, बगहा के गांवों और बक्सर में कुछ ही घंटों की बारिश के बाद घुटने भर पानी भर गया है, जिससे लोग आवागमन के लिए मजबूर हैं।
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 9 लोगों ने गंवाई जान
बारिश के साथ-साथ राज्य में आकाशीय बिजली का भारी कहर देखने को मिला है, जिसने अलग-अलग जिलों में 9 किसानों और ग्रामीणों की जान ले ली है।
- नालंदा (बिहार शरीफ): ठनका गिरने की विभिन्न घटनाओं में सबसे ज्यादा 3 लोगों की मौत हुई।
- सारण (छपरा): कोपा और सम्हौता में धान की रोपनी के दौरान 2 लोगों की मौत हुई, जबकि एक की हालत गंभीर है।
- सिवान: किशुनबाड़ी और सिसवन के मोरवन गांव में खेती के दौरान 2 किसानों की जान गई।
- बक्सर और रोहतास: बक्सर के नारायणपुर और रोहतास के सरांव रामगढ़ टोला में 1-1 किसान की मौत हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक 23 तक सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार में 20, 21, 22 और 23 जुलाई के दौरान बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी। उत्तर और पश्चिम बिहार के जिलों में मध्यम से लेकर कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, दक्षिण और मध्य बिहार के इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इस दौरान सूबे के अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
पटना में बादलों की आवाजाही और तेज हवा का दौर
राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में सोमवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विभाग ने पटना समेत कई जिलों में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। शहर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जाएगी। पिछले 24 घंटों में किशनगंज और पटना के कुछ हिस्सों में अति भारी बारिश दर्ज की गई है।







