आज सम्राट सरकार के मंत्रियों का शपथ ग्रहण हो गया। पटना के गांधी मैदान में इसे भव्य बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व CM नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सहित NDA के सभी दिग्गज शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किसी राज्य के कैबिनेट विस्तार में शामिल होना एक असाधारण घटना है। आमतौर पर PM केवल मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में आते हैं, लेकिन इस बार का दृश्य काफी अलग और गहरे राजनीतिक संकेतों से भरा है।
मैसेज-1ः बिहार में अब भाजपा राज
यह विस्तार केवल मंत्रियों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि बिहार की सत्ता के केंद्र के स्थायी रूप से बदलने का आधिकारिक ऐलान है।
सम्राट चौधरी बिहार के इतिहास में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले भाजपा हमेशा नीतीश कुमार के नेतृत्व में जूनियर पार्टनर की भूमिका में रही है।
14 अप्रैल 2026 को नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनके राज्यसभा जाने के बाद भाजपा ने पहली बार राज्य की कमान सीधे अपने हाथ में ली है।
- प्रधानमंत्री का इस कैबिनेट विस्तार में आना यह पुख्ता करता है कि अब बिहार की राजनीति दिल्ली के सीधे मार्गदर्शन में चलेगी।
- इस विस्तार के बाद कैबिनेट में भाजपा और JDU का संतुलन 15-15 मंत्रियों का है, जो भाजपा के बढ़ते कद और JDU के बड़े भाई वाली भूमिका से पीछे हटने का स्पष्ट प्रमाण है।
- पॉलिटिकल एनालिस्ट प्रियदर्शी रंजन कहते हैं, ‘सम्राट की सरकार बने 22 दिन हो गए, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह नहीं है। चूंकि सम्राट चौधरी का शपथ ग्रहण बहुत साधारण और छोटे तरीके में हुआ। उसका मैसेज नीचे के कार्यकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाया है।’
- प्रियदर्शी रंजन कहते हैं, ‘भाजपा शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाकर कार्यकर्ताओं में जोश भरती रही है। बिहार में यह काम अब कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह से किया जा रहा है। आम बिहारी को मैसेज दिया जाएगा कि अब राज्य में भाजपा का राज है।’
मैसेज-2ः बंगाल जीते हैं, लेकिन बिहार हमारे लिए खास है
4 मई को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 202 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल की है। बंगाल की प्रचंड जीत के ठीक 3 दिन बाद PM मोदी का बिहार आना यह दिखाता है कि भाजपा अब पूरे पूर्वी भारत को भगवा ब्लॉक के रूप में देख रही है।
बंगाल की जीत के बाद बिहार भाजपा कार्यकर्ताओं में जो उत्साह है, उसे PM मोदी अपनी उपस्थिति से विजय उत्सव में बदलना चाहते हैं।
- PM मोदी यहां आकर मैसेज दिया कि बंगाल की जीत के बाद अब बिहार हमारी प्राथमिकताओं में ऊपर है, ताकि अगले चुनाव तक बिहार को विकसित भारत के विजन से जोड़ा जा सके। साथ ही विपक्ष के साथ-साथ नीतीश कुमार के लिए भी मैसेज है कि BJP अजेय स्थिति में है।
- 4 मई की शाम बंगाल की जीत पर दिए गए अपने भाषण में PM मोदी ने कहा था- ‘बंगाल में गंगा बिहार से जाती हैं।’ इसका सीधा मतलब है कि वह बताना चाह रहे हैं कि बंगाल जीते हैं, लेकिन बिहार भूले नहीं हैं। वह हमारे लिए खास है।’
भाजपा के बंगाल जीतने पर कमजोर हुए नीतीश
- NDA के भीतर नीतीश कुमार अक्सर दबाव की राजनीति करते रहे हैं। वह एक खिड़की खोलकर राजनीति करते रहे हैं और भाजपा को कंट्रोल करते रहे हैं।
- अब ममता बनर्जी जैसे क्षत्रप को भाजपा ने बुरी तरह हरा दिया। इससे नीतीश कुमार पर प्रेशर बढ़ गया है। वह अगर पाला बदलने की राजनीति की सोचेंगे भी तो भाजपा उनको तोड़ने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।
मैसेज-3ः सम्राट चौधरी को दिल्ली का सपोर्ट
अगर शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में होता तो केवल VIP शामिल हो पाते हैं, जबकि गांधी मैदान में लाखों की भीड़ जुटाकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि यह जनता की सरकार है।
गांधी मैदान बड़े राजनीतिक परिवर्तनों (जैसे जेपी आंदोलन) का गवाह रहा है। यहां PM की मौजूदगी में कैबिनेट विस्तार कर भाजपा इस स्थान के ऐतिहासिक महत्व को अपनी नई पारी के साथ जोड़ रही है।
- सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन तब चुनाव में व्यस्तता के कारण बड़े नेता नहीं आ पाए थे।
- इस पर सियासी गलियारे में चर्चा फैली कि सम्राट नीतीश की पसंद हैं। भाजपा के आलाकमान की नहीं। अब PM आकर यह मैसेज दे रहे हैं कि सम्राट चौधरी को दिल्ली का पूरा आशीर्वाद है और यह जनता की सरकार है।
मैसेज-4ः नीतीश के जाने से नाराजगी नहीं, NDA एकजुट है
2 दशक तक बिहार की राजनीति नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द घूमती रही है। उनके CM पद से हटने और राज्यसभा जाने के बाद सवाल पूछा जा रहा था कि क्या NDA में सब ठीक है?
