प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प को सलाम किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एक साल पहले भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय बहादुरी का परिचय देते हुए पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया था।
भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने भारतीय सेनाओं की पेशेवर क्षमता, तैयारी और आपसी समन्वय को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया। साथ ही यह भी दिखाया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों ने देश की सुरक्षा को और मजबूत किया है। मोदी ने कहा कि एक साल बाद भी भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले पूरे तंत्र को खत्म करने के अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से कायम है।
गृह मंत्री ने आतंकियों को दी चेतावनी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारत की सैन्य शक्ति का ऐतिहासिक प्रतीक बन गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर हमेशा दुश्मनों को भारतीय सेना की अचूक मारक क्षमता की याद दिलाता रहेगा।
भारत के सबसे सफल सैन्य अभियान ‘ऑपरेश सिंदूर’ को आज यानी गुरुवार को एक साल हो गए. 7 मई को ही भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. भारत का ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम अटैक का बदला था. ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने एक्स पर अपनी प्रोफाइल डीपी चेंज की है. पीएम मोदी ने गुरुवार को अपनी प्रोफाइल डीपी में ऑपरेशन सिंदूर की फोटो लगाई है. उन्होंने एक पोस्ट में यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के मौके पर पूरा देश हमारी सेनाओं की बहादुरी को सलाम करता है. वहीं, भारतीय वायुसेना ने एक वीडियो शेयर कर लिखा है कि भारत कुछ नहीं भूलता, भारत कभी नहीं माफ करता.’ वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को याद किया.
ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘एक साल पहले हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेमिसाल साहस, सटीकता और पक्का इरादा दिखाया था. उन्होंने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जिन्होंने पहलगाम में बेकसूर भारतीयों पर हमला करने की हिम्मत की थी. पूरा देश हमारी सेनाओं की बहादुरी को सलाम करता है. Operation Sindoor ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े जवाब और देश की सुरक्षा की रक्षा के प्रति उसके पक्के इरादे को दिखाया. इसने हमारी सेनाओं के पेशेवरपन, तैयारी और मिलकर काम करने की ताकत को भी उजागर किया. साथ ही इसने हमारी सेनाओं के बीच बढ़ती एकता को भी दिखाया और इस बात पर ज़ोर दिया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की भारत की कोशिश ने हमारी देश की सुरक्षा को कितनी ताकत दी है. आज, एक साल बाद भी, हम आतंकवाद को हराने और उसे बढ़ावा देने वाले पूरे सिस्टम को खत्म करने के अपने इरादे पर पहले की तरह ही मज़बूती से कायम हैं.’
वायुसेना ने क्या पोस्ट किया
ऑपरेशन सिंदूर पर भारतीय वायुसेना की ओर से जारी वीडियो में पहलगाम आतंकी हमले, पीएम मोदी की आतंकियों को चेतावनी और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कुछ झलकियां दिखाई गई हैं. वीडियो में दिखाया गया कि भारतीय सेना ने कैसे ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी की और पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद किया. इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और उसके सैन्य ठिकानों की तबाही की तस्वीर भी दिखाई गई.
वीडियो शेयर करते हुए भारतीय वायुसेना ने कैप्शन में लिखा, ‘ऑपरेशन सिंदूर, न्याय मिल गया. कार्रवाई सटीक, यादें हमेशा. ऑपरेशन सिंदूर जारी है. भारत कुछ नहीं भूलता, भारत कभी नहीं माफ करता.’
राजनाथ सिंह ने भी सेना को किया सलाम
इधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर हम अपने सशस्त्र बलों की वीरता को नमन करते हैं, जिनका साहस और समर्पण राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करता आ रहा है. इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेनाओं ने अद्वितीय सटीकता, बेहतरीन समन्वय और तीनों सेनाओं के बीच गहरी तालमेल का प्रदर्शन किया, जिसने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक स्थापित किया.’
