ADVERTISEMENT
Tuesday, July 28, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

इस्लामोफोबिया’ पर संयुक्त राष्ट्र में चर्चा, भारत ने कहा-हम धर्म के नाम पर हिंसा के खिलाफ, लेकिन एक ही धर्म पर फोकस न करें

UB India News by UB India News
March 18, 2026
in अध्यात्म, खास खबर
0
इस्लामोफोबिया’ पर संयुक्त राष्ट्र में चर्चा, भारत ने कहा-हम धर्म के नाम पर हिंसा के खिलाफ, लेकिन एक ही धर्म पर फोकस न करें
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

संयुक्त राष्ट्र (UN) में इस्लामोफोबिया विरोधी दिवस पर आयोजित महासभा में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा. पाकिस्तान का नाम लिए बगैर भारत ने ‘इस्लामफोबिया’ को लेकर उस पर निशाना साधा. भारत ने कहा कि हमारा पड़ोसी देश ‘इस्लामफोबिया’ के नाम पर मनगढ़ंत कहानियां बनाता रहा है. जबकि उसके अपने देश में अहमदिया समुदाय के खिलाफ क्रूर दमन किया जा रहा है. यही नहीं बेसहारा अफगानों पर वह लगातार अत्याचार कर रहा है. रमजान के पवित्र महीने में उस पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए जा रहे हैं.

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने देश का पक्ष रखते हुए कहा, “हमारा प्रतिनिधिमंडल धर्म के नाम पर होने वाली किसी भी तरह की हिंसा और नफरत की कड़ी निंदा करता है, चाहे वह किसी भी धर्म के नाम पर क्यों न हो. हम एक ऐसे देश के तौर पर जहां दुनिया के लगभग हर बड़े धर्म के मानने वाले शांतिपूर्वक साथ रहते हैं. ऐसे देश के तौर पर जिसने दुनिया के 4 बड़े धर्मों (हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म) को जन्म दिया, हम किसी भी अन्य देश की तुलना में, धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया के अन्य देशों के प्रति कहीं अधिक जागरूक है.”

RELATED POSTS

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

‘हमारे संविधान की धर्मनिरपेक्ष की भावना’
उन्होंने कहा, ” हमारा’सर्व धर्म समभाव’ का दर्शन, जिसका मतलब है सभी धर्मों के प्रति समान आदर. यह हमारे देश की सभ्यतागत जीवन-शैली का हिस्सा है, इसी भावना ने संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना को प्रेरित भी किया है.”

भारत ने यूएन में आगे कहा, “इतिहास हमेशा इस बात का गवाह रहा है कि धर्म का राजनीतिकरण करने से न शिकायतें सुलझती हैं और न ही उनका समाधान होता है. भले ही इरादे कितने भी अच्छे क्यों न हों, ऐसा करने से चुनिंदा और पोलराइजेशन करने वाले नैरेटिव्स को वैधता मिलने का खतरा बना रहता है, आगे चलकर यही चीजें अधिक विभाजन पैदा करती हैं.”

उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के गठन के पीछे यह भावना था कि यह एक ऐसी संस्था बने जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से परे हो. संघ की विश्वसनीयता इसकी सार्वभौमिकता और निष्पक्षता पर टिकी हुई है. इसलिए, हम ऐसे ढांचों के प्रति सावधानी बरतने का अनुरोध करते हैं जो केवल किसी एक धर्म पर ही केंद्रित हों, और जो ‘रिलीजियोफोबिया’ (धर्म-भय) की व्यापक परिघटना के सभी रूपों को संबोधित न करते हों.”

‘अपनी मूल भावना से बना रहे UN’
उन्होंने कहा, “यही कारण है कि साल 1981 का ‘धर्म या विश्वास के आधार पर असहिष्णुता और भेदभाव के सभी रूपों के उन्मूलन पर घोषणापत्र’ (Declaration on the Elimination of All Forms of Intolerance and of Discrimination Based on Religion or Belief remains) — आज भी हमारी नजर में- एक अत्यंत संतुलित और स्थायी दस्तावेज बना हुआ है; यह सभी धर्मों के अनुयायियों के अधिकारों को सुनिश्चित करता है, बिना किसी एक धर्म को खास प्राथमिकता दिए.”

भारत का पक्ष रखते हुए हरीश ने कहा, “शांति और मानवीय गरिमा बनाए रखने के मामले में संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा योगदान उसके उन प्रयासों में दिखता है जिनके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखता है, संघर्ष की स्थितियों में स्थायी शांति स्थापित करता है, विकास कार्य और मानवीय सहायता प्रदान करता है, तथा सार्वभौमिक मानवाधिकारों को बढ़ावा देता है, ये सभी चीजें उन लोगों के धर्म की परवाह किए बिना किए जाते हैं जिनकी वह सेवा करता है.”

