फलों को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से पकाने के उपकरण पर सरकार किसानों को अनुदान देगी। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि फलों को पकाने के लिए राइपनिंग चैंबर स्थापित करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मीठापुर स्थित कृषि भवन में सोमवार को उद्यान निदेशालय की योजनाओं की समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के तहत किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों और युवाओं को आधुनिक बागवानी मूल्य शृंखला से जोड़ कर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि राइपनिंग चैंबर की स्थापना पर 35 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 35,000 रुपये प्रति टन क्षमता तक सहायता दी जाती है। यह योजना किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों एवं फल उत्पादकों के लिए आधुनिक बागवानी के लिए महत्वपूर्ण है। पर्याप्त राइपनिंग चैंबर नहीं होने के कारण केला सहित विभिन्न फलों को पकाने में परेशानी होती है। इस कारण किसानों को उचित मूल्य भी नहीं मिलता है।
राइपनिंग चैंबर की सुविधा उपलब्ध होने पर फलों को नियंत्रित वातावरण में सुरक्षित रखा जा सकता है और मांग और बेहतर बाजार मूल्य के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से बाजार में उपलब्ध कराया जा सकता है। राइपनिंग चैंबर में तापमान, आर्द्रता, वायु-संचार तथा एथिलीन गैस की वैज्ञानिक एवं नियंत्रित व्यवस्था होती है। इससे कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों के उपयोग की आवश्यकता समाप्त हो जाती है और फल प्राकृतिक, सुरक्षित तथा समान रूप से पकते हैं। इससे फलों की गुणवत्ता, स्वाद, रंग, सुगंध और शेल्फ-लाइफ में सुधार होता है, जिससे बाजार में उनकी मांग और मूल्य दोनों बढ़ते हैं।







