राज्य में लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के निर्देश पर विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी डीएम को पत्र जारी कर राज्यभर में त्रुटि जांच के स्तर पर लंबित लगभग 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों में निपटाने का निर्देश दिया है। सभी डीएम को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। रोजाना निगरानी करने और इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। निर्देश में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन स्क्रूटिनी स्तर पर लंबित हैं। राज्य सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 तहत लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का तुरंत निबटारा आवश्यक है। मंत्री ने निर्देश दिया है कि आम लोगों को छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों की स्क्रूटिनी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करनी होगी। मामूली या तकनीकी कारणों से आवेदनों को अनावश्यक वापस नहीं किया जाएगा। सभी लंबित आवेदनों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।







