इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं। आज युद्ध का नौवां दिन है और अभी भी युद्ध की समाप्ति के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि हम ईरान के नेतृत्व को कई बार पहले ही खत्म कर चुके हैं। या तो वे सरेंडर कर दें या फिर सरेंडर करने वाला कोई न बचे। इसके अलावा ईरान भी युद्ध से पीछे नहीं हटने वाला है। वहीं ईरान का कहना है कि वह अमेरिका और इजरायल से सु्प्रीम लीडर की मौत का बदला लेने तक युद्ध जारी रखेंगे और दुश्मन को अपनी एक इंच भी जमीन नहीं देगा। वहीं दूसरी तरफ भारत मिडिल-ईस्ट में मौजूद अपने नागरिकों को बाहर निकालने के प्रयास में लगा हुआ है। इजरायल-यूएस और ईरान युद्ध अब दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है।
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के तेल टैंकरों में लगी आग
अमेरिका और इज़रायल ने तेहरान के पास तेल भंडारण टैंकों पर हमला किया। कच्चा तेल सीवेज और जल निकासी प्रणालियों में फैल गया, जिससे सड़कों पर आग की नदियां बहने लगीं। नवीनतम वीडियो के अनुसार, भंडारण सुविधाओं में अभी भी आग लगी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमने उनके 44 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है। हमने उनकी वायुसेना के सभी विमानों को नष्ट कर दिया है। हमने उनकी अधिकांश मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। अब मिसाइलें बहुत कम आ रही हैं। हमने उनके मिसाइल निर्माण क्षेत्रों पर भी भारी हमला किया है। उनकी ड्रोन क्षमता में भारी गिरावट आई है। सेना लगभग न के बराबर है। हम सेना पर भी भारी हमला कर सकते हैं, लेकिन शायद हम करेंगे, शायद नहीं। हमने अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।” वहीं दूसरी तरफ ईरान की ओर से भी पीछे हटने की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। हालांकि ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को अपने पड़ोसी देशों से हमले के लिए माफी मांगी है।
भारत ने शनिवार को कहा कि वह मिडिल-ईस्ट की उभरती स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने देर रात एक बयान में कहा कि पूरे क्षेत्र में हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से खुलने के बाद 52,000 से अधिक भारतीय स्वदेश लौट आए हैं। मंत्रालय ने क्षेत्र के सभी भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के दिशानिर्देशों और भारतीय मिशनों द्वारा जारी सलाह का पालन करने का भी आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों की सहायता के लिए 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन स्थापित की हैं।
ईरान ने रविवार को भी किया पड़ोसी देशों पर वार
ईरान ने रविवार को भी पड़ोसी देशों पर वार ताबड़तोड़ वार किया। खाड़ी देशों ने रविवार को मिसाइल और ड्रोन हमलों की सूचना दी, जबकि ईरान ने पड़ोसी देशों के खिलाफ हमले जारी रखने की कसम खाई क्योंकि क्षेत्रीय युद्ध दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।
बहरीन में ईरानी ड्रोन से Desalination Plant क्षतिग्रस्त
ईरानी ड्रोन से रविवार तड़के इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर अपना हमला तेज कर दिया, क्योंकि युद्ध नौवें दिन में प्रवेश कर गया है। इस हमले में बहरीन का डेसालिनेशन प्लांट नष्ट हो गया है। प्रधानमंत्री बेंजाेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेमिन नेतन्याहू ने क्षेत्र में फैल रहे इस संघर्ष के अगले चरण में “कई आश्चर्यजनक कारनामों” का वादा किया है। लेबनान में हुए ताजा हमलों में 12 और लोग मारे गए, जिससे मरने वालों की संख्या 300 से ऊपर हो गई है। इजरायल ने देश के बड़े हिस्से को खाली करने का आदेश दिया है। इजरायल की सेना का कहना है कि इस हमले का उद्देश्य वहां ईरान समर्थित बलों को खदेड़ना है।
मिडिल-ईस्ट में आर्मी बेस छोड़कर जहां छुपे हैं अमेरिकी अधिकारी, ईरान वहीं कर रहा हमले
ईरान ने पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमला करते हुए और उन्हें निष्क्रिय करने के बाद अब अमेरिकी अधिकारियों के उन आवासों और सभा स्थलों को भी निशाना बना रहा है, जहां वो रह रहे हैं।
