नीतीश कुमार एक बार फिर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए है। रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इस पर मुहर लगी है। वहीं, उमेश कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। यह निर्णय राज्य परिषद की बैठक में लिया गया है। बैठक में शामिल होने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद पार्टी ऑफिस पहुंचे थे। यहां नीतीश कुमार पर फूलों की बारिश की गई। कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम के स्वागत में ढोल-नगाड़े बजाए। साथ ही नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे भी लगाए। बैठक खत्म होने के बाद नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास के लिए निकल गए।
वहीं डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि बैठक में नीतिश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुहर लगी है। इसके अलावा निशांत कुमार ने इस बैठक में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है। आगे भविष्य में JDU बेहतर करने जा रही हैं।
ललन सिंह और संजय झा का ऐलान, निशांत के हाथों में होगी जेडीयू की कमान
निशांत कुमार ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद, पिता के पदचिह्नों पर चलने का लिया संकल्प
राज्य परिषद की बैठक में उमेश कुशवाहा को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर भी सहमति बनी। पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है और आगे भी वे कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने का काम करेंगे।
निशांत कुमार को लेकर दिए गए बड़े संकेत
बैठक में पहली बार निशांत कुमार की सक्रिय मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी। कई नेताओं ने उन्हें पार्टी का भविष्य बताया। मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को मंजूरी दी गई और दूसरे सत्र में नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने का औपचारिक अनुमोदन किया गया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करना हम सभी के लिए गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि निशांत कुमार अब सक्रिय हो चुके हैं और वे पार्टी का भविष्य हैं। उनके नेतृत्व में आने वाले समय में जदयू और मजबूत होगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नीतीश कुमार जल्द ही बिहार यात्रा पर निकलेंगे। इस दौरान वे राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर सरकार और संगठन के कामकाज की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे। वे कार्यकर्ताओं और आम जनता से संवाद करेंगे तथा संगठन को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे।
विधानसभा चुनाव के बाद पहली बड़ी बैठक
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यह जदयू की पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक थी। प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित राज्य परिषद की बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि बैठक के शुरुआती सत्र में नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे, लेकिन बाद में उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर औपचारिक मुहर लगाई गई।
संजय झा बोले- चुनाव के बाद सबसे बड़ी बैठक
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि संगठनात्मक चुनाव पूरा होने के बाद यह पार्टी की पहली बड़ी राष्ट्रीय बैठक है। उन्होंने कहा कि बैठक को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं में काफी उत्साह देखने को मिला। पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ पहुंचे और नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगाए। संजय झा ने कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद यह सबसे बड़ी बैठक है। विधानसभा चुनाव में जदयू का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। उन्होंने बताया कि जदयू ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 85 सीटों पर जीत दर्ज की थी। प्रतिशत के हिसाब से यह पार्टी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
अनंत सिंह भी पहुंचे बैठक में
मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह भी अपनी डिफेंडर कार से बैठक में शामिल होने पहुंचे। मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा कि बैठक में जाएंगे, तब बताएंगे कि क्या हुआ। इसके बाद वे बिना ज्यादा बातचीत किए कार्यालय के अंदर चले गए।
उमेश कुशवाहा ने बताया ऐतिहासिक बैठक
प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद की यह बैठक ऐतिहासिक साबित हुई है। उन्होंने कहा कि देशभर से आए पार्टी प्रतिनिधियों का बिहार की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि बिहार हमेशा देश की राजनीति और सामाजिक परिवर्तन का केंद्र रहा है। चाहे चंपारण सत्याग्रह हो या लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चला सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन, बिहार ने हर दौर में देश को नई दिशा दी है। उमेश कुशवाहा ने कहा कि ऐसे गौरवशाली प्रदेश की राजधानी पटना में राष्ट्रीय और राज्य परिषद की बैठक का आयोजन पूरे संगठन के लिए गर्व की बात है।
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था, जिसे आज राष्ट्रीय परिषद ने मंजूरी दे दी है। मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि आगे अध्यक्ष के रूप में उमेश जदयू समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और श्रमिकों की पार्टी है। पार्टी को और मजबूत बनाने तथा पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार द्वारा किए गए विकास कार्यों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत है।
