बिहार की राजनीति में एक युग का अंत और नए दौर की शुरुआत की आहट है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद अब 16 मार्च को होने वाली वोटिंग पर सबकी नजरें टिकी हैं, जिसके बाद उनका दिल्ली जाना तय माना जा रहा है. हालांकि, इस फैसले से जदयू कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है, लेकिन सत्ता के गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल ‘अगला मुख्यमंत्री कौन?’ बन गया है. माना जा रहा है कि 10 मार्च तक नीतीश कुमार पद पर बने रहेंगे, जिसके बाद राज्य की कमान भाजपा के हाथों में जा सकती है.
बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? पाटलिपुत्र की धरती पर 20 साल बाद इस सवाल का जवाब ढूंढा जा रहा है। वरना, गठबंधन कोई हो, सीएम पद का उम्मीदवार फिक्स होता था। अगल-बगल के लोग बदलते रहते थे। चाणक्य की धरती से नीतीश कुमार ने हस्तिनापुर प्रस्थान का मूड बना लिया है। इसकी तैयारी के तौर पर राज्यसभा का पर्चा दाखिल हो चुका है। अप्रैल में बिहार की ‘गद्दी’ को खाली कर देंगे। इस बदलाव के साथ ही बिहार में ‘बड़े भाई’ की भूमिका में भाजपा के आने की चर्चाएं हैं। राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा अमित शाह के उन वादों की हो रही है, जो उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान किए थे। अमित शाह ने अलग-अलग मौकों पर अपने तीन खास करीबियों को ‘बड़ा आदमी’ बनाने का भरोसा जनता को दिया था। अब जब सत्ता की कमान बदलने वाली है, तो इन नेताओं की किस्मत चमकने के कयास लगाए जा रहे हैं।
बिहार का अगला CM कौन?
मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए पटना से दिल्ली तक बैठकों का दौर शुरू हो चुका है. फिलहाल भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं, जबकि विजय चौधरी, संजीव चौरसिया, नित्यानंद राय, नीतीश मिश्रा और श्रेयसी सिंह जैसे नामों की भी सियासी हलकों में चर्चा तेज है. अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि भाजपा आलाकमान किस चेहरे पर अंतिम मुहर लगाएगा, लेकिन नेतृत्व परिवर्तन को लेकर हलचलें चरम पर हैं.
निशांत की राजनितिक एंट्री तय
इस नए सत्ता समीकरण में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री भी लगभग तय मानी जा रही है. चर्चा है कि उनके पास सरकार में महत्वपूर्ण पद के साथ-साथ संगठन की बड़ी जिम्मेदारी भी हो सकती है. नए फॉर्मूले के तहत जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें निशांत कुमार और विजय चौधरी के नामों की सबसे अधिक चर्चा है. इस बदलाव के साथ बिहार की राजनीति एक बिल्कुल नए दौर में प्रवेश करने जा रही है.
तीन नेताओं को मिला था ‘बड़ा आदमी’ वाला वादा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के तीन नेताओं को अलग-अलग मौकों पर ‘बड़ा आदमी’ बनाने का वादा चुनावी सभा में किया था। इसमें सबसे पहला नाम केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का है। फिर उन्होंने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को चुनावी मंच से ‘बड़ा आदमी’ बनाने का वादा किया। फिर उन्होंने एक चुनावी सभा में सुनील कुमार पिंटू को ‘बड़ा आदमी’ बनाने का वादा किया था। अब ‘बड़ा आदमी’ वाली बात को बीजेपी में पद की रेस से जोड़ कर देखा जा रहा है।
नित्यानंद राय: उजियारपुर में अमित शाह ने बताया था ‘जिगरी दोस्त’
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उजियारपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी नित्यानंद राय के समर्थन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक चुनावी रैली को संबोधित किया था। नित्यानंद राय को अपना जिगरी दोस्त बताते हुए जनता से जिताने की अपील की। अमित शाह ने कहा था, ‘मैं 1500 किमी दूर उजियारपुर आया हूं। क्यों आया हूं कोई बताएगा? क्यों आया हूं? क्योंकि ये नित्यानंद राय हैं न, वो मेरा जिगरी दोस्त हैं। आप इन्हें सांसद बनाकर भेज दो। मैं इन्हें ‘बड़ा आदमी’ बनाने का काम करूंगा।’ बाद में नित्यानंद राय केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाए गए। अब बिहार में सीएम पद की रेस में भी शामिल हैं।
सम्राट चौधरी: अमित शाह ने भरे मंच से किया ‘बड़ा आदमी’ वाला वादा
बिहार चुनाव 2020 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रैली में सम्राट चौधरी को ‘बड़ा आदमी’ बनाने का वादा किया था। तब, मुंगेर के तारापुर सीट से चुनाव लड़ रहे सम्राट चौधरी के पक्ष में जब अमित शाह पहुंचे थे। उन्होंने लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील की थी। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘आप भरोसा रखिए। सम्राट चौधरी को प्रचंड बहुमत से जिताइए। मोदी जी सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाएंगे।’ तारापुर में सम्राट ने आरजेडी के अरुण कुमार को 45843 वोटों से हराया। यहां पर भाजपा को 122480 वोट मिले। बाद में सम्राट चौधरी बिहार के डिप्टी सीएम बनाए गए। अब वो सीएम पद की रेस में शामिल हैं।
सुनील कुमार पिंटू: सीतामढ़ी के ‘खास दोस्त’ की भी हो रही चर्चा
सीतामढ़ी से आरजेडी उम्मीदवार को पटखनी देने वाले सुनील कुमार पिंटू भी अमित शाह के ‘बड़ा आदमी’ वाली लिस्ट में शामिल हैं। अमित शाह ने उन्हें अपना दोस्त बताते हुए प्रचंड बहुमत से जिताने की अपील की थी। चुनावी आंकड़ों में मजबूत प्रदर्शन के बाद अब पिंटू के राजनीतिक कद में बढ़ोतरी की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। सीतामढ़ी में भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू को 104226 वोट मिले। उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी सुनील कुमार को 5562 वोटों से हरा दिया। सुनील कुमार पिंटू के पास फिलहाल कोई ओहदा नहीं है।