उन्होंने आगे लिखा, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का एक सशक्त प्रतीक है. यह दर्शाता है कि जब भी देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण घड़ी आती है, तो हमारे सशस्त्र बल निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं.” रक्षा मंत्री ने कहा कि यह अभियान भारत के ‘आत्मनिर्भरता’ की दिशा में लगातार बढ़ते कदमों का भी प्रमाण है, जिसके माध्यम से हम अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए अपनी सहनशक्ति और दृढ़ता को भी सुदृढ़ कर रहे हैं.
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘145 करोड़ भारत वासियों की एकजुटता, अदम्य इच्छाशक्ति, सशस्त्र सेनाओं के असाधारण पराक्रम और भारत की स्पष्ट नीति की गौरवशाली अभिव्यक्ति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूर्ण होने पर देश वासियों को हार्दिक बधाई और भारतीय सेना के रणबांकुरों का हृदयतल से अभिनंदन.’
सीएम योगी पोस्ट में लिखा, ‘यह ऑपरेशन ‘नए भारत’ के आत्मविश्वास, साहस और निर्णायक नेतृत्व का सशक्त प्रतीक है. इसने विश्व को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान से कोई समझौता नहीं करता है. हमारे वीर जवानों का शौर्य, त्याग और तप ही भारत की अजेय शक्ति है.राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा. यह विजयगाथा केवल इतिहास नहीं, भविष्य की प्रेरणा है.’
भारत ने लोहा मनवाया
भारत ने सिर्फ चार दिन में अपने उद्देश्य की पूर्ति कर ली और पाकिस्तान के सीजफायर के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया। इससे साफ हो गया कि भारत ने नियंत्रित युद्ध में बढ़त हासिल की। इतिहास गवाह है कि दुनिया में कई युद्ध बरसों तक चलते रहे हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष, वियतनाम और अफगानिस्तान जंग से भारी नुकसान हुआ। पश्चिम एशिया का संघर्ष भी इसका उदाहरण है। इसके विपरीत, भारत के मजबूत नेतृत्व और पेशेवर सैन्य क्षमता के कारण ऑपरेशन सिंदूर अंतहीन युद्ध होने से बच गया।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने समन्वित अभियान के जरिये पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। सियालकोट और बहावलपुर तक भारत ने हमला किया। नूर खान और सरगोधा एयरबेस पर प्रहार कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। भारत ने यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया।
भारत ने झूठी साबित की परमाणु धमकी
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की परमाणु धमकी के दावों को भी झूठा साबित कर दिया। भारत की एकीकृत वायु कमान एवं नियंत्रण प्रणाली (IACCS) और आकाशतीर सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल हमलों को विफल कर दिया। भारत में आर्थिक व्यवधान भी कम रहा।
भारतीय वायुसेना ने राफेल, स्कैल्प मिसाइल और हैमर बम के जरिये पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को चकमा देकर सिर्फ 23 मिनट में मिशन पूरा कर लिया। 10 मई को भारत ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाकर 11 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह पहली बार था जब किसी परमाणु संपन्न देश के इतने एयरबेस को निशाना बनाया गया, जिससे पाकिस्तान की वायु क्षमता को भारी नुकसान हुआ।
संयुक्त ताकत का परिचय
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को दिखाया। नौसेना, थल सेना और वायुसेना ने मिलकर कार्रवाई की। केंद्र के प्रयासों से रक्षा उत्पादन साल 2014-15 के 46,429 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये हो गया। अब 65% से अधिक उत्पादन देश में ही हो रहा है।