नीतीश कुमार एक बार फिर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए है। रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इस पर मुहर लगी है। वहीं, उमेश कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। यह निर्णय राज्य परिषद की बैठक में लिया गया है। बैठक में शामिल होने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद पार्टी ऑफिस पहुंचे थे। यहां नीतीश कुमार पर फूलों की बारिश की गई। कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम के स्वागत में ढोल-नगाड़े बजाए। साथ ही नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे भी लगाए। बैठक खत्म होने के बाद नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास के लिए निकल गए।
वहीं डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि बैठक में नीतिश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुहर लगी है। इसके अलावा निशांत कुमार ने इस बैठक में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है। आगे भविष्य में JDU बेहतर करने जा रही हैं।
ललन सिंह और संजय झा का ऐलान, निशांत के हाथों में होगी जेडीयू की कमान
निशांत कुमार ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद, पिता के पदचिह्नों पर चलने का लिया संकल्प
राज्य परिषद की बैठक में उमेश कुशवाहा को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर भी सहमति बनी। पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है और आगे भी वे कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने का काम करेंगे।
निशांत कुमार को लेकर दिए गए बड़े संकेत
बैठक में पहली बार निशांत कुमार की सक्रिय मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी। कई नेताओं ने उन्हें पार्टी का भविष्य बताया। मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को मंजूरी दी गई और दूसरे सत्र में नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने का औपचारिक अनुमोदन किया गया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करना हम सभी के लिए गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि निशांत कुमार अब सक्रिय हो चुके हैं और वे पार्टी का भविष्य हैं। उनके नेतृत्व में आने वाले समय में जदयू और मजबूत होगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नीतीश कुमार जल्द ही बिहार यात्रा पर निकलेंगे। इस दौरान वे राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर सरकार और संगठन के कामकाज की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे। वे कार्यकर्ताओं और आम जनता से संवाद करेंगे तथा संगठन को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे।
विधानसभा चुनाव के बाद पहली बड़ी बैठक
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यह जदयू की पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक थी। प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित राज्य परिषद की बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि बैठक के शुरुआती सत्र में नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे, लेकिन बाद में उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर औपचारिक मुहर लगाई गई।
संजय झा बोले- चुनाव के बाद सबसे बड़ी बैठक
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि संगठनात्मक चुनाव पूरा होने के बाद यह पार्टी की पहली बड़ी राष्ट्रीय बैठक है। उन्होंने कहा कि बैठक को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं में काफी उत्साह देखने को मिला। पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ पहुंचे और नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगाए। संजय झा ने कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद यह सबसे बड़ी बैठक है। विधानसभा चुनाव में जदयू का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। उन्होंने बताया कि जदयू ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 85 सीटों पर जीत दर्ज की थी। प्रतिशत के हिसाब से यह पार्टी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
अनंत सिंह भी पहुंचे बैठक में
मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह भी अपनी डिफेंडर कार से बैठक में शामिल होने पहुंचे। मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा कि बैठक में जाएंगे, तब बताएंगे कि क्या हुआ। इसके बाद वे बिना ज्यादा बातचीत किए कार्यालय के अंदर चले गए।
उमेश कुशवाहा ने बताया ऐतिहासिक बैठक
प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद की यह बैठक ऐतिहासिक साबित हुई है। उन्होंने कहा कि देशभर से आए पार्टी प्रतिनिधियों का बिहार की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि बिहार हमेशा देश की राजनीति और सामाजिक परिवर्तन का केंद्र रहा है। चाहे चंपारण सत्याग्रह हो या लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चला सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन, बिहार ने हर दौर में देश को नई दिशा दी है। उमेश कुशवाहा ने कहा कि ऐसे गौरवशाली प्रदेश की राजधानी पटना में राष्ट्रीय और राज्य परिषद की बैठक का आयोजन पूरे संगठन के लिए गर्व की बात है।
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था, जिसे आज राष्ट्रीय परिषद ने मंजूरी दे दी है। मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि आगे अध्यक्ष के रूप में उमेश जदयू समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और श्रमिकों की पार्टी है। पार्टी को और मजबूत बनाने तथा पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार द्वारा किए गए विकास कार्यों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत है।







