बिहार के लखीसराय में NEET परीक्षा को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में 9 कथित मुन्ना भाई, बायोमैट्रिक कर्मी और एक मेडिकल छात्र भी शामिल है. पुलिस को आशंका है कि परीक्षा में अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को बैठाने और पहचान सत्यापन में गड़बड़ी करने का संगठित प्रयास किया गया था. एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा है.
पुलिस ने इस मामले में गैंग के सरगना समेत PMCH, गया मेडिकल कॉलेज, AIIMS रायबरेली और BHU के मेडिकल छात्रों सहित कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बायोमेट्रिक जांच करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, KRK हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लखीसराय SP प्रेरणा के अनुसार, आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
अर्पित राज से 2024 में भी CBI कर चुकी है पूछताछ
लखीसराय में गिरफ्तार सॉल्वर गैंग के सरगना अर्पित राज से पहले भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पूछताछ कर चुकी है। अर्पित का नाम पहले भी NEET परीक्षा से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। 2024 में NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान CBI ने उससे कई बार पूछताछ की थी।
लखीसराय के 9 ‘मुन्ना भाई’ अरेस्ट
लखीसराय में NEET (UG) री-एग्जामिनेशन के दौरान सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की आशंका पर पुलिस और प्रशासन ने 9 संदिग्ध ‘मुन्ना भाइयों’ को अरेस्ट किया है। सूत्रों के अनुसार, KRK विद्यालय परीक्षा केंद्र से 1, केंद्रीय विद्यालय से 7 और हसनपुर विद्यालय से 1 संदिग्ध को पकड़ा गया है। हिरासत में लिए गए सभी युवक लखीसराय के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया कि हाजीपुर निवासी मयंक, जो PMCH का मेडिकल छात्र है, बायोमेट्रिक जांच करने वाली कंपनी के कर्मचारियों से मिलीभगत कर खुद कर्मचारी बनकर हसनपुर परीक्षा केंद्र में घुस गया था। हालांकि, पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। मयंक से हुई गहन पूछताछ के बाद बायोमेट्रिक कंपनी के अन्य कर्मचारी भी पकड़े गए, जिसके बाद पूरे सॉल्वर गैंग का बड़ा भंडाफोड़ हो सका।
परीक्षा के दौरान कैंपस से बाहर निकलने पर थी रोक
NEET-UG परीक्षा में मेडिकल छात्रों के सॉल्वर बनने पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं।परीक्षा के दौरान कोई भी MBBS छात्र कैंपस से बाहर न निकल सके, इसके लिए विभाग के विशेष सचिव के निर्देश पर PMCH समेत राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में रविवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक विभागवार सेमिनार और क्विज का आयोजन किया गया।इसमें सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। इसके बावजूद PMCH के थर्ड ईयर के छात्र मयंक कश्यप को लखीसराय में कथित तौर पर सॉल्वर के रूप में गिरफ्तार किया गया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।
फिजिक्स का पेपर काफी कठिन था, बायोलॉजी ने संभाला
देशभर के 5,400 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर राहत तो दिखी, लेकिन क्वेश्चन पेपर के स्तर को लेकर उनकी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं रहीं। कुल मिलाकर RE-NEET का पेपर मॉडरेट करने वाला था। इस बार रटने की बजाय कॉन्सेप्चुअल समझ और स्पष्टता पर अधिक जोर दिया गया। एक्सपर्ट्स के अनुसार, फिजिक्स का पेपर सबसे कठिन और लंबा था। इसकी वजह से अभ्यर्थियों का औसत स्कोर 10 से 20 अंक तक कम हो सकता है। वहीं, केमिस्ट्री का स्तर सामान्य रहा। इनऑर्गेनिक के अधिकांश सवाल सीधे NCERT पर आधारित थे। बायोलॉजी का पेपर अपेक्षाकृत आसान रहा। एक्सपर्ट का मानना है कि फिजिक्स के कठिन पेपर का असर कट-ऑफ पर भी पड़ सकता है और इस विषय के कारण कुल कट-ऑफ में 10 से 15 अंकों तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
पटना में 16 जून को पहुंचा था क्वेश्चन पेपर
नीट री एग्जाम के लिए प्रश्न पत्र वायु सेना के विशेष विमान से 16 जून को पटना एयरपोर्ट पहुंचा था। पटना एयरपोर्ट आने के बाद वायु सेना का विमान ने प्रश्नपत्र दिया था। उसके बाद दरभंगा, गया और फिर गयाजी एयरपोर्ट में प्रश्नपत्र अधिकारियों के हवाले कर दिया। नीट की परीक्षा पटना समेत बिहार के कई जिलों में 21 जून को होगी। यह एग्जाम 3 जून को ही हुआ था, पर पेपर लीक होने की वजह से रद्द कर दिया गया।







