कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को ग्रेट निकोबार द्वीप का दौरा किया. इस दौरान वो एक बेहद खास जगह पहुंचे. खास इसलिए क्योंकि वो जगह उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ी है. नेता 42 साल बाद वहां पहुंचे और अपनी दादी की यादों को साझा करते हुए उस जगह पर अहम पल बिताए.
42 साल बाद पहुंचे राहुल
इसके आगे उन्होंने कहा ‘आज, 42 साल बाद, मुझे उस स्थान पर खड़े होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जहां वह कभी खड़ी थीं और मैं विशाल निकोबार द्वीप समूह की सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो गया. भारत एक महान देश है, और इसके किनारे इसके केंद्र जितने ही अद्भुत हैं’.
नेता ने शेयर किया वीडियो
ग्रेट निकोबार द्वीप के इस खास पल का राहुल ने वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो समुद्र किनारे खड़े होकर वहां की खूबसूरती निहार रहे हैं. इसके साथ ही इंदिरा प्वाइंट पर उन्होंने हाथ जोड़कर अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया और श्रद्धांजलि भी अर्पित की. इस स्थान का नाम इंदिरा गांधी के नाम पर रखा गया है.
निकोबारी समुदाय के नेताओं से मुलाकात
इस दौरे के दौरान कांग्रेस नेता ने निकोबारी समुदाय के नेताओं से मुलाकात की. कैंपबेल बे के राजीव नगर स्थित सामुदायिक भवन में हुई इस बैठक में स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार की ₹92,000 करोड़ की मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं. बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह यहां भाषण देने नहीं, बल्कि लोगों की समस्याएं सुनने आए हैं. उन्होंने कहा, मैं ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता. मैं यहां आपकी बात सुनने और यह भरोसा दिलाने आया हूं कि हम आपके लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे’. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ समय पहले जब निकोबार के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे नई दिल्ली में मुलाकात की थी, तभी उन्होंने द्वीप आने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया गया है.
अंडमान-निकोबार यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने पोर्ट ब्लेयर में कांग्रेस की बैठक में भी हिस्सा लिया. इसके अलावा उन्होंने गांधी नगर में बसे पूर्व सैनिकों और अन्य परिवारों से मुलाकात की. राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर स्थानीय समुदाय और सरकार के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं.







