पुलिस ने मुंबई के पास मीरा रोड पर 31 साल के एक व्यक्ति को दो सिक्योरिटी गार्ड पर चाकू से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने गार्ड से उनके धर्म के बारे में पूछा था और यह भी पूछा था कि क्या वे ‘कलमा’ (इस्लामी आस्था की घोषणा) पढ़ सकते हैं, जिस पर गार्ड ने मना कर दिया था। आरोपी की पहचान जैब जुबैर अंसारी के रूप में हुई है। वह ISIS के प्रोपेगैंडा वीडियो देखता था और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस हमले का कोई वैचारिक या चरमपंथी संबंध है। सूत्रों की मानें तो आरोपी के तार पहलगाम हमले से भी जुड़ रहे हैं।
मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुए नयानगर चाकूबाजी केस में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं. पहले खुलासा हुआ कि आरोपी जुबैर अंसारी के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़ना चाहता था. अब उसके घर के एंट्री गेट की एक तस्वीर सामने आई है, जिससे उसके कट्टरपंथी सोच का पता चलता है. उसने घर के एंट्री गेट पर एक स्टीकर लगाया हुआ था. इस पर लिखा था,’कुल हू अल्लाह हू अहद’. दरअसल यह कुरान के 112वें अध्याय, सूरा अल-इखलास (Surah Al-Ikhlas) की पहली आयत है. इसका मतलब है “कह दो, वह अल्लाह एक है”. यह सूरा अल्लाह की एकता (तौहीद) और सर्वोच्चता को बताती है.
कुरान की इस आयत को गेट पर लगाने का मतलब समझें
हैरान करने वाली बात यह है कि कुरान की आयत वाला स्टिकर आरोपी जुबैर ने सिर्फ धर्म में निष्ठा रखने की वजह से नहीं लगाया था. बल्कि यह उसकी कट्टरपंथी सोच को उजागर करने वाला है. उसने गेट पर लगाए इस स्टिकर पर लिखा था कि कुरान की इस आयत को पहले बिस्मिल्लाह कहो, सलाम करो और तब जाकर घर के अंदर घुसने की परमिशन मिलेगी. मतलब यह कि घर के अंदर आना है तो पहले ये बातें माननी ही होंगी.

ISIS से जुड़ना चाहता था जुबैर
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़ने की उसकी मंशा का खुलासा तो पहले ही हो चुका है. जब आतंकी संगठन से उसका संपर्क नहीं हो पाया तो उसने खुद ही ‘लोन वुल्फ’ हमला करने का फैसला कर लिया.महाराष्ट्र एटीएस की पूछताछ में कई बातों का खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों सूत्रों के मुताबिक, अंसारी पिछले करीब चार महीने से डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए ISIS तक पहुंचने की कोशिश में जुटा हुआ था. बार-बार कोशिशों के बावजूद उसे कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उसने सोचा कि अगर वह खुद हमला करेगा, तो शायद संगठन का ध्यान उसकी तरफ चला जाए.
आरोपी जुबैर की कट्टरपंथी सोच
आरोपी जुबैर के घर से एक हाथ से लिखा खत भी मिला है, जिसमें उसने ISIS के प्रति निष्ठा (बैअत) जताई थी और संगठन का झंडा भी बनाया था. इस नोट में भड़काऊ बातें लिखी गई थीं. नोट में गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी और “लोन वुल्फ” हमलों का जिक्र किया गया था.
अपने नोट में उसने ‘गाजा’, ‘खिलाफत’ और ‘जिहाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दूसरे युवाओं को भी इस रास्ते पर चलने के लिए उकसाने की कोशिश की थी. साथ ही उसने खुद को “घुरबा” यानी समाज से अलग-थलग और अकेला बताया. हैरानी की बात यह है कि जुबैर कोई अनपड़ शख्स नहीं है. वह साइंस ग्रेजुएट है और कई साल अमेरिका में रह चुका है. उसका परिवार तो अब भी वहां रहता है. नौकरी नहीं मिलने की वजह से वह कुछ साल पहले भारत लौट आया और मीरा रोड पर अकेले रहने लगा. यहां वह ऑनलाइन केमिस्ट्री की क्लासेस लेता था और नौकरी की तलाश में था.
