पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर के कार्यकर्ताओं का जुटान जारी है। कार्यकर्ता कल से ही आवास के बाहर डटे हुए हैं। लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती के फैसले को लेकर समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है।
सरकार की ओर से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। बीते दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राबड़ी यादव ने अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा वापस कर दी थी।
वहीं, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव आज सिंगापुर से पटना लौट सकते हैं। बता दे कि वो 30 मई को सिंगापुर पहुंचे थे जहां पर अपने किडनी से जुड़े रुटीन चेकअप के लिए वह वहां गए थे।
उन्हें केवल सुरक्षा कर्मियों को लौटाने का नाटक नहीं करना चाहिए, बल्कि सरकारी बंगला, सरकारी सुविधाएं, बुलेटप्रूफ वाहन, कैबिनेट मंत्री के समकक्ष प्राप्त सुविधा भी त्याग देनी चाहिए।’ राबड़ी देवी को जेडीयू से नसीहत मिली है। दरअसल, बिहार में सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस और वीआईपी सुरक्षा में कटौती को लेकर सत्ता पक्ष (जदयू) और मुख्य विपक्षी दल (राजद) के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई है।
सुरक्षा घटाने के फैसले से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को अपनी सभी सरकारी सुरक्षा वापस लौटा दी। राबड़ी देवी ने अपने 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास से सभी सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया है, वहीं दिल्ली में मौजूद तेजस्वी यादव ने भी अपनी ‘वाई प्लस’ (Y+) श्रेणी की सुरक्षा छोड़ दी है। इसके विरोध में राजद कार्यकर्ता लाठियां लेकर राबड़ी आवास की सुरक्षा में खुद तैनात हो गए हैं।
राबड़ी आवास पर आरजेडी नेताओं का पहरा
बंगला खाली करने का नोटिस और सुरक्षा घटाने के मामले में सत्ता पक्ष और राजद में तनातनी बढ़ गई है। सुरक्षा घटाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, लालू प्रसाद और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को अपनी सुरक्षा वापस कर दी है। राबड़ी देवी ने 10, सर्कुलर रोड आवास से सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस कर दिया है। तेजस्वी अभी दिल्ली में हैं। माता-पिता के सुरक्षा घटाने के विरोध में उन्होंने अपनी वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस कर दी है।
उसके बाद राजद कार्यकर्ता राबड़ी आवास की सुरक्षा में तैनात हो गए हैं। शिफ्ट में कार्यकर्ता पहरा दे रहे हैं। तीनों शीर्ष नेताओं द्वारा सुरक्षा हटाने के निर्णय की सूचना मिलते ही शनिवार को राजद कार्यकर्ता 10 सर्कुलर रोड आवास के बाहर जमा होने लगे। भाई अरुण सहित कई कार्यकर्ता लाठी लेकर आवास की सुरक्षा को पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, भोला यादव, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर, शिवचंद्र राम, कुमार सर्वजीत, शक्ति सिंह यादव, प्रवक्ता एजाज अहमद, आईआईपी के आईपी गुप्ता आवास के बाहर डटे रहे।
नीतीश की पार्टी से ‘मोह-माया’ त्यागने की नसीहत
जदयू के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि अगर वास्तव में राबड़ी देवी को ‘मोह-माया’ का बोध हो गया है, तो उन्हें केवल सुरक्षा कर्मियों को लौटाने का नाटक नहीं करना चाहिए, बल्कि सरकारी बंगला, सरकारी सुविधाएं, बुलेटप्रूफ वाहन, कैबिनेट मंत्री के समकक्ष प्राप्त सुविधा भी त्याग देनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने राजद समर्थकों को आगाह करते हुए कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में लाठी, डंडा, भाला जैसे घातक हथियारों के साथ प्रदर्शन करना गैरकानूनी है। जो नेता अपने समर्थकों को लाठी लेकर सड़क पर उतरने के लिए उकसा रहे हैं, क्या वे उनके विरुद्ध दर्ज होने वाले मुकदमों, जेल और कानूनी परिणाम की जिम्मेदारी भी लेने को तैयार हैं?
दो दिन पहले घटाई गई थी लालू-राबड़ी की सुरक्षा
दरअसल, सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक के बाद 4 जून को बिहार सरकार ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजप्रताप यादव, मीसा भारती, राजश्री यादव सहित परिवार के छह सदस्यों की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया था। पूर्व सीएम लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा जेड प्लस श्रेणी और पूर्व विधायक तेज प्रताप यादव की वाई श्रेणी की सुरक्षा हटा दी गई थी। इसी के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद ने सभी तरह की सुरक्षा वापस करने का फैसला लिया। तेजस्वी की सुरक्षा से केंद्रीय बल को हटाकर पटना जिला पुलिस बल के जवान को तैनात किया गया था।
सुरक्षा हटाने पर क्या बोले मंत्री श्रवण कुमार
राबड़ी परिवार के सुरक्षा में कमी और सुरक्षा न लेने के सवाल पर मंत्री श्रवण कुमार ने सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि,
विपक्ष के आरोपों पर संतोष सुमन का जवाब
विपक्ष द्वारा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और मंत्री संतोष कुमार सुमन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जाने पर संतोष सुमन ने कहा कि, ‘सुरक्षा का स्तर सरकार और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाता है। इसमें किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत भूमिका नहीं होती।’
रोहिणी आचार्य ने कार्यकर्ताओं से की अपील
रोहिणी आचार्य ने कल सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजद कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि, ‘लालू परिवार की असली सुरक्षा और ढाल राजद के कार्यकर्ता और जनता हैं। साथ ही आरोप लगाया कि बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है, जिसका जवाब जनता देगी।’
जीतन राम मांझी ने आंदोलन को बताया अनुचित
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, ‘सुरक्षा का विषय सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। यदि किसी को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आपत्ति है तो उसे सरकार के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए।’
मांझी ने इस मुद्दे पर आंदोलन को उचित नहीं बताया और कहा कि, ‘सरकार सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है।’
सुरक्षा के मुद्दे पर तेज हुई राजनीति
लालू परिवार की सुरक्षा में बदलाव के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। एक ओर राजद इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि सुरक्षा संबंधी फैसले निर्धारित मानकों और खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लिए जाते हैं। अब लालू यादव के पटना लौटने के बाद इस मुद्दे पर सियासी हलचल और तेज होने की संभावना है।







