बिहार विधानसभा में विश्वविद्यालयों में जातीय भेदभाव और यूजीसी इक्विटी गाइडलाइन को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला. चर्चा के दौरान माले विधायक संदीप सौरव ने उच्च शिक्षण संस्थानों में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए “ब्राह्मणवादी मानसिकता” पर निशाना साधा, जिसके बाद सदन का माहौल गरमा गया. सत्ता पक्ष ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद स्पीकर ने विवादित शब्द को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया. वहीं उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी समाज के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है. उन्होंने अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें भी तकनीकी कॉलेज में रैगिंग का सामना करना पड़ा था और हॉस्टल छोड़ना पड़ा था. सदन में UGC की इक्विटी गाइडलाइन, रोहित वेमुला प्रकरण और उच्च शिक्षा में समानता पर भी चर्चा हुई. साथ ही बाबा भीमराव अंबेडकर के समतामूलक समाज के विचारों का जिक्र करते हुए भेदभाव खत्म करने की जरूरत बताई गई. हंगामे के बीच सदन में कई बार शोर-शराबा हुआ और माहौल तनावपूर्ण बना रहा.
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा- बिहार में अब कोई नक्सली नहीं
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सदन में कहा- मैं ये घोषणा करता हूं कि बिहार में अब कोई नक्सली नहीं बचा है। बिहार पूरी तरह उग्रवादी मुक्त हो गया है। 2 दिन पहले अंतिम उग्रवादी को पकड़ लिया गया है। अब तक 143 उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया है।
2700 अपराधियों को किया गया गिरफ्तार
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि आज बिहार में सुशासन की सरकार है। हत्या और डकैती के मामले में सात हजार और लूट के ढाई हजार ममाले दर्ज किए गए। इन मामलों में पुलिस ने 2700 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
डायल 112 के जरिए लोगों को मिल रही मदद
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, राजद रोज पहला ट्वीट क्राइम पर ही करती है। उन्हें शर्म नहीं आती है। गृह विभाग पर कोई कटौती प्रस्ताव नहीं दी। 112 के माध्यम से लाखों लोगों को लाभ दिया जा रहा है। घरेलू हिंसा के साढ़े 4 लाख मामले आए हैं। आज भी गलतफहमी में कोई नहीं रहिये। दायित्व भले बदल गया है। आज भी आखिरी निर्णय नीतीश कुमार का ही है।







