प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में 33,500 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 18,300 करोड़ रुपए से अधिक की मेट्रो परियोजनाएं हैं, वहीं 15,200 करोड़ के आवासीय प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले 15,200 करोड़ रुपये की सामान्य पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना की सौगात दी।
पीएम मोदी ने महिला लाभार्थियों को सौंपी चाबी
पीएम मोदी ने केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ सरोजिनी नगर स्थित जीपीआरए टाइप-5 क्वार्टर का दौरा किया। वहां उन्होंने महिला लाभार्थियों को चाबियां सौंपीं और कुछ महिला श्रमिकों से भी बातचीत की। सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे प्रमुख स्थानों में फैली ये परियोजनाएं बेहद अहम हैं। ये जीपीआरए कॉलोनियों के आधुनिकीकरण और सरकारी कर्मचारियों, प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने के सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
क्यों खास हैं ये आवासीय परियोजनाएं
इन परियोजनाओं का पुनर्विकास एक नवोन्मेषी आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल के जरिए किया गया है।
ये सुनिश्चित करता है कि सरकारी खजाने पर बोझ डाले बिना पुनर्विकास किया जाए।
इस मॉडल के तहत सरकार पूरी परियोजना के फंडिंग के लिए परियोजना क्षेत्र के एक सीमित हिस्से का वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्र के रूप में विकास कर रही है।
इससे प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल आधुनिक सरकारी आवास, सहायक बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं के पुनर्विकास के वित्तपोषण के लिए किया जा रहा है।
इस पुनर्विकास योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए 9,350 से अधिक आधुनिक फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके साथ ही लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र का सृजन किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
दिल्ली मेट्रो से जुड़े अहम प्रोजेक्ट की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में दो नए दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस दौरान 18,300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं से दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मजबूत होने की उम्मीद है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने इन मेट्रो प्रोजेक्ट्स को लेकर डिटेल में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये कोशिशें देश की राजधानी को सच में ‘विकसित दिल्ली’ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। मेट्रो नेटवर्क के बढ़ने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर होगा। लोगों के लिए रोजाना का सफर आसान होगा, सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम होगी और प्रदूषण कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
मेट्रो प्रोजेक्ट्स से जुड़ी बड़ी बातें
मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो सेक्शन 12.3 किलोमीटर लंबा है
इसमें आठ एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं।
यह कॉरिडोर पहले से चल रही मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है।
इस मेट्रो सेक्शन के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो जाएगी।
इससे दिल्ली देश की पहली पूरी तरह से चालू रिंग मेट्रो का घर बन जाएगी।
प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो फेज-V (ए) के तहत तीन नए कॉरिडोर का भी शिलान्यास करेंगे
इससे राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के लिए यात्रा और आसान हो जाएगी।
इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर शामिल है।
एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन शामिल हैं।
रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर 9.913 किलोमीटर लंबा होगा और अंडरग्राउंड बनेगा।
इसमें नौ नए मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इसमें आर.के. आश्रम मार्ग (बन रहा है), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगीन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ हैं।
यह कॉरिडोर कर्तव्य भवन, भारत मंडपम और युगे-युगीन भारत म्यूजियम जैसी जरूरी जगहों को मेट्रो कनेक्टिविटी देगा।
एयरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन 2.263 किलोमीटर लंबा होगा और अंडरग्राउंड बनेगा।
इसमें एक नया स्टेशन शामिल होगा और यह पहले से चल रहे दो स्टेशनों को जोड़ेगा।
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन 3.9 किलोमीटर लंबा होगा और यह एक एलिवेटेड कॉरिडोर होगा।
इस रूट पर सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज जैसे स्टेशन होंगे।
इन प्रोजेक्ट्स से नेशनल कैपिटल रीजन के शहरों को भी फायदा होगा।
फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के रहने वाले वायलेट लाइन से तुगलकाबाद पहुंच सकेंगे।
फिर गोल्डन लाइन से सीधे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 जा सकेंगे।
नोएडा के पैसेंजर मैजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंच सकेंगे और फिर गोल्डन लाइन से एयरपोर्ट और साउथ दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक आसानी से जा सकेंगे।
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
पीएम मोदी ने कहा कि आज हम सब दिल्ली में विकास को नई गति देने के लिए यहां इकट्ठे हुए हैं। कुछ देर पहले ही यहां 33,500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ। मेट्रो के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के आवासों तक, देश की राजधानी में सुविधाओं का लगातार मजबूत विस्तार हो रहा है, एक नई मजबूती दी जा रही है।
दिल्लीवासियों को दी बधाई
पीएम मोदी ने कहा कि आप लोगों ने एक साल पहले जिस नई उम्मीद और संकल्प के साथ दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनाई थी, उसका परिणाम आज यहां दिख रहा है। मैं दिल्ली के सभी नागरिकों को विकास की इस अविरत धारा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। आज भारत महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहा है। यहां रेखा गुप्ता जी के सफल नेतृत्व में राजधानी का विकास हो रहा है।
पीएम ने महिला दिवस की दी बधाई
पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति, प्रशासन, खेल, विज्ञान या समाज सेवा का क्षेत्र, भारत की नारी शक्ति एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है। मैं पूरे देश की नारी शक्ति को आज महिला दिवस पर हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और राष्ट्र के विकास में उनके असीमित योगदान के लिए ऋण स्वीकार करता हूं।
दिल्ली के विकास पर कही ये बड़ी बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का कोई भी व्यक्ति जब भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के बारे में सोचता है तो अक्सर उसके मन में दिल्ली की तस्वीर आती है। दिल्ली केवल भारत की राजधानी नहीं है, ये भारत की पहचान भी है, ये भारत की ऊर्जा का प्रतीक है। दिल्ली का विकास केवल एक शहर का विकास नहीं होता, यह पूरे देश की छवि से जुड़ा होता है।
नए मेट्रो सेक्शन के शुरू होने पर क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज जो मेट्रो का नया सेक्शन शुरू हुआ है, उससे राजधानी के लाखों लोगों को बहुत बड़ी सुविधा मिलने वाली है। खास तौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए अब रोज का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। इन सबके साथ ही गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के शहरों से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में आना-जाना आसान हो जाएगा।
आम आदमी पार्टी सरकार पर पीएम का वार
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज का ये कार्यक्रम इस बात का भी प्रमाण है कि एक वर्ष पहले दिल्ली ने जिस आपदा से मुक्ति पाई, वो कितनी जरूरी थी। अगर यहां पर आपदा सरकार न होती तो ये मेट्रो फेज 4 प्रोजेक्ट बहुत पहले ही पूरा हो चुका होता। लेकिन आपदा वालों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए दिल्ली के लाखों लोगों की सुविधा को ताक पर रख दिया था। यहां भाजपा सरकार बनने के बाद दिल्ली के चौतरफा विकास में तेजी आई है।







