मौसम विभाग ने आज पूरे बिहार में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को पटना, खगड़िया,रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, छपरा समेत 20 जिलों में सुबह पहले अंधेरा छा गया फिर तेज बारिश हुई। काले बादलों की वजह से सुबह में गाड़ियों की लाइट जलाकर लोग सफर करते देखे गए। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
पटना में आंधी-बारिश, कई इलाकों में लाइट कटी
पटना में भी तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है। तेज हवा की वजह से कई इलाकों में लाइट कट गई है। दिन में अंधेरा छा गया है। काले बादल छाए हुए हैं और तेज हवा चल रही है।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी तात्कालिक मौसम चेतावनी में भोजपुर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, सारण और सिवान जिलों के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन घंटों के भीतर(09ः30 बजे तक) तेज मेघ गर्जन, वज्रपात, ओलावृष्टि तथा बारिश के साथ 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की प्रबल संभावना जताई गई है. विभाग ने रेड वार्निंग जारी करते हुए लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है. खुले में रहने वाले लोगों को सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेने, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा किसानों को मौसम सामान्य होने तक खेतों में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
- भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी तात्कालिक मौसम चेतावनी में रेड वार्निंग जारी करते हुए बताया गया है कि अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भभुआ, भागलपुर, भोजपुर, पूर्वी चंपारण, गया, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली जिलों के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन घंटों के भीतर (10ः30 बजे तक) 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की प्रबल संभावना है. विभाग के अनुसार प्रभावित जिलों के विभिन्न प्रखंडों में तेज आंधी और खराब मौसम की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, खुले स्थानों से दूर रहने, सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेने तथा बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखने की अपील की है. किसानों को भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में मौजूदा मौसम प्री-मानसून गतिविधियों की ओर इशारा कर रहा है। आमतौर पर मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण राज्य में गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी का दौर शुरू होता है.
- फिलहाल राज्य में जो मौसमी सिस्टम सक्रिय है, वह इसी प्री-मानसून पैटर्न का हिस्सा है. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी बिहार में नहीं हुई है, लेकिन वातावरण का स्वरूप पूरी तरह मानसून पूर्व गतिविधियों जैसा बन गया है.
क्या बिहार में प्री-मानसून सीजन की शुरुआत हो चुकी है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में मौजूदा स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों की ओर इशारा कर रही है। आमतौर पर मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी से नमी आने लगती है, जिससे राज्य में गरज-तड़क, बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होता है।
फिलहाल जो मौसम बन रहा है, वह उसी प्री-मानसून पैटर्न का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि अभी दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री बिहार में नहीं हुई है, लेकिन मौसम का स्वरूप मानसून पूर्व गतिविधियों जैसा दिख रहा है।
- मौसम में बदलाव की वजह क्या है: मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से राज्य के कई हिस्सों में बादल बन रहे हैं और बारिश के साथ तेज हवा चल रही है। दिन में गर्मी और नमी बढ़ने से शाम के समय आंधी और वज्रपात की स्थिति बन रही है।
- अगले 7 दिनों में कैसा रहेगा मौसम: मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 3 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि इसके बाद अगले 4 दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। यानी राहत के बाद उमस और गर्मी फिर बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जून के पहले सप्ताह तक रुक-रुककर बारिश और तेज हवा का दौर जारी रह सकता है।
- मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही लगातार नमी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण वायुमंडल में भारी अस्थिरता है. इसी वजह से राज्य के आसमान में घने बादल बन रहे हैं. दिन के समय धूप और नमी बढ़ने के कारण शाम होते ही आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की स्थिति पैदा हो रही है.
- अगले 3 दिन: राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.
- उसके बाद के 4 दिन: तापमान में अचानक 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है. यानी इस राहत के ठीक बाद लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
- जून का पहला हफ्ता: मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जून के पहले सप्ताह तक राज्य में रुक-रुककर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का यह दौर जारी रहेगा.
- राजधानी पटना में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. दिन में तेज हवाओं के साथ कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने पटना में विशेष तौर पर वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों को खुले में न निकलने की सलाह दी है.
- राहत की बात यह है कि बारिश और आंधी के कारण बिहार के सभी जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है. राज्य में सबसे अधिक तापमान कैमूर के भभुआ में 39.9 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि अधिकांश जिलों में पारा 32 से 37 डिग्री के बीच बना हुआ है.