ईरान की जहाज IRIS DENA पर हमले में घायल 22 ईरानी नाविक श्रीलंका के अस्पताल से डिस्चार्ज
अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त हुए ईरानी जहाज आईरिस देना के कम से कम 22 ईरानी नाविकों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अस्पताल अधिकारियों ने रविवार को बताया, “उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एम्बुलेंस से गाले के बाहरी इलाके कोग्गला स्थित श्रीलंका वायु सेना के अस्पताल में भेजा गया। 10 अन्य नाविक करापितिया स्थित राष्ट्रीय अस्पताल गाले में इलाज करा रहे हैं। बुधवार को गाले के दक्षिणी तट पर स्थित गाले के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा हमला किए जाने के बाद ईरानी फ्रिगेट आईरिस देना के डूबने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। श्रीलंका ने बुधवार को कहा कि उसने हमले में मारे गए 84 ईरानी नाविकों के शव बरामद कर लिए हैं।
ईरान के ड्रोन हमले से कुवैत के सुरक्षा संस्थान मुख्यालय में लगी आग
ईरान द्वारा दागे गए एक ड्रोन ने कुवैत के सार्वजनिक सामाजिक सुरक्षा संस्थान के मुख्य मुख्यालय में आग लगा दी। हमले के बाद बहुमंजिला इमारत आग की लपटों में घिरी हुई थी और आपातकालीन दल आग पर काबू पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। यह घटना ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के लगातार बढ़ते तनाव के बीच घटी है, जिसमें तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में सैन्य और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
ट्रंप ने कहा- “ईरानियों ने गलती से खुद ही लड़कियों के स्कूल पर बमबारी कर दी, अमेरिकियों का कोई हाथ नहीं”
अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने दक्षिणी ईरान के मीनाब में स्थित एक विद्यालय का जिक्र करते कहा कि यह इमारत रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अड्डे के ठीक बगल में स्थित है। युद्ध के पहले ही दिन विद्यालय पर हमला हुआ। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि 160 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। ट्रंप ने कहा, “जो मैंने देखा है, उसके आधार पर यह ईरान ने किया है। जैसा कि आप जानते हैं, उनके गोला-बारूद बेहद अचूक हैं। उनमें निशाना लगाने की क्षमता बिल्कुल भी नहीं है।”
कतर में रह रहे भारतीयों के लिए दूतावास ने जारी की चेतावनी
दोहा में रह रहे भारतीय दूतावास ने अपने देश के नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने लिखा है, 28 फरवरी से 7 मार्च 2026 के बीच कतर से उड़ानें रद्द होने के कारण कतर में पर्यटक/अल्पकालिक आगंतुक (हय्या ए1 वीजा धारक) के रूप में फंसे भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे नीचे दिए गए लिंक पर अपना विवरण भरें। कृपया ध्यान दें कि यह केवल कतर के निवासी न होने वाले फंसे हुए भारतीय नागरिकों की सटीक संख्या और विवरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।
लिंक बहाल कर दिया गया है:
https://indianembassyqatar.gov.in/hayya_visitors
(जिन लोगों ने पहले ही हमारे पिछले लिंक के माध्यम से विवरण जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा जमा करने की आवश्यकता नहीं है)
IDF ने ईरान के एफ-14 फाइटर जेट पर किया हमला का दावा
आईडीएफ ने कहा है कि इज़रायली वायु सेना ने ईरानी आतंकवादी शासन के F-14 लड़ाकू विमानों को संग्रहित करने वाले परिसरों पर हमला किया, जो इस्फहान हवाई अड्डे पर थे। इसके अलावा उन पहचान और रक्षा प्रणालियों को भी निशाना बनाया गया जो इज़रायली वायु सेना के विमानों के लिए खतरा पैदा कर रही थीं। यह हमला तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर ‘कुद्स फोर्स’ इकाई द्वारा उपयोग किए जाने वाले 16 विमानों के विनाश के साथ जुड़ता है, जो परसों हुआ था। यह इज़रायली वायु सेना द्वारा ईरान के आकाश में वायु श्रेष्ठता को गहरा करने के प्रयासों का हिस्सा है। आईडीएफ (इज़राइल रक्षा बल) ईरानी आतंकवादी शासन की सभी प्रणालियों पर हमले को और गहरा करना जारी रखेगा तथा ईरान भर में वायु श्रेष्ठता का विस्तार करेगा।