ड्रोन आयात पर प्रतिबंध और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना से घरेलू अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा मिला। आज 75% खरीद देश में हो रही है और 25% R&D निजी क्षेत्र के लिए आरक्षित है। 90% गोला-बारूद स्वदेशी हो चुका है। ब्रह्मोस, आकाश, आकाशतीर, तेजस जैसी प्रणालियों से क्षमता बढ़ी है। ड्रोन और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका भी मजबूत हुई है।
सैन्य सफलता के लिए राजनीतिक दिशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सैनिकों की वीरता के साथ दूरदृष्टि जरूरी है। पिछले एक दशक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ संयमित होकर सैन्य विकल्प अपनाए। सुरक्षाबलों को कार्रवाई की छूट मिली और उन्हें आम लोगों को नुकसान से बचाने के निर्देश दिए गए।
पीएम मोदी के नेतृत्व में सिंधु जल संधि रोकने और सैन्य कार्रवाई जैसे फैसले सोच-विचार और सेना के समन्वय के साथ लिए गए। आतंकवादियों और उनके ढांचों को निशाना बनाने का उद्देश्य भी स्पष्ट था। 2008 के मुंबई में हुए आतंकी हमलों ने दिखाया कि सख्त कार्रवाई अधिक प्रभावी है। ऑपरेशन सिंदूर ने नया मानक तय किया और संकेत दिया कि भविष्य में कार्रवाई पाकिस्तान के भीतर तक बढ़ सकती है।
सभी साथ आए
ऑपरेशन सिंदूर ने संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण दिखाया है, जिसमें सेना, सरकार और निजी उद्योग साथ आए। स्टार्टअप ने ड्रोन और काउंटर यूएस प्रणालियों में योगदान किया। इनकी भूमिका आने वाले बरसों में और बढ़ेगी। इससे एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हुआ। इसरो ने उपग्रह से निगरानी की और गलत सूचनाओं से निपटने का भी प्रयास किया गया। सेना के एकीकृत रक्षा स्टाफ (IDS) ने संयुक्त खरीद और संचालन सुनिश्चित किया, जिससे तीनों सेनाएं साझा खुफिया जानकारी पर काम कर सकीं। नागरिक प्रशासन भी सैन्य योजना से जुड़ा। सरकार ने विपक्ष को साथ लेकर वैश्विक स्तर पर समर्थन जुटाया, जिससे राजनीतिक एकता का महत्व दिखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प को सलाम किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एक साल पहले भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय बहादुरी का परिचय देते हुए पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया था।
भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने भारतीय सेनाओं की पेशेवर क्षमता, तैयारी और आपसी समन्वय को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया। साथ ही यह भी दिखाया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों ने देश की सुरक्षा को और मजबूत किया है। मोदी ने कहा कि एक साल बाद भी भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले पूरे तंत्र को खत्म करने के अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से कायम है।
गृह मंत्री ने आतंकियों को दी चेतावनी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारत की सैन्य शक्ति का ऐतिहासिक प्रतीक बन गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर हमेशा दुश्मनों को भारतीय सेना की अचूक मारक क्षमता की याद दिलाता रहेगा।
भारत के सबसे सफल सैन्य अभियान ‘ऑपरेश सिंदूर’ को आज यानी गुरुवार को एक साल हो गए. 7 मई को ही भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. भारत का ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम अटैक का बदला था. ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने एक्स पर अपनी प्रोफाइल डीपी चेंज की है. पीएम मोदी ने गुरुवार को अपनी प्रोफाइल डीपी में ऑपरेशन सिंदूर की फोटो लगाई है. उन्होंने एक पोस्ट में यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के मौके पर पूरा देश हमारी सेनाओं की बहादुरी को सलाम करता है. वहीं, भारतीय वायुसेना ने एक वीडियो शेयर कर लिखा है कि भारत कुछ नहीं भूलता, भारत कभी नहीं माफ करता.’ वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को याद किया.
ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘एक साल पहले हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेमिसाल साहस, सटीकता और पक्का इरादा दिखाया था. उन्होंने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जिन्होंने पहलगाम में बेकसूर भारतीयों पर हमला करने की हिम्मत की थी. पूरा देश हमारी सेनाओं की बहादुरी को सलाम करता है. Operation Sindoor ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े जवाब और देश की सुरक्षा की रक्षा के प्रति उसके पक्के इरादे को दिखाया. इसने हमारी सेनाओं के पेशेवरपन, तैयारी और मिलकर काम करने की ताकत को भी उजागर किया. साथ ही इसने हमारी सेनाओं के बीच बढ़ती एकता को भी दिखाया और इस बात पर ज़ोर दिया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की भारत की कोशिश ने हमारी देश की सुरक्षा को कितनी ताकत दी है. आज, एक साल बाद भी, हम आतंकवाद को हराने और उसे बढ़ावा देने वाले पूरे सिस्टम को खत्म करने के अपने इरादे पर पहले की तरह ही मज़बूती से कायम हैं.’
वायुसेना ने क्या पोस्ट किया
ऑपरेशन सिंदूर पर भारतीय वायुसेना की ओर से जारी वीडियो में पहलगाम आतंकी हमले, पीएम मोदी की आतंकियों को चेतावनी और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कुछ झलकियां दिखाई गई हैं. वीडियो में दिखाया गया कि भारतीय सेना ने कैसे ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी की और पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद किया. इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और उसके सैन्य ठिकानों की तबाही की तस्वीर भी दिखाई गई.
वीडियो शेयर करते हुए भारतीय वायुसेना ने कैप्शन में लिखा, ‘ऑपरेशन सिंदूर, न्याय मिल गया. कार्रवाई सटीक, यादें हमेशा. ऑपरेशन सिंदूर जारी है. भारत कुछ नहीं भूलता, भारत कभी नहीं माफ करता.’
राजनाथ सिंह ने भी सेना को किया सलाम
इधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर हम अपने सशस्त्र बलों की वीरता को नमन करते हैं, जिनका साहस और समर्पण राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करता आ रहा है. इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेनाओं ने अद्वितीय सटीकता, बेहतरीन समन्वय और तीनों सेनाओं के बीच गहरी तालमेल का प्रदर्शन किया, जिसने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक स्थापित किया.’
उन्होंने आगे लिखा, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का एक सशक्त प्रतीक है. यह दर्शाता है कि जब भी देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण घड़ी आती है, तो हमारे सशस्त्र बल निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं.” रक्षा मंत्री ने कहा कि यह अभियान भारत के ‘आत्मनिर्भरता’ की दिशा में लगातार बढ़ते कदमों का भी प्रमाण है, जिसके माध्यम से हम अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए अपनी सहनशक्ति और दृढ़ता को भी सुदृढ़ कर रहे हैं.
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘145 करोड़ भारत वासियों की एकजुटता, अदम्य इच्छाशक्ति, सशस्त्र सेनाओं के असाधारण पराक्रम और भारत की स्पष्ट नीति की गौरवशाली अभिव्यक्ति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूर्ण होने पर देश वासियों को हार्दिक बधाई और भारतीय सेना के रणबांकुरों का हृदयतल से अभिनंदन.’
सीएम योगी पोस्ट में लिखा, ‘यह ऑपरेशन ‘नए भारत’ के आत्मविश्वास, साहस और निर्णायक नेतृत्व का सशक्त प्रतीक है. इसने विश्व को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान से कोई समझौता नहीं करता है. हमारे वीर जवानों का शौर्य, त्याग और तप ही भारत की अजेय शक्ति है.राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा. यह विजयगाथा केवल इतिहास नहीं, भविष्य की प्रेरणा है.’
