विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर भारतीय डेयरी संघ (Indian Dairy Association) के बिहार राज्य चैप्टर द्वारा पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र स्थित नेचुरल डेयरी प्रा. लि. के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक कार्यशाला-सह-सेमिनार का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय डेयरी संघ, बिहार राज्य चैप्टर के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। श्री श्रीवास्तव डेयरी उद्योग के एक वरिष्ठ एवं अनुभवी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) में 35 वर्षों से अधिक समय तक अपनी सेवाएं देकर बिहार के दुग्ध सहकारी क्षेत्र के विकास और विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यशाला का संयुक्त उद्घाटन भारतीय डेयरी संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र श्रीवास्तव, नेचुरल डेयरी प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक श्री हेमंत दास तथा एनडीपीएल, पटना के निदेशक श्री चाणक्य जी द्वारा किया गया।

अपने उद्घाटन संबोधन में श्री हेमंत दास ने डेयरी उद्योग में अपने 25 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवाचार, गुणवत्ता आश्वासन, उपभोक्ता संतुष्टि और सतत व्यावसायिक गतिविधियां डेयरी क्षेत्र के निरंतर विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने बदलते बाजार परिवेश में आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के माध्यम से उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने पर बल दिया।
अपने संबोधन में श्री श्रीवास्तव ने विश्व दुग्ध दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस दुग्ध उत्पादकों, सहकारी संस्थाओं, निजी डेयरी उद्यमों तथा डेयरी क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के योगदान को सम्मानित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने पोषण सुरक्षा, ग्रामीण विकास तथा किसानों की आर्थिक समृद्धि में डेयरी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। साथ ही डेयरी प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धित उत्पादों तथा उद्यमिता के क्षेत्र में उभरती संभावनाओं पर भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त एजीएम (इंजीनियरिंग) श्री महेश्वर प्रसाद तथा भारतीय डेयरी संघ, बिहार चैप्टर के उपाध्यक्ष पी.के. सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और डेयरी उद्योग के समक्ष मौजूद चुनौतियों एवं अवसरों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर भारतीय डेयरी संघ, बिहार चैप्टर के सचिव आर. झा, मदर डेयरी के शक्ति वर्धन, चाणक्य जी सहित डेयरी उद्योग से जुड़े अनेक वरिष्ठ पेशेवर, उद्योग प्रतिनिधि, शिक्षाविद् एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुश्री प्रिया कुमारी और श्री साहिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए डेयरी उद्योग की वर्तमान प्रवृत्तियों, चुनौतियों, तकनीकी नवाचारों, स्थिरता संबंधी पहलों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुई। संवादात्मक सत्रों में सभी हितधारकों ने डेयरी क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा अर्थव्यवस्था एवं जनस्वास्थ्य में इसकी भूमिका को बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का समापन श्री कृपाल मिश्रा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने विश्व दुग्ध दिवस की भावना के अनुरूप दुग्ध उपभोग को बढ़ावा देने, डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा सतत डेयरी विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।







