कतर और यूएई से एलपीजी और कच्चा तेल लेकर आए तीन भारतीय ध्वज वाले टैंकर गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंच रहे हैं। आज नंदा देवी गुजरात के कांडला में पहुंचा। जग लाडकी यूएई से सुरक्षित तरीके से भारत लाया जा रहा है। ये जहाज भी गुजरात के ही मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचेगा। खास बात ये है कि सभी जहाज ईरान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। बमबारी के कारण इस इलाके में तनाव व्याप्त है।
नंदा देवी पहुंचा वाडीनार पोर्ट
एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर वाडीनार पहुंचा, जहां एंकरिज क्षेत्र में शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, ‘नंदा देवी’ से यह एलपीजी MT BW Birch नामक दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया जाएगा। यह ट्रांसफर आज से शुरू होने वाला है, जो देश में एलपीजी आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरान दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने खुद नंदा देवी जहाज पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जहाज के कैप्टन और क्रू मेंबर्स से बातचीत कर ट्रांसफर प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
कतर से एलपीजी लेकर होर्मुज के रास्ते रवाना हुआ भारतीय जहाज नंदा देवी मंगलवार को गुजरात के जामनगर के पास वादीनार बंदरगाह के पास पहुंच चुका है. यह जहाज 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी गैस लेकर भारत पहुंचा है. दो दिनों में एलपीजी गैस लेकर दो जहाज होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचे हैं. एक दिन पहले ‘शिवालिक’ जहाज लगभग 45-46 हजार टन एलपीजी लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा था.

जहाज के सुरक्षित पहुंचने से संवेदनशील समुद्री मार्ग से ईंधन की ढुलाई को लेकर बनी चिंताओं के बीच राहत मिलने की उम्मीद है. इससे पहले, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बताया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के बाद टैंकर सफलतापूर्वक खुले समुद्र में प्रवेश कर गया है.

उन्होंने बताया था कि दो भारतीय एलपीजी जहाज, शिवालिक और नंदा देवी, लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी भारत ला रहे हैं. ये दोनों जहाज सरकारी स्वामित्व वाली शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं. सिन्हा ने यह भी कहा था कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनसे जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.
वैश्विक तेल की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम समुद्री मार्ग है, जिसे पिछले महीने शुरू हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान ने बंद कर दिया है. ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर जवाबी हमले और खाड़ी में मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से वैश्विक तेल की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
जग लाडकी के आज मुंद्रा पोर्ट पहुंचने की उम्मीद
वहीं, यूएई के फुजैरा पोर्ट से शनिवार को रवाना हुआ क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी मंगलवार दोपहर मुंद्रा पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज करीब 81,000 टन मुरबन क्रूड लेकर आ रहा है। खास बात यह है कि जहाज उसी दिन रवाना हुआ था, जब फुजैरा के तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
सूत्रों के अनुसार, शिवालिक से आए एलपीजी में से 20,000 टन मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी 26,000 टन न्यू मैंगलोर पोर्ट भेजा जाएगा। वहीं नंदा देवी के एलपीजी को कांडला पोर्ट के पास वडिनार में समुद्र में ही छोटे जहाजों में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे अलग-अलग स्थानों तक सप्लाई की जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि मुंद्रा पोर्ट पर विशेष स्टोरेज सुविधा मौजूद है, जहां से गैस पाइपलाइन के जरिए गांधिधाम के मिथी रोहर होते हुए गेल को भेजी जाती है और फिर राष्ट्रीय गैस ग्रिड के जरिए देशभर में सप्लाई होती है।
सरकार ने क्या दिए निर्देश?
सरकार ने प्रमुख बंदरगाहों को जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और कार्गो ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एंकरिज, बर्थ हायर और स्टोरेज शुल्क में रियायत दी जा रही है, साथ ही जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी में अस्थायी ट्रांसशिपमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इधर, एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश के बाद एचपीसीएल मित्तल एनर्जी (बठिंडा) और रिलायंस रिफाइनरी (जामनगर) ने रेल रेक्स की अतिरिक्त मांग रखी है, ताकि गैस की आपूर्ति देशभर में तेजी से पहुंचाई जा सके।







