बिहार में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले कांग्रेस के तीन बागी विधायकों पर अब गाज गिरनी तय मानी जा रही है. इन विधायकों ने पार्टी द्वारा जारी ‘कारण बताओ नोटिस’ का जवाब मुख्यालय भेज दिया है, लेकिन उनके तेवर अब भी तल्ख बने हुए हैं.
जवाब में तीखे तेवर
राज्यसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने या वोटिंग से अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस के तीनों विधायकों मनोहर प्रसाद सिंह (मणिकारी), सुरेंद्र प्रसाद (वाल्मीकिनगर) और मनोज विश्वास (फारबिसगंज) को पार्टी ने नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था. अपने जवाब में इन विधायकों ने अपनी गलती मानने के बजाय प्रदेश नेतृत्व को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है. उन्होंने चुनाव के दौरान हुई अव्यवस्था और रणनीति में विफलता के लिए नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है. अब इस मामले में अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को लेना है.
राज्यसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने या वोटिंग से अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस के तीनों विधायकों मनोहर प्रसाद सिंह (मणिकारी), सुरेंद्र प्रसाद (वाल्मीकिनगर) और मनोज विश्वास (फारबिसगंज) को पार्टी ने नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था. अपने जवाब में इन विधायकों ने अपनी गलती मानने के बजाय प्रदेश नेतृत्व को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है. उन्होंने चुनाव के दौरान हुई अव्यवस्था और रणनीति में विफलता के लिए नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है. अब इस मामले में अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को लेना है.
राज्यसभा चुनाव के नतीजे और एनडीए की क्लीन स्वीप बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए हुए इस कांटे के मुकाबले में एनडीए ने रणनीति और विपक्षी खेमे में सेंधमारी के दम पर सभी 5 सीटों पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस के तीन विधायकों और राजद के एक विधायक (फैसल रहमान) के वोटिंग में शामिल न होने से विपक्षी गठबंधन ‘महागठबंधन’ का गणित पूरी तरह बिगड़ गया.
राज्यसभा चुनाव में इन्हें मिली जीत
- नीतीश कुमार (जदयू): बिहार के मुख्यमंत्री अब राज्यसभा के जरिए देश की राजनीति में नई भूमिका में दिखेंगे.
- नितिन नबीन (भाजपा): भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस जीत के साथ अपना दबदबा कायम किया.
- रामनाथ ठाकुर (जदयू): पार्टी के भरोसेमंद चेहरे के रूप में एक बार फिर सदन पहुंचे.
- शिवेश कुमार (भाजपा): भाजपा के प्रदेश महासचिव ने कड़े मुकाबले में जीत हासिल की.
- उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम): एनडीए गठबंधन के सहयोगी और पूर्व केंद्रीय मंत्री भी विजयी रहे।
महागठबंधन की ओर से राजद प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा. जीत के लिए आवश्यक 41 वोटों के मुकाबले एनडीए के शिवेश कुमार को 38 वोट मिले, जबकि राजद उम्मीदवार 37 वोटों पर ही सिमट गए. इस उलटफेर ने बिहार की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं.