वो कहते हैं, ‘वैश्विक सार्वजनिक वस्तुएं’ (Global Public Goods)— ठीक सूर्य की रोशनी की तरह, बिना किसी भेदभाव या पक्षपात के, सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध होनी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष खत्म करने, गरीबी-उन्मूलन और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अथक परिश्रम करके अपनी विश्वसनीयता अर्जित की है. हम संयुक्त राष्ट्र से यह अनुरोध भी करते हैं कि वह अपनी इसी मूल भावना और आदर्शों पर दृढ़तापूर्वक के साथ बना रहे.”

उन्होंने आगे कहा, “संयुक्त राष्ट्र के लिए यह बहुत ही अहम है कि वह ‘धार्मिक पहचान को हथियार बनाने’ और संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए उसका दुरुपयोग करने की लगातार बढ़ती प्रवृत्ति और उससे जुड़े खतरों पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान ले, चाहे ऐसा कार्य किसी देश की सरकारी संस्था द्वारा किया जा रहा हो या फिर किसी गैर-सरकारी तत्वों के जरिए.”

भारत ने PAK पर साधा निशाना
किसी देश का नाम लिए बगैर भारत ने अप्रत्यक्ष तौर पर पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, “हमारा पश्चिमी पड़ोसी देश इस बात का एक ज्वलंत उदाहरण है कि किस तरह से वह अपने ही पड़ोस में ‘इस्लामफोबिया’ के नाम पर मनगढ़ंत कहानियां रचता रहा है. यह सोचना होगा कि इस देश में अहमदिया समुदाय के खिलाफ क्रूर दमन को क्या कहा जाएगा? या फिर बेसहारा अफगानों को बड़े पैमाने पर वापस भेजना, या फिर रमजान के इस पावन महीने में ताबड़तोड़ हवाई बमबारी करना?

भारत में मुसलमानों के हालात पर हरीश ने कहा, “हमारा देश 20 करोड़ से अधिक मुसलमानों का घर है, जो दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी में से एक है. इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC), जिसे हमारे पश्चिमी पड़ोसी ने हमारे खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की लगातार कोशिश की है, उसने हमारे देश पर बार-बार झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए. हमारे देश के मुसलमान, जिनमें जम्मू-कश्मीर के मुसलमान भी शामिल हैं, अपनी बात रखने के लिए अपने प्रतिनिधि खुद चुनते हैं. यहां जो एकमात्र “फोबिया” (डर) साफ तौर पर दिखाई देता है, वह भारत के उस बहुसांस्कृतिक और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के खिलाफ है. इस तरह की बातें भारत की बुनियादी सोच के खिलाफ हैं.”

इस्लामोफोबिया और भेदभाव पर हो कार्रवाईः UN
इस्लामोफोबिया विरोधी दिवस के अवसर पर भारत ने कहा, “भारत इस अवसर पर एक ऐसी दुनिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है जो धार्मिक नफरत और हिंसा के सभी रूपों से मुक्त हो. हम संयुक्त राष्ट्र से यह गुजारिश करते हैं कि वह अपना समय और सीमित संसाधन ऐसे समावेशी समाज बनाने में लगाए, जो समानता, गरिमा और कानून के शासन पर आधारित हों, साथ ही हर धर्म के हर व्यक्ति के लिए हो.”

इस्लामोफोबिया को लेकर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रविवार को दुनिया भर में मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव और पूर्वाग्रह से लड़ने के लिए और ज्यादा मजबूत कदम उठाने की अपील की. ​​उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि मुसलमानों के खिलाफ नफरत सामाजिक एकता और मानवाधिकारों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में करीब दो अरब मुसलमान अलग-अलग संस्कृतियों और समाजों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मानवीय विविधता की समृद्धि को दर्शाते हैं. UN प्रमुख ने इस्लामोफोबिया और भेदभाव पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’: नया इतिहास रचने जा रहा भारत, होगा 21वीं सदी का महत्वपूर्ण निर्णय- पीएम मोदी

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,

by UB India News
July 28, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बताया जा रहा...

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

by UB India News
July 28, 2026
0

बिहार के पूर्व बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली. हाईकोर्ट ने साल 2018 के चर्चित...

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

by UB India News
July 27, 2026
0

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

by UB India News
July 27, 2026
0

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा पीढ़ी यानी जेन-जी के प्रदर्शन के बाद पूरे देश...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

इस्तीफे अक्सर राजनीतिक संदेश होते हैं, करियर का अंत नहीं………………

by UB India News
July 27, 2026
0

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन के बाद अंतत: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना...

Next Post
क्या ईरान पर आज होगा अब तक का सबसे घातक हमला ?

दुबई में धड़ाधड़ हो रहे हमले, ओमान का टैंकर उड़ा

मोतिहारी में पुलिस की अपराधियों से मुठभेड़ , STF का जवान हुआ शहीद , दो कुख्यात बदमाश मारे गए…………..

मोतिहारी में पुलिस की अपराधियों से मुठभेड़ , STF का जवान हुआ शहीद , दो कुख्यात बदमाश मारे गए..............

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend