अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में रोज नए आरोप लग रहे हैं। अब मुंबई के विश्व सिंधी सेवा संगम ने आरोप लगाया है कि 200 किलो चांदी दान करने की रसीद आज तक नहीं मिली। न ही ये बताया गया कि चांदी का इस्तेमाल कहां हुआ?
इसके अलावा एक महिला ने काकभुशुंडि (कौवे के रूप में एक ऋषि) की चांदी की मूर्ति दान करने की रसीद नहीं देने के आरोप लगाए हैं। दोनों ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के हाथ में दान की चांदी सौंपी थी। उधर, परिसर में बने शेषावतार मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम में 23 जून (मंगलवार) को चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव सक्रिय दिखाई दिए। इसके बाद चर्चा तेज हो गई है कि चढ़ावा चोरी मामले में तीनों को क्लीनचिट मिलने वाली है।
15 देशों से 200 सिंधियों ने दान की थीं चांदी की शिलाएं
विश्व सिंधी सेवा संगम के चेयरमैन डॉ. राजू मनवानी ने बताया- मंदिर निर्माण के समय पूरी दुनिया चंदा दे रही थी। सिंधी समाज ने भी 20-25 किलो चांदी दान करने का तय किया। लेकिन, 15 से ज्यादा देशों में रह रहे सिंधी समाज के 200 लोग एक-एक किलो चांदी की शिला देने के लिए तैयार हो गए। 200 किलो चांदी की शिला इकट्ठी करने के बाद हमने चंपत राय से संपर्क किया। उन्होंने शिलाएं लेकर हमें अयोध्या बुलाया। समाज के 200 लोग 26 जनवरी, 2021 को शिलाओं के साथ अयोध्या पहुंचे। शिलाओं के पूजन के बाद उन्हें चंपत राय के हवाले किया गया।
डॉ. राजू मनवानी ने बताया- सभी शिलाओं पर भगवान झूलेलाल और दूसरे देवताओं के चित्र थे। चंपत राय ने कहा कि शिलाओं की शुद्धता जांचने के बाद रसीद भिजवा दी जाएगी। यह भी आश्वासन दिया था कि शिलाओं का कहां उपयोग होगा, हमें बताया जाएगा।
आज पांच साल हो चुके हैं, लेकिन ट्रस्ट की ओर से कोई रसीद नहीं दी गई। न कभी किसी का फोन आया और न ही हमारे फोन पर कोई रिस्पांस मिला। चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मेरे पास समाज के कई लोगों के फोन आ चुके हैं। वे जानना चाहते हैं कि दान की गई 200 किलो चांदी का इस्तेमाल कहां हुआ है।
चांदी के काकभुशुंडि की मूर्ति भी गायब
अनीता भारद्वाज नाम की एक महिला ने भी चांदी दान की रसीद न देने के आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि उसने काकभुशुंडि की चांदी की मूर्ति कारसेवकपुरम में चंपत राय को दी थी। उनसे आग्रह किया था कि राम दरबार में इसे जगह दी जाए। चंपत राय ने कहा था कि अंदर कैमरा मना है। फोटो और रसीद बाद में भेज देंगे। इसके बाद अनीता ने चंपत राय को कई बार चिट्ठी लिखकर रसीद मांगी, लेकिन आज तक नहीं मिली। उस मूर्ति के बारे में भी उन्हें कुछ नहीं बताया गया।
राम मंदिर परिसर में कैद हैं 5 संदिग्ध
चढ़ावा चोरी मामले में शुरुआती जांच ट्रस्ट की से ही की गई थी। दावा किया जा रहा है कि ट्रस्ट ने 13 जून तक कई कर्मियों के घर और बताए गए ठिकानों से करीब 2 करोड़ रुपए और जेवर आदि जब्त किए हैं। इसके बाद से ही संदिग्ध अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश, करुणेश और मनीष यादव को मंदिर परिसर में ही रखा गया है। इनके मोबाइल भी जब्त कर लिए गए हैं। SIT भी इनसे पूछताछ कर चुकी है।
महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रह चुके रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को भी परिसर में रखा गया है। हालांकि, उसे परिसर में कहीं भी आने-जाने की छूट है। वह मोबाइल का भी इस्तेमाल कर रहा है। जबकि, अभी तक टिन्नू को चढ़ावा चोरी मामले का सबसे बड़ा चेहरा बताया जा रहा है।
उसके घर से जेवर की बरामदगी की बात भी सामने आई है। मंदिर व्यवस्थापक पहले की तरह मंदिर परिसर में रह रहे हैं। चंपत राय भी मंदिर में ही रह रहे हैं। पहले वे कारसेवकपुरम स्थित विहिप कार्यालय में रहते थे। डॉ. अनिल मिश्रा अपने घर से आ-जा रहे हैं।
तीनों ट्रस्टियों को क्लीन चिट मिलने के आसार
चढ़ावा चोरी मामले में महासचिव चंपत राय, गणना प्रभारी व ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक गोपाल राव की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। मंदिर के पूर्व लेखाकार महिपाल और पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा दावा कर चुके हैं कि चढ़ावा चोरी और मंदिर निर्माण सामग्री की खरीद में 40% कमीशन की जानकारी चंपत राय को भी थी। दोनों पूर्व कर्मियों ने उन्हें इस बारे में बताया था। लेकिन, इस पर रोक लगाने के बजाय दोनों कर्मियों को मंदिर के काम से हटा दिया गया।
मुंबई के कारोबारी अनिल विश्वकर्मा मंदिर को दान किए गए द्वादश ज्योर्तिलिंग हार और चरण पादुका की रसीद न देने का आरोप चंपत राय पर लगा चुके हैं। SIT अनिल विश्वकर्मा और गुरु आचार्य विनोद मिश्रा का बयान भी दर्ज कर चुकी है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन भी चंपत राय पर 60 किलो चांदी की शिलाओं को लेकर सवाल उठा चुका है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हालिया अयोध्या दौरे में चंपत राय समेत तीनों लोगों को कार्यक्रम से दूर रखा था।
हालांकि, तीनों लोग 23 जून (मंगलवार) को शेषावतार मंदिर के धर्मध्वजारोहण कार्यक्रम में सक्रिय दिखे। चंपत राय ने कार्यक्रम की अगुआई करते हुए संबोधन तक किया। इसके बाद से दावा किया जा रहा है कि SIT की शुरुआती रिपोर्ट में तीनों को क्लीन चिट दे दी गई है।
अयोध्या पहुंचे वीएचपी के राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे पहुंचे अयोध्या. राम मंदिर ट्रस्ट के तीर्थ क्षेत्र भवन में कर रहे बैठक. सूत्रों के अनुसार बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव शामिल.
