बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का आज अंतिम दिन है. आज सदन में गैरसरकारी संकल्पों के साथ कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा और निर्णय लिया जाएगा. पूरे सत्र के दौरान हुई कुल बैठकों, पारित विधेयकों और उठाए गए सवालों की विस्तृत जानकारी समापन के मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार द्वारा दी जाएगी. सत्र समाप्त होने के बाद बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी. इसे लेकर विधायकों और राजनीतिक दलों की नजर आज की कार्यवाही पर टिकी हुई है.
बिहार विधान मंडल के आखिरी दिन आज भी हंगामे के आसार हैं। इधर, गुरुवार को सदन में पेश हुए CAG रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं। बड़ी बात ये सामने आई है कि सरकार राजस्व तक नहीं वसूल पा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2023 तक 4844 करोड़ रुपये राजस्व बकाया है। जिनमें से 1430.32 करोड़ 5 साल से पेंडिंग है।
वहीं फसलों की सब्सिडी में अनियमितता की बातें सामने आई हैं। साथ ही CAG ने ATS को लेकर परिवहन विभाग में गड़बड़ी का खुलासा किया गया है।
वहीं पटना सिटी के एक ट्रांसपोर्टर ने बाइक से 2 करोड़ 32 लाख रुपए के माल की ढुलाई दिखा दी। इसके आधार पर 19 लाख 32 हजार रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट दूसरे को ट्रांसफर कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार केवल दोपहिया ही नहीं, बल्कि चोरी और कबाड़ में जा चुके कुल 9 वाहनों को भी माल परिवहन में दिखाया गया।
इन वाहनों के नंबर पर ई-वे बिल जारी किए गए। मामले को पकड़ने में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, परिवहन विभाग और वाणिज्यकर विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। सीएजी ने बताया कि इनपुट टैक्स क्रेडिट पर नियंत्रण में वाणिज्य कर विभाग विफल रहा। 12 अंचलों की जांच में 22 करदाताओं ने 1,167.89 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट ले लिया। जबकि वे 914 करोड़ 51 लाख रुपए के ही हकदार थे।
इनपुट टैक्स क्रेडिट वह व्यवस्था है जिसके तहत आप अपनी खरीदारी पर चुकाए गए जीएसटी की छूट पा सकते हैं। जब कोई व्यापारी सामान बेचता है, तो वह ग्राहक से जो टैक्स वसूलता है (आउटपुट टैक्स), उसमें से वह अपनी खरीदारी पर पहले दिए गए टैक्स (इनपुट टैक्स) को घटा देता है। बाकी राशि सरकार को देनी होती है।
बिहार में नाबिलग को भी मिला पीएम आवास
बिहार में सीएजी की रिपोर्ट सामने आने के बाद कई विभागों में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना में साल 2019 से 2022 के बीच चार जिले में 21 ऐसे परिवार को आवास स्वीकृत हुआ, जिनके पास पहले से पक्का मकान था। इन्हें 24.30 लाख का भुगतान हुआ। वहीं, नाबालिग को भी आवास दिया गया, जिनके माता-पिता जीवित है। इन्हें ढाई लाख का भुगतान हुआ।
राजद विधायक बोले- CAG रिपोर्ट ने सरकार की पोल खोल दी है
राजद विधायक राहुल शर्मा ने कहा कि, एक ही खाते में 4 लोगों की सब्सिडी गई है। परिवहन विभाग में बड़ा घोटाला है। जो बचा हुआ पैसा होता है वो सरकार के खाते में डाला जाता है। लेकिन इस विभाग ने 3 महीने तक पैसा अपने पास रखा। ऐसे लगा रहा है कि सृजन घोटाले से भी बड़ा घोटाला हुआ है।







