पटना और उसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। राजधानी पटना को उसके नजदीकी 16 शहरों और उपनगरों से जोड़ने के लिए ‘ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम ‘ (RRTS) पर काम शुरू हो चुका है। राज्य मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिलने के बाद अब इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा उन कामकाजी लोगों, छात्रों और मरीजों को होगा जो रोजाना पटना आते-जाते हैं। रैपिड रेल न सिर्फ सफर का समय घटाएगी, बल्कि पटना पर बढ़ते आबादी के बोझ को भी काफी हद तक कम करेगी।
एनसीआरटीसी बनाएगी डीपीआर
इस महात्वाकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का सफल संचालन करने वाली कंपनी एनसीआरटीसी (NCRTC) को सौंपी गई है। चूंकि रैपिड रेल की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा होगी, इसलिए इसके लिए मौजूदा रेल नेटवर्क से हटकर एक बिल्कुल नया और अलग ट्रैक बिछाया जाएगा।
| कॉरिडोर | कनेक्ट होंगे शहर |
| पटना-बेगूसराय | पटना, फतुहा, बख्तियारपुर, बाढ़, मोकामा, बरौनी और बेगूसराय |
| पटना- मुजफ्फरपुर | पटना, सोनपुर, हाजीपुर, और मुजफ्फरपुर |
| पटना-आरा | पटना, दानापुर, बिहटा और आरा |
| पटना-गजायजी | पटना, मसौढ़ी, जहानाबाद, गयाजी |
यात्रियों की संख्या के आधार पर तय होंगे स्टेशन
परियोजना के तहत पटना के चारों दिशाओं से आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों के पैटर्न का गहन अध्ययन किया जाएगा। इसी सर्वे के आधार पर रूट और स्टेशनों का निर्धारण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
- कनेक्टिविटी में सुधार: वर्तमान परिवहन व्यवस्था का आकलन कर उसे और बेहतर बनाने पर फोकस होगा।
- टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्र: पटना, गयाजी और मुजफ्फरपुर में बनने वाले सैटेलाइट टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्रों को इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
- स्टेशन और भूमि चिह्नित करना: भारी यात्री दबाव वाले शहरों की पहचान कर वहां स्टेशन के लिए जगह तय की जाएगी।
- लास्ट माइल कनेक्टिविटी: रैपिड रेल स्टेशनों को आसपास के प्रमुख सड़क मार्गों से जोड़ने की योजना भी इसमें शामिल होगी।
सेटेलाइट टाउनशिप को मिलेगी रफ्तार
इस परियोजना से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि बिहार के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। गयाजी और मुजफ्फरपुर जैसे क्षेत्रों का तेजी से विकास होगा और पटना के आसपास नए सेटेलाइट टाउनशिप विकसित होने से रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य के आठ जिलों से होकर रैपिड रेल कॉरिडोर गुजरेगा। इन शहरों से रोजाना बड़ी आबादी रोजगार के लिए पटना आती-जाती है।