मिल गई कागभुसुंडि की प्रतिमा
राम मंदिर कथित दान गबन मामले के आरोप प्रत्यारोप के बीच राम मंदिर ट्रस्ट पर कागभुसुंडि की मूर्ति गायब करने के आरोप का खुलासा हो गया है. न्यूज़ 18 ने कागभुसुंडि की प्रतिमा मंदिर में सुरक्षित है. न्यूज18 की टीम वहां पर पहुंची, जहां पर प्रतिमा बिल्कुल सुरक्षित रखी गई है. राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के द्वारा प्रतिदिन कागभुसुंडि जी की प्रतिमा का पूजा-अर्चना हो रही है. राम मंदिर ट्रस्ट के ऊपर लग रहा था कागभुसुंडि जी की प्रतिमा के गबन का गंभीर आरोप. कार सेवक एवं स्थित भरत कुटी मंदिर में सुरक्षित रखी है कागभुसुंडि जी की प्रतिमा.
पीएमओ ने मांगी डिटेल, चंपत राय ने किया मना
अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में हुए कथित घोटाले की जांच के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच का हवाला देते हुए ट्रस्ट की आमदनी, खर्च, दान और बैंक खातों समेत संबंधित जानकारी देने से इनकार कर दिया है. राय ने जानकारी देने से ऐसे समय में मना किया है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रजनीश सिंह की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में दी गई शिकायत को जरूरी कार्रवाई के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा गया.
संजय सिंह ने एसआईटी को सौंपा सबूत
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेज SIT को सौंप दी है. संजय सिंह के मुताबिक पचास लाख की प्रॉपर्टी राम मंदिर ट्रस्ट को करोड़ो में बेची गई और इसको सीधे-सीधे चंपत राय ने ट्रस्ट के लिए खरीदा. बता दें कि संजय सिंह ने जो आरोप लगाए थे, उसी से जुड़े सबूतों के लिए दफ्तर बुलाया था.
राम मंदिर दान चोरी मामले में 6 लोगों पर होगी FIR
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में 6 लोगों पर होगी एफआईआर. राम मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों पर भी दर्ज होगी एफआईआर. प्रारंभिक जांच में अब तक एक करोड़ रुपये से कम की राशि में बड़ी हेराफेरी सामने आई है. साथ ही समिति की ओर से सीईओ बनाए जाने की सिफारिश की गई है, जिस पर ट्रस्ट की भी सहमति बन गई है. किसी सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) अधिकारी को राम मंदिर का सीईओ बनाया जा सकता है. आज आप सांसद संजय सिंह से पूछताछ के बाद कल SIT की टीम दोबारा जा सकती है अयोध्या.
राम मंदिर चंदा चोरी पर वीएचपी अध्यक्ष ने कहा- FIR दर्ज करनी चाहिए
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए थी जिसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. ट्रस्ट का बचाव करने की आवश्यकता नहीं है. यह एक गंभीर चूक है. कुछ लोगों को ऐसी छूट मिली, जिसके कारण वे चोरी कर सके. मामले में पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी चाहिए. बिना किसी दबाव या पक्षपात के पुलिस को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए. प्रकरण को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाना चाहिए. चार महीने के भीतर चढ़ावे का एक भी पैसा लेने वाला दोषी व्यक्ति जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए. इसमें जो भी शामिल हो और जिस भी पद पर हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस और सरकार को किसी का लिहाज करने की जरूरत नहीं है.
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह जमीन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स लेकर एसआईटी के दफ्तर पहुंच गए हैं. संजय सिंह के मुताबिक जिन ख़रीद में जो गड़बड़ी थी, उसके डॉक्यूमेंट्स हैं और चंदा चोरी से रिलेटेड एविडेंस पब्लिक डोमेन में हैं. दान पेटी गबन मामले में SIT ने लखनऊ में संजय सिंह को एविडेंस देने







