ई-विधान (नेवा) व्यवस्था के जरिये विधानसभा डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ चुकी है। आने वाले दिनों में शून्यकाल सहित सभी सूचनाएं (ध्यानाकर्षण, कार्य स्थगन, निवेदन, याचिका, गैर-सरकारी संकल्प) सदन के समक्ष आनलाइन प्रस्तुत होंगी।
इसके लिए विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली में संशोधन किया जाएगा। रविवार को यह निर्णय नियम समिति की बैठक मेंं लिया गया। उसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार ने की। उन्होंने समिति के सदस्यों से प्रस्तावित संशोधनों का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करने तथा सुझाव देने का आग्रह किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि समिति के अनुभव एवं मार्गदर्शन से ऐसे नियम तैयार किए जा सकेंगे, जो वर्तमान आवश्यकताओं के साथ भविष्य में होने वाली तकनीकी प्रगति के अनुरूप भी उपयोगी सिद्ध होंगे। आनलाइन व्यवस्था से समय की बचत होगी। अभिलेखों को सुरक्षित एवं स्थायी रूप से संरक्षित रखने के साथ विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और प्रभावी बनाना संभव होगा।
बाद मेंं सामान्य प्रयोजन समिति की भी बैठक हुई। निर्णय हुआ कि सर्वप्रथम लंबित मामलों की समीक्षा होगी। आवश्यक होने पर लंबित कार्रवाई को समाप्त मानते हुए मामले का निस्तारण किया जाएगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, लेशी सिंह, केदार प्रसाद गुप्ता, पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, पूर्व मंत्री आलोक मेहता, विधायक अरुण मांझी और माधव आनंद उपस्थित रहे।







