सरकारी विद्यालय के सभी श्रेणी के शिक्षकों के लिए आई नई स्थानांतरण पाॅलिसी के तहत इसी महीने की 29 तारीख से विभाग के पोर्टल पर आवेदन लिए जाने हैं।
शिक्षकों में इस बात को लेकर जिज्ञासा है कि पहले चरण में कितनी संख्या में तबादले होंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग का कहना है कि स्थानांतरण को ले किसी तरह की संख्या तय नहीं की गई है।
स्थानांतरण के जितने भी आवेदन आएंगे उनमें सभी पर विचार होगा। वैसे स्थानांतरण की प्रकृति को लेकर प्राथमिकताएं जरूर तय की गई हैं।
पहले चरण में समायोजन और समानुपातिकरण की प्रक्रिया
पहले चरण में सात अगस्त से लेकर नौ सितंबर तक समायोजन और समानुपातिकरण की प्रक्रिया पर काम होगा।
इसके तहत यह देखा जाएगा कि जो मामले समायोजन के तहत आए हैं या पूर्व से हैं वह कितने तार्किक हैं। विद्यालय में शिक्षक- विद्यार्थी अनुपात को केंद्र में रख तर्कसंगत निर्णय लिया जाएगा।
म्युचअल तबादले के आवेदन पर स्थापना समिति के स्तर पर निर्णय
स्थानांतरण पालिसी के तहत म्युचुअल ट्रांसफर के जो आवेदन आएंगे उस पर जिला, प्रमंडल व राज्य स्थापना समिति के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
म्युचुअल ट्रांसफर उसे कहा जाता है जब दो शिक्षक आपस में एक-दूसरे के स्कूल में आपसी सहमति से तबादले का आवेदन करते हैं।
इस तरह के आवेदनों पर स्थापना समिति द्वारा 10 से 14 सितंबर तक निर्णय लिया जाएगा। पूर्व में म्युचुअल ट्रांसफर का प्रावधान था पर वह काफी दुरूह था।
सामान्य तबादले के लिए सितंबर के दूसरे पखवाड़े तक का इंतजार
अपने जिले या प्रखंड में खुद की पदस्थापना की चाह रखने वाले शिक्षकों को सितंबर के दूसरे हफ्ते तक इंतजार करना होगा। इस श्रेणी के आवेदनों की संख्या सबसे अधिक होगी यह तय है।
शिक्षा विभाग ने तय किया है कि विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्ति की जो संशोधिक सूची है वह 16 सितंबर तक आ जाएगी। इसके बाद 17 सितंबर से 23 सितंबर तक इस श्रेणी के तबादले के लिए आवेदन लिए जाने आरंभ हो जाएंगे।