भारत ने लोहा मनवाया
भारत ने सिर्फ चार दिन में अपने उद्देश्य की पूर्ति कर ली और पाकिस्तान के सीजफायर के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया। इससे साफ हो गया कि भारत ने नियंत्रित युद्ध में बढ़त हासिल की। इतिहास गवाह है कि दुनिया में कई युद्ध बरसों तक चलते रहे हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष, वियतनाम और अफगानिस्तान जंग से भारी नुकसान हुआ। पश्चिम एशिया का संघर्ष भी इसका उदाहरण है। इसके विपरीत, भारत के मजबूत नेतृत्व और पेशेवर सैन्य क्षमता के कारण ऑपरेशन सिंदूर अंतहीन युद्ध होने से बच गया।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने समन्वित अभियान के जरिये पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। सियालकोट और बहावलपुर तक भारत ने हमला किया। नूर खान और सरगोधा एयरबेस पर प्रहार कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। भारत ने यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया।
भारत ने झूठी साबित की परमाणु धमकी
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की परमाणु धमकी के दावों को भी झूठा साबित कर दिया। भारत की एकीकृत वायु कमान एवं नियंत्रण प्रणाली (IACCS) और आकाशतीर सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल हमलों को विफल कर दिया। भारत में आर्थिक व्यवधान भी कम रहा।
भारतीय वायुसेना ने राफेल, स्कैल्प मिसाइल और हैमर बम के जरिये पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को चकमा देकर सिर्फ 23 मिनट में मिशन पूरा कर लिया। 10 मई को भारत ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाकर 11 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह पहली बार था जब किसी परमाणु संपन्न देश के इतने एयरबेस को निशाना बनाया गया, जिससे पाकिस्तान की वायु क्षमता को भारी नुकसान हुआ।
संयुक्त ताकत का परिचय
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को दिखाया। नौसेना, थल सेना और वायुसेना ने मिलकर कार्रवाई की। केंद्र के प्रयासों से रक्षा उत्पादन साल 2014-15 के 46,429 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये हो गया। अब 65% से अधिक उत्पादन देश में ही हो रहा है।
ड्रोन आयात पर प्रतिबंध और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना से घरेलू अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा मिला। आज 75% खरीद देश में हो रही है और 25% R&D निजी क्षेत्र के लिए आरक्षित है। 90% गोला-बारूद स्वदेशी हो चुका है। ब्रह्मोस, आकाश, आकाशतीर, तेजस जैसी प्रणालियों से क्षमता बढ़ी है। ड्रोन और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका भी मजबूत हुई है।
सैन्य सफलता के लिए राजनीतिक दिशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सैनिकों की वीरता के साथ दूरदृष्टि जरूरी है। पिछले एक दशक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ संयमित होकर सैन्य विकल्प अपनाए। सुरक्षाबलों को कार्रवाई की छूट मिली और उन्हें आम लोगों को नुकसान से बचाने के निर्देश दिए गए।
पीएम मोदी के नेतृत्व में सिंधु जल संधि रोकने और सैन्य कार्रवाई जैसे फैसले सोच-विचार और सेना के समन्वय के साथ लिए गए। आतंकवादियों और उनके ढांचों को निशाना बनाने का उद्देश्य भी स्पष्ट था। 2008 के मुंबई में हुए आतंकी हमलों ने दिखाया कि सख्त कार्रवाई अधिक प्रभावी है। ऑपरेशन सिंदूर ने नया मानक तय किया और संकेत दिया कि भविष्य में कार्रवाई पाकिस्तान के भीतर तक बढ़ सकती है।
सभी साथ आए
ऑपरेशन सिंदूर ने संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण दिखाया है, जिसमें सेना, सरकार और निजी उद्योग साथ आए। स्टार्टअप ने ड्रोन और काउंटर यूएस प्रणालियों में योगदान किया। इनकी भूमिका आने वाले बरसों में और बढ़ेगी। इससे एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हुआ। इसरो ने उपग्रह से निगरानी की और गलत सूचनाओं से निपटने का भी प्रयास किया गया। सेना के एकीकृत रक्षा स्टाफ (IDS) ने संयुक्त खरीद और संचालन सुनिश्चित किया, जिससे तीनों सेनाएं साझा खुफिया जानकारी पर काम कर सकीं। नागरिक प्रशासन भी सैन्य योजना से जुड़ा। सरकार ने विपक्ष को साथ लेकर वैश्विक स्तर पर समर्थन जुटाया, जिससे राजनीतिक एकता का महत्व दिखा।