ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। यौन शोषण के आरोपों में एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। एडीजे पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
दरअसल, शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने 173 (4) के तहत अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। 13 फरवरी को आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों का अदालत में वीडियोग्राफी के साथ बयान भी दर्ज किया गया था। वहीं कोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया था। बयान दर्ज करने और पुलिस रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद कोर्ट ने जजमेंट रिजर्व कर लिया था। अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बता दें अर्जी दाखिल करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट व शाकुंभरी पीठाधीश्वर हैं। उन्होंने झूंसी थाना पुलिस द्वारा मुकदमा न दर्ज करने पर 28 जनवरी को 173 (4) के तहत एफआईआर रजिस्टर करने के लिए अर्जी दाखिल की थी। आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण होता है। उन्होंने दावा किया है इसकी सीडी भी उन्होंने अदालत को सौंपी है। वहीं अब कोर्ट के आदेश पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि उन्हें कोर्ट से न्याय मिला है। वह प्रयागराज से विद्या मठ वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे और लोगों के सामने सच्चाई को बाहर लगाएं।
बता दें, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष व शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दाखिल अर्जी पर अदालत में शुक्रवार को सुनवाई हुई थी. प्रयागराज की एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों का अदालत में वीडियोग्राफी के साथ बयान दर्ज किया था. इसके साथ ही पोक्सो कोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट का भी संज्ञान में लिया था. नाबालिगों का बयान दर्ज करने और पुलिस रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने जजमेंट रिजर्व कर लिया था. अब शनिवार को अदालत ने इस मामले में फैसला भी सुना दिया है.
यह है मामला
गौरतलब है कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष व शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने 173 (4) के तहत अर्जी दाखिल की थी, जिसमें एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी. आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान 13 फरवरी को अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया और सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब कोर्ट के आदेश के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी. आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने कथित घटनाओं से संबंधित सीडी भी अदालत में सौंपी है. उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिला है और वे प्रयागराज से विद्या मठ, वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे ताकि लोगों के सामने सच्चाई रखी जा सके.
वहीं, इस मुद्दे पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान भी सामने आया था. उन्होंने कहा था कि जब चारों शंकराचार्य बैठेंगे तब बात करेंगे. अभी तो हमारे ऊपर आरोप लगाए गए है. हम इसका प्रमाण कोर्ट में प्रस्तुत कर चुके है. दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए. दो महीने में या जल्द ही अदालत इसका फैसला करेगी. इसपर विचारण जल्द होना चाहिए. उन्होंने कहा था कि जो एक्ट मेरे ऊपर लगाया गया है, इस एक्ट में यह नियम है कि ना तो बच्चे की पहचान को उजागर किया जाए और ना ही किसी दूसरे की पहचान को सामने लाया जाए. फिर भी ऐसा किया जा रहा है. सिर्फ मुझे बदनाम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है. जनता सब समझ रही है और देख रही है. गौ माता को प्रतिष्ठा देनी होगी.