पुलिस के अनुसार मीरा रोड के नया नगर इलाके में सोमवार सुबह करीब 4 बजे एक सनसनीखेज घटना हुई। आरोपी जैब जुबैर अंसारी (31) ने एक निर्माणाधीन इमारत में तैनात दो सिक्यॉरिटी गार्ड्स पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में घायल वॉचमैन सुब्रतो सेन और राजकुमार मिश्रा जख्मी हुए हैं। राजकुमार मिश्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि सुब्रतो सेन खतरे से बाहर है।
निर्माणाधीन इमारत में तैनात सिक्यॉरिटी गार्ड्स के पास पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही नया नगर पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी जैब अंसारी हाई क्वॉलीफाइड है। साल 2000 में वह अमेरिका चला गया था और 2019 में भारत लौटा। सोमवार तड़के वह एक निर्माणाधीन इमारत के पास पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात सिक्यॉरिटी गार्ड सुब्रतो सेन और राजकुमार मिश्रा से हुई। बातचीत के दौरान उसने चाकू से हमला कर दिया।
पुलिस ने बताया कि हमले से बचने के लिए राजकुमार और सुब्रतो पास बने सिक्यॉरिटी केबिन के अंदर भागे और दरवाजा बंद कर लिया। जिससे उनकी जान बच गई। गार्ड्स पर हमला करने के बाद अंसारी मौके से फरार हो गया। सेन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों घायल लोगों को इलाज के लिए तुरंत वोकहार्ट अस्पताल ले जाया गया।
90 मिनट के अंदर आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि चाकूबाजी की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। इलाके के CCTV फुटेज की मदद से जांचकर्ताओं ने अंसारी की पहचान की और मीरा रोड ईस्ट के नया नगर इलाके में उसके किराए के घर तक उसका पता लगाया। घटना के डेढ़ घंटे के भीतर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सेन की शिकायत के आधार पर नया नगर पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया है।
अमेरिका में की पढ़ाई
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंसारी की ऑनलाइन गतिविधियों में कथित तौर पर ISIS से जुड़े प्रोपेगैंडा वीडियो बार-बार देखना शामिल था। सूत्रों के मुताबिक, अंसारी ने 2019 तक अमेरिका में पढ़ाई की थी, जिसके बाद वह भारत लौट आया और मीरा रोड पर किराए के मकान में अकेला रहने लगा। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि उसके मकान मालिक ने कथित तौर पर उसे 5 मई तक किराए का फ्लैट खाली करने के लिए कहा था। तीन-चार महीने पहले तक, अंसारी एक कोचिंग सेंटर में टीचर के तौर पर काम करता था, जहां वह केमिस्ट्री और मैथ पढ़ाता था।
महाराष्ट्र ATS भी जांच में शामिल
अब इस मामले को आगे की जांच के लिए महाराष्ट्र पुलिस की एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बताया कि यह पता लगाने के लिए कि क्या इस हमले के पीछे कोई बड़ी वैचारिक या चरमपंथी साज़िश है, नया नगर पुलिस और ATS मिलकर जांच कर रहे हैं। एक आधिकारिक बयान में, पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे इस घटना के बारे में कोई भी अफवाह या बिना पुष्टि वाली बातें न फैलाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहलगाम हमले के मिले वीडियो
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र एटीएस ने जांच में एट्री की है और आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल/डिवाइस में पहलगाम से संबधित कुछ विडियो देखने के संकेत मिले है, जिनकी पुष्टि और सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस और एटीएस की टीमें सभी पहलुओं मानसिक स्थिति, पृष्ठभूमि और संभावित कनेक्शन की गहन जांच कर रही हैं।







