23 फरवरी 2026, तमिलनाडु के वेल्लोर से सटे नेशनल हाईवे-48 पर हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। इतना ट्रैफिक कि 4 घंटे तक गाड़ियां अपनी जगह से हिल नहीं पाईं। भगदड़ या किसी तरह की अनहोनी के डर से प्रशासन को 900 पुलिसवालों को मौके पर लगाना पड़ा। ये दीवानगी साउथ फिल्मों के सुपरस्टार थलापति विजय की पब्लिक रैली के लिए थी।
वेल्लोर रैली में थलापति विजय ने पहली बार ऐलान किया कि 2026 का विधानसभा चुनाव ‘विजय बनाम स्टालिन’ की लड़ाई है। तमिलनाडु CM और DMK प्रमुख एमके स्टालिन पर आरोप लगाते हुए विजय ने कहा- राज्य में अभी एक स्टैंड-अप कॉमेडी वाली सरकार राज कर रही है। मुख्यमंत्री के असली दोस्त रिश्वत-भ्रष्टाचार हैं। अगर दम है तो वे चुनाव से पहले अपनी संपत्ति का खुलासा करें।

तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। उससे पहले विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK को सत्ताधारी DMK-कांग्रेस के गठबंधन के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। दूसरी तरफ BJP, स्टालिन और विजय की तकरार को चुनाव में भुनाना चाहती है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले क्या विजय BJP से हाथ मिलाने वाले हैं? NDA अलांयस में शामिल होने से TVK को कितना फायदा होगा? सत्तारूढ़ DMK और कांग्रेस का गठबंधन विजय के खिलाफ क्या रणनीति बना रहा है? ये सवाल हमने तमिलनाडु की पॉलिटिकल पार्टियों और एक्सपर्ट्स से पूछे।
तमिलगा वेत्री कज़गम (टीवीके) ने उन खबरों को बेबुनियाद और पूरी तरह से झूठा बताया जिनमें कहा गया था कि पार्टी 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए एआईएडीएमके और भाजपा के साथ गठबंधन वार्ता कर रही है। अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली पार्टी की ओर से यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि टीवीके को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने के लिए उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ लगभग 50 से 70 सीटें देने की पेशकश की गई है।
सोमवार रात को विजय ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए दोहराया कि उनकी पार्टी, तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके), आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अकेले चुनाव लड़ेगी। इस कदम से राज्य में चार-कोणीय मुकाबले की नींव रखी गई है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ऐसी खबरें आई थीं कि टीवीके और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच बातचीत अंतिम चरण में है।
विजय ने यह घोषणा पट्टिनापक्कम में टीवीके के कार्यकारियों की बैठक में की, जहां उन्होंने कहा कि पार्टी ने किसी भी राजनीतिक दल से गठबंधन के बारे में कोई बातचीत नहीं की है और अपने पहले चुनावी मुकाबले में अकेले ही उतरेगी। विजय ने बैठक में आत्मविश्वास से भरे लहजे में कहा कि हम अकेले ही चुनाव लड़ेंगे। निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर फील्ड वर्क करेंगे। उम्मीदवारों की सूची जल्द ही घोषित की जाएगी। मैं पूरे तमिलनाडु का दौरा भी करूंगा। हम चुनाव जरूर जीतेंगे।
संयुक्त महासचिव और प्रधान प्रवक्ता सी टी आर निर्मल कुमार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि उपर्युक्त दलों या राजनीतिक नेताओं के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत या चर्चा नहीं हुई है। इसमें कहा गया है कि पहले भी कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों को जोड़कर इसी तरह के झूठे प्रचार किए गए थे। अंततः सबको पता चल गया कि ये सब झूठे थे। फिर भी, डीएमके के सदस्य सिर्फ लोगों में भ्रम पैदा करने के लिए इस तरह की निराधार खबरें फैलाते रहते हैं।
विजय को NDA में लाने के लिए इतनी खलबली क्यों?
दो साल पहले तक तमिलनाडु में मेन मुकाबला DMK-कांग्रेस के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) और AIADMK-BJP के NDA गठबंधन के बीच माना जा रहा था। 2 फरवरी 2024 को साउथ फिल्मों के सुपरस्टार विजय ने अपनी पॉलिटिकल पार्टी TVK की ऑफिशियल घोषणा कर दी। अब 2026 विधानसभा चुनाव में TVK थर्ड फ्रंट के तौर पर उभरी है।
विजय का इम्पैक्ट कम करने के लिए DMK ने कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित 23 पार्टियों को अपने अलायंस में शामिल किया है। मुख्यमंत्री स्टालिन की अगुआई वाले SPA का रुख साफ है कि वो विजय के साथ किसी भी सूरत में हाथ नहीं मिलाएंगे। दूसरी तरफ, NDA ब्लॉक में AIADMK, BJP, पट्टाली मक्कल काची (PMK) और AMMK जैसी दूसरी पार्टियां शामिल हैं।
2021 के विधानसभा चुनाव में DMK ने 234 सीटों में से 133 सीटें जीती थीं और सहयोगियों की मदद के बिना ही सरकार बनाई थी। वहीं, NDA गठबंधन महज 75 सीटों पर ही सिमट गया था। इसमें AIADMK 66 और BJP महज 4 सीट ही जीत पाई थी। BJP चुनाव से पहले इस नुकसान की भरपाई के लिए विजय से लगातार संपर्क कर रही है।
तमिलनाडु के चेन्नई, कांचीपुरम, कोयंबटूर, मदुरै और तंजावुर में विजय की अच्छी फैन फॉलोइंग है। करूर में 18 से 35 साल के वोटर्स सबसे ज्यादा हैं। विजय यहां आकर फिल्म रिलीज और सोशल मीडिया कैंपेन जैसे इवेंट में शामिल हो चुके हैं।
27 सितंबर 2025 को करूर में ही विजय की रैली में भगदड़ के दौरान 41 लोगों की मौत हुई थी। इसकी जांच CBI कर रही है। BJP को लगता है कि अगर उसके 2-3% वोट भी TVK के साथ जुड़ते हैं, तो ये NDA के लिए निर्णायक हो सकता है।
एक इंटरनल रिपोर्ट ने तमिलनाडु BJP को एक्टिव किया
तमिलनाडु और केरल विधानसभा चुनाव पर करीब से नजर रख रहे सीनियर जर्नलिस्ट केए शाजी कहते हैं, ‘इलेक्शन से पहले वोटर्स का मूड जानने के लिए कई सर्वे किए गए, जिनमें NDA गठबंधन के लिए बहुत पॉजिटिव तस्वीर पेश नहीं की गई। यही वजह है कि BJP विजय को साथ लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।’
कुछ दिनों पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास भी इलेक्शन से जुड़े कई प्री-सर्वे मिलाकर एक इंटरनल रिपोर्ट भेजी गई। इसमें चुनाव से पहले AIADMK और BJP की हालत पतली बताई गई।रिपोर्ट में बताया गया कि तमिलनाडु की कई सीटों पर NDA गठबंधन तीसरे नंबर पर भी रह सकता है। इन आकलनों के बाद से ही पार्टी की लीडरशिप नाराज है।
’विजय को मनाने के लिए साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े बड़े चेहरों के साथ-साथ उनके दोस्तों और दूसरे राज्य के एक उपमुख्यमंत्री से दबाव बनाया जा रहा है।’