इस कैबिनेट विस्तार के जरिए NDA बता रहा है कि गठबंधन अंदर से काफी मजबूत है। कोई कलह या विद्रोह नहीं है। सत्ता का ट्रांसफर बहुत स्मूथ हुआ है। नीतीश के जाने से कोई नाराजगी नहीं है।
- प्रधानमंत्री मोदी का इस कैबिनेट विस्तार में शामिल होना छोटे दलों को यह भरोसा दिलाता है कि वे केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि सरकार के नीति-निर्धारण में बराबर के भागीदार हैं।
- नीतीश कुमार के हटने के बाद बिहार की राजनीति में जो खालीपन पैदा हुआ है, भाजपा उसे अपने कैडर आधारित युवा नेताओं से भरना चाहती है ताकि 2029 और उसके बाद के चुनावों के लिए एक स्थायी जमीन तैयार की जा सके।
- यह कैबिनेट विस्तार दर्शाता है कि NDA अब बिहार में नीतीश की निर्भरता से बाहर निकलकर एक बहु-आयामी गठबंधन बन गया है, जहां भाजपा बड़े भाई की भूमिका में है, लेकिन छोटे सहयोगियों के सम्मान और हिस्सेदारी का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
सीधे शब्दों में कहें तो, भाजपा यह जताना चाहती है कि अब बिहार की राजनीति का केंद्र बदल चुका है और सम्राट चौधरी की कैबिनेट को दिल्ली का पूरा समर्थन हासिल है।
एयरपोर्ट से लेकर हज भवन होते हुए प्रदेश भाजपा कार्यालय, आयकर गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, फ्रेजर रोड होते हुए गांधी मैदान तक जाने के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए 15 स्थानों पर मंच बनाए गए हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार पीएम 11 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से पीएम विशेष वाहन से हज भवन, प्रदेश भाजपा दफ्तर होते हुए डाकबंगला चौराहा से गांधी मैदान पहुंचेंगे। 12 बजे गांधी मैदान पहुंचने के बाद शपथ ग्रहण समारोह शुरू होगा। शपथ ग्रहण के बाद पीएम गांधी मैदान में बने हेलीपैड से ही हेलिकॉप्टर से पटना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। सवा एक बजे पीएम पटना से वापस लौट जाएंगे।
पटना जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, पटना में कैबिनेट विस्तार कार्यक्रम और वीवीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर गांधी मैदान और राजभवन के आसपास की सड़कों को ‘नो-एंट्री’ जोन घोषित कर दिया गया है। गांधी मैदान में आम जनता गेट नंबर 5, 6, 7, 8, 9 और 10 से एंट्री कर सकेगी। वहीं मीडिया की एंट्री के लिए गेट नंबर 11 तय किया गया है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, एयरपोर्ट गोलंबर से पटेल गोलंबर, राजेन्द्र चौक से पटेल गोलंबर, और चितकोहरा गोलंबर से उत्तर की ओर किसी भी प्रकार के वाहन का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, डुमरा टी.ओ.पी. (शेखपुरा मोड़) से पटना एयरपोर्ट की तरफ जाने वाली सड़कों पर भी पाबंदी रहेगी।
गांधी मैदान और डाकबंगला क्षेत्र में ‘नो-व्हीकल जोन’
शपथ ग्रहण के मद्देनजर आयकर गोलंबर से डाकबंगला, जेपी गोलंबर, कारगिल चौक और चिल्ड्रेन पार्क तक का पूरा इलाका नो-व्हीकल जोन रहेगा। पटना जंक्शन से डाकबंगला की ओर गाड़ियां नहीं जा सकेंगी। भट्टाचार्या चौराहा से उत्तर गांधी मैदान की ओर भी आवाजाही बंद रहेगी। जेपी गोलंबर से चिल्ड्रेन पार्क का मार्ग केवल इमरजेंसी (अस्पताल) सेवाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है।
पार्किंग को लेकर सख्त हिदायत
गांधी मैदान के अंदर गेट नं-4 के सामने खाली जगह पर कतारबद्ध तरीके से पाकिंग कराई जाएगी। पार्किंग दीर्धा भर जाने की स्थिति में वैकल्पिक पाकिंग के रूप में ज्ञान भवन, एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट, मगध महिला कॉलेज के पार्किंग परिसर में पार्किंग कराया जाएगा।
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए सलाह
प्रशासन ने हवाई यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे जाम से बचने के लिए जगदेव पथ वाले मार्ग का उपयोग करें। गांधी मैदान क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी अपने वाहन जेपी गंगा पथ या अशोक राजपथ के नीचे पार्क कर सकेंगे।
गांधी मैदान में छह गेट से प्रवेश करेंगे आम लोग
गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आम लोग गांधी मैदान के गेट संख्या 5, 6, 7, 8, 9 और 10 का इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं मीडियाकर्मियों का प्रवेश गेट संख्या 11 से होगा। जिला प्रशासन ने बुधवार को गांधी मैदान में प्रवेश और इससे संबंधित पार्किंग योजना की जानकारी साझा की किसी भी आपात् स्थिति के लिए जिला कंट्रोल रूम का नंबर दिन-रात संचालित रहेगा।







