राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों की मंगल बैठक ‘वंदे मातरम’ नारे के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य नेता तिरंगा लहराते नजर आए। उधर, संसद परिसर में झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर एनडीए के सांसदों ने प्रदर्शन किया।
पिछले सप्ताह ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद भाजपा सांसदों ने पत्रकारों से बातचीत की थी। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, रोजगार, खेल, आर्थिक विकास और संसद की कार्यवाही को लेकर अपनी बात रखी थी। साथ ही, विपक्ष पर संसद की कार्यवाही को बाधित करने का आरोप भी लगाया था।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा था कि भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और रोजगार के क्षेत्र में देश की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। रोजगार का अनुपात अन्य देशों की तुलना में बेहतर हुआ है और बेरोजगारी में भी कमी आई है। 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो सरकार की नीतियों का परिणाम है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि ‘मंगल मिलन’ बैठक में देश में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष संसद में लगातार हंगामा कर रहा है और अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दे रहा है। बैठक में सभी सांसदों ने यह तय किया कि संसद की कार्यवाही के दौरान उनकी उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित रहेगी, ताकि सरकार आवश्यक विधेयकों को पारित करा सके।
‘मंगल मिलन’ बैठक का मकसद क्या है?
‘मंगल मिलन’ बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है।
संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, ‘मंगल मिलन’ बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है।
यह बैठक एनडीए सांसदों की बहस में भागीदारी बढ़ाने और प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं को बोलने का समय और जिम्मेदारी तय करने में मदद करती है। इसमें शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू और अन्य क्षेत्रीय दलों के सहयोगी नेता शामिल होते हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों की मंगल बैठक ‘वंदे मातरम’ नारे के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य नेता तिरंगा लहराते नजर आए। उधर, संसद परिसर में झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर एनडीए के सांसदों ने प्रदर्शन किया।
पिछले सप्ताह ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद भाजपा सांसदों ने पत्रकारों से बातचीत की थी। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, रोजगार, खेल, आर्थिक विकास और संसद की कार्यवाही को लेकर अपनी बात रखी थी। साथ ही, विपक्ष पर संसद की कार्यवाही को बाधित करने का आरोप भी लगाया था।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा था कि भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और रोजगार के क्षेत्र में देश की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। रोजगार का अनुपात अन्य देशों की तुलना में बेहतर हुआ है और बेरोजगारी में भी कमी आई है। 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो सरकार की नीतियों का परिणाम है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि ‘मंगल मिलन’ बैठक में देश में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष संसद में लगातार हंगामा कर रहा है और अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दे रहा है। बैठक में सभी सांसदों ने यह तय किया कि संसद की कार्यवाही के दौरान उनकी उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित रहेगी, ताकि सरकार आवश्यक विधेयकों को पारित करा सके।
‘मंगल मिलन’ बैठक का मकसद क्या है?
‘मंगल मिलन’ बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है।
संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, ‘मंगल मिलन’ बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है।
यह बैठक एनडीए सांसदों की बहस में भागीदारी बढ़ाने और प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं को बोलने का समय और जिम्मेदारी तय करने में मदद करती है। इसमें शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू और अन्य क्षेत्रीय दलों के सहयोगी नेता शामिल होते हैं।






