बिहार में जारी सियासी उठापटक के बीच नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे। करीब 10 मिनट तक उन्होंने आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि विदाई प्रोटोकॉल के तहत नीतीश कुमार उनसे मिलने पहुंचे थे। इधर, पॉलिटिकल पारी शुरू करने से पहले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार एक्टिव हो गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर लगभग 24 विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में संजय झा के अलावा परिवहन मंत्री श्रवण कुमार और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ कई युवा विधायक भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री आज अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर भी जाएंगे, वहां विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 से 14 मार्च के बीच इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक उनके राज्यसभा में नामांकन भरने के बाद नए सीएम को लेकर भाजपा और JDU के बीच चर्चा जारी है।
भावुक हुए सीएम, रो पड़े विधायक
इधर शुक्रवार को CM हाउस में मुख्यमंत्री की JDU विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में मौजूद कई विधायकों ने मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने के फैसले का विरोध किया। इस पर CM ने कहा- विरोध मत करिए मैं राज्यसभा जा रहा हूं। मैं वहां से सब देखता रहूंगा। बैठक में मौजूद विधायक विनय चौधरी ने बताया कि ‘मीटिंग के दौरान नीतीश भावुक हो गए। विधायक उन्हें देखकर रोने लगे। सभी एक स्वर में उनसे फैसला वापस लेने को कहने लगे। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा, अब छोड़ दीजिए। मुझे जाने दीजिए। नीतीश राज्यसभा जाने पर ही अड़े रहे। इसके बाद निशांत को राजनीति में लाने के पर सभी विधायकों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई।’ मीटिंग के नेताओं ने कहा कि 8 मार्च को निशांत कुमार JDU जॉइन करेंगे।
निशांत कल जॉइन करेंगे JDU
इस बैठक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फैसला नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में प्रवेश को लेकर रहा. विधायकों की सहमति और भारी मांग के बीच यह तय हुआ कि 8 मार्च को निशांत कुमार आधिकारिक रूप से जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे. राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि निशांत कुमार न केवल नई सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे, बल्कि उन्हें बेहद महत्वपूर्ण माना जाने वाला गृह मंत्रालय भी सौंपा जा सकता है. पार्टी के तमाम जनप्रतिनिधियों ने हाथ उठाकर निशांत के नेतृत्व पर अपनी रजामंदी दी है, जिसे जेडीयू में भविष्य के ‘उत्तराधिकारी’ के उदय के रूप में देखा जा रहा है.
नीतीश तय करेंगे बिहार का अगला CM- ललन
अगले मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर जारी सस्पेंस के बीच जेडीयू के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम निर्णय केवल नीतीश कुमार ही करेंगे. ललन सिंह के इस बयान से साफ है कि सत्ता हस्तांतरण की पूरी पटकथा नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द ही बुनी गई है. इधर, इस्तीफे की चर्चाओं के बीच भाजपा के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा की नीतीश कुमार से हुई बैक-टू-बैक मुलाकातों ने नई सरकार के गठन की प्रक्रियाओं को और तेज कर दिया है.
कार्यकर्ताओं में नहीं थम रहा आक्रोश
हालांकि, शीर्ष स्तर पर हो रहे इन बदलावों से जेडीयू कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश और असंतोष देखा जा रहा है. पटना में जेडीयू दफ्तर के बाहर समर्थकों का प्रदर्शन जारी है, जहां कार्यकर्ता नीतीश कुमार के इस फैसले को एक गहरी साजिश करार दे रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान गुस्से में आए कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कालिख भी पोती. राजधानी की सड़कों पर “नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर विचार” लिखे पोस्टर चस्पा किए गए हैं. अब सबकी नजरें 10 से 14 मार्च के बीच होने वाले संभावित घटनाक्रम और 8 मार्च को निशांत कुमार की राजनीतिक लॉन्चिंग पर टिकी हैं.
ललन सिंह बोले- अगला CM नीतीश तय करेंगे
बैठक में मंत्री अशोक चौधरी, विजय चौधरी और संजय झा मौजूद रहे। निशांत इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए। इससे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने बारी से बारी से मुख्यमंत्री मुलाकात की।
इस बीच जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार की इच्छा के खिलाफ कोई कुछ भी नहीं कर सकता हैं। बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा? ये भी नीतीश कुमार ही तय करेंगे।
पुराने चेहरों के साथ नई सरकार
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ-साथ बिहार में नई सरकार का फॉर्मूला तैयार होने लगा है। सूत्रों की माने तो नए मंत्रिमंडल में कुल 36 मंत्री बन सकते हैं। कैबिनेट का फॉर्मूला =17+15+2+1+1 रहेगा। यानि भाजपा से 17 मंत्री, जदयू से 15, लोजपा (R) से 2 और हम और रालोमो से 1-1। विधानसभा अध्यक्ष का पद भाजपा के पास रहेगा। वही विधान परिषद का सभापति जदयू से बनेगा।
ललन सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा से की मुलाकात
ललन सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की है। दोनों के बीच राज्यसभा में वोटिंग को लेकर चर्चा हुई। राज्यसभा के 5वें उम्मीदवार के रूप में उपेंद्र कुशवाहा ने नामांकन किया है। उनकी जीत को लेकर बैठक में रणनीति बनाई गई है। 5वें उम्मीदवार के रूप में उपेंद्र कुशवाहा का मुकाबला राजद के अमरेंद्र धारी सिंह से है। NDA में 4 राज्यसभा उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। उपेंद्र कुशवाहा को लेकर बहुमत नहीं होने से संशय की स्थिति बनी हुई है।
मंत्री श्रवण कुमार बोले- CM के जाने से सभी दुखी हैं
बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, “कल बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी बातों को स्पष्ट कर दिया है। यह उनका राजनीतिक (राज्यसभा जाने का) फैसला है…इससे सभी दुखी हैं…सभी लोगों ने निर्णय लिया कि हमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ रहना है और उनके हर फैसले पर उनके साथ रहेंगे…”
उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पर कहा, “हमने कहा था कि निशांत कुमार को आगे आना चाहिए, वो युवा हैं और उनकी अच्छी सोच है…परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हुए अब उनको आगे आना चाहिए, इसके लिए हम बातचीत कर रहे हैं…”







